गर्माने लगा प्रदेश के सहायता प्राप्त कॉलेज स्टाफ के अधिग्रहण का मुद्दा
garmane Laga Pradesh ke sahayata prapt college staff ke adhigrahan ka mudda
Haryana news, रोहतक : हरियाणा प्रदेश के 97 सरकारी सहायता प्रास गैर-सरकारी महाविद्यालयों के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मियों के सरकार द्वारा अधिग्रहण किए जाने का मुद्दा गर्भाने लगा है। College teachers association Haryana के महासचिव डॉ. सुदीप गहलावत ने बताया कि यह मुद्दा 2014 के भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में था, लेकिन राजनीतिक नफे नुक्सान की गणना में 9 साल बाद भी सरकार अपने वायदे को पूरा नहीं कर पाई है। Haryana mein adhigrahan ka mudda
हालांकि, विद्यालय स्तर पर सरकार कर्मचारियों के अधिग्रहण का कार्य सफलतापूर्वक कर चुकी है, लेकिन एडिड कॉलेजों के स्टाफ को टेकओवर करने की प्रक्रिया अभी चल रही है। प्रिंसीपल एसोसिएशन, कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन और नॉन टीचिंग यूनियन के साथ ही कुछ कॉलेजों की प्रबंधन समितियां भी स्टाफ को सरकारी महाविद्यालयों में समायोजित करने के पूर्णतया पक्ष में है। Haryana News Today in Hindi,
इसके विपरीत कुछ मुट्ठी भर प्रबंधन समितियों के प्रधान इसके विरोध में हैं, क्योंकि जिस दिन उनके हाथ से एडिड स्टाफ का नियंत्रण चला गया, उस दिन से इनकी प्रधानी भी कागजी रह जाएगी, इसलिए ये लोग अपने राजनीतिक संबंधों के सहारे इस मामले को पुनः ठंडे बस्ते में डलवाने के लिए एड़ी- चोटी का जोर लगा रहे है। latest news haryana today,
वहीं एडिड कॉलेज नॉन टीचिंग एसोसिएशन हरियाणा के महासचिव सोहन लाल ने बताया कि सरकारी महाविद्यालयों में शिक्षकों के 4738 यानी 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं, जिसका सीधा प्रभाव छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है। एडिड महाविद्यालयों के स्टाफ में जो लोग 2006 के बाद भर्ती हुए हैं, वे कर्मचारी अपने भविष्य को असुरक्षित मानकर अधिग्रहण की मांग कर रहे हैं। नॉन टीचिंग स्टाफ को ए.सी.पी. का लाभ 2021 के बाद मिलना बंद हो गया। इसका सीधा मतलब है कि जो कर्मचारी जिस पे स्केल पर लगेगा, उसी पे-स्केल पर रिटायर होगा, जोकि अन्याय है। tahalka news Haryana,
7वें वेतन आयोग के अनुसार एच. आर. ए. आज तक रिवाइज नहीं किया गया। 2006 के बाद नियुक्त कर्मचारियों से ग्रैच्युटी का हक छीन लिया गया। स्टाफ को मैडीकल भत्ते की सुविधा भी नहीं मिलती। हर मामले में सौतेला व्यवहार इन कर्मचारियों के भविष्य के प्रति असुरक्षा का भाव पैदा कर रहा है, जिसके कारण एडिड स्टाफ लंबे समय से अधिग्रहण की मांग कर रहा है। Haryana ke mudde

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