BJP की जनविरोधी नीतियों से बर्बादी के कगार पर पहुंचा किसान - दीपेंद्र हुड्डा
BJP government ki Jan virodhi nitiyon se barbadi ke kagar per pahuncha Kisan dipender hooda
सांसद ने सर छोटू राम और शहीद राममेहर सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण
हरियाणा न्यूज, इंद्री : वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं राज्य सभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इंद्री हलके के गांव खेड़ी मान सिंह में दीनबंधु सर छोटूराम की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीद राममेहर सिंह की मूर्ति का भी अनावरण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि चौ. छोटू राम ने पद की लालसा छोड़कर हमेशा गरीबों व किसानों के हकों की लड़ाई लड़ी। वह अंग्रेज हुकूमत के अत्याचारों के खिलाफ न तो बोलने से डरते थे, न ही लिखने से। सर छोटूराम को नैतिक साहस की मिसाल माना जाता है। उनके लिए गरीब और जरूरतमंद किसानों की भलाई हर एक राजनीति, धर्म और जात-पात से ऊपर थी। Haryana News Today in Hindi,
चौ. छोटूराम जब तक जिंदा रहे संयुक्त पंजाब में कभी भी सांप्रदायिक शक्तियों को उभरने नहीं दिया। आज हम सभी को सर छोटूराम की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा को मजबूत करने की सबसे ज्यादा जरूरत है। दीपेंद्र हुड्डा राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार कर वापस लौटने के बाद शुक्रवार को करनाल में अनेक कार्यक्रमों में शामिल हुए। Haryana poltics News,
सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार की षड्यंत्रकारी नीतियों के कारण किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। चौधरी छोटू राम ने किसान को जिस गरीबी के दलदल से निकाला था। भाजपा सरकार आज किसान को उसी दलदल में वापस धकेलने का काम कर रही है। एक साल से ज्यादा समय तक चले ऐतिहासिक, अनुशासित, शांतिपूर्ण किसान आंदोलन और 750 किसानों की कुर्बानी के बाद इस सरकार को ये तीनों काले कानून वापस लेने पड़े। दुनिया में ये एक ऐसा उदाहरण है कि 750 किसानों के बलिदान के बावजूद किसान आंदोलन नेन तो अनुशासन तोड़ा न ही शांति भंग की। किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार पूरे देश में किसानों पर अत्याचार करने में भी नंबर-1 साबित हुई। latest news haryana today,
छोटू राम ने किसानों के लिए संघर्ष किया : उन्होंने बताया कि सर छोटू राम ने पराधीन भारत में कृषि की समस्याओं के निदान के लिए संघर्ष किया। किसानों व मजदूरों के हित में कानून बनवाने का काम किया। गिरवी जमीनों की मुफ्त वापसी एक्ट-1938 से किसानों को जमीन के अधिकार मिलने का रास्ता साफ हुआ। आज अगर किसान जमीन का मालिक है तो पर रोक लगाई थी। चौ. छोटूराम से प्रेरणा लेकर ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने कर्ज न चुका पाने वाले किसानों की जमीन की नीलामी वाले काले कानून को खत्म किया था। Haryana bhoomi adhigrahan niyam,
इस अवसर पर पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, विधायक बलबीर वाल्मीकि, पूर्व विधायक सुमिता सिंह, पूर्व विधायक भीमसेन मेहता, पूर्व विधायक राजकुमार वाल्मीकि, पूर्व विधायक लहरी सिंह, त्रिलोचन सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

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