स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

जम्मू कश्मीर में शहीद निशांत मलिक के अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, इकलौते भाई के लिपटकर रोई तीनों बहनें व मां, पिता ने तिरंगें को माथे से लगाया !

पंचतत्व में विलीन हुए शहीद निशांत मलिक, राजकीय सम्मान के साथ गांव ढंढेरी में हुआ अंतिम संस्कार


                                 शहीद निशांत मलिक के परिजनों को ढांढस बंधाती उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी।



हांसी : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज


जम्मू कश्मीर के राजौरी में हुए आतंकी हमले में गांव ढंढेरी के निशांत मलिक का शव शनिवार की सुबह हांसी स्थित उनके आवास पर पहुंचा और वहां से उनकी अंतिम यात्रा गांव ढंढेरी तक निकाली गई। उनको मुखाग्री शहीद के पिता ने दी। 





शहीद निशांत मलिक का शव जैसे ही हांसी पहुंचा तो हर कोई उनको अपने श्रृद्धासुमन अप्रित करना चाह रहा था और हर कोई शहीद के अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ पड़ा। जैसे ही उनके आवास से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई तो लोगों का हजूम उमड़ पड़ा और रास्ते में हर कोई भारत माता के जयकारे और शहीद निशांत अमर रहे के नारे लगाकर पुष्प वर्षा कर रहा था। हांसी से गांव ढंढेरी तक पहुंचने में वैसे तो मात्रा दस से पन्द्रह मिनट मुश्कील से लगते हैं, लेकिन शहीद की अंतिम यात्रा में तीन घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। जैसे ही तिरंगा लपेटकर उसके पिता जयबीर मलिक को थमाया गया तो उन्होंने तिरंगें को माथे से लगाया तो उसकी मां व तीनों बहनें फु ट फुटकर रोने लगी। उनकी आंखों में आंसू देखकर हर किसी के आंखों में पानी आ गया। करीब एक बजकर दस मिनट पर शहीद निशांत कुमार को उनके पिता ने मुखाग्रि दी।




कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए जवान निशांत मलिक पंचतत्व में विलीन हो गए। शहीद निशांत मलिक का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके गांव ढंढेरी में किया गया। इस अवसर पर हांसी के विधायक विनोद भयाना, उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी, पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत, भारतीय सेना के उच्च अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए और पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्घांजलि दी।



इससे पूर्व शहीद निशांत मलिक का पार्थिव शरीर हांसी में लाया गया। यहां से उनकी अंतिम यात्रा गांव ढंढेरी पहुंची। इस दौरान रास्ते में विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं ग्रामीणों ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी और शहीद निशांत मलिक अमर रहे के जयकारे लगाएं। ग्रामीणों के अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर राजकीय स्कूल में रखा गया। यहां जवानों ने शस्त्र उलटे करके व हवा में गोलियां दागकर उन्हें अंतिम सलामी दी।



अंतिम संस्कार में उपमण्डल अधिकारी नागरिक डॉ जितेंद्र सिंह अहलावत, भाजपा जिला महामंत्री एडवोकेट धर्मवीर रतेरिया, मंडल अध्ययक्ष नरेंद्र मलिक, भाजपा नेता प्रेम वर्मा, जगदीश भाटिया, तनुज खुराना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने शहीद निशांत मलिक को अपनी श्रद्वांजलि दी।



तीन बहनों का ईक्लौता भाई था निशांत मलिक

निशांत मलिक के पिता जयबीर सिंह भी फौज में थे और कारगिल की लड़ाई में उन्हें भी दुश्मन की गोलियां का सामना करना पड़ा था। निशांत मलिक के तीन बहनें हैं, जिनमें से दो बहनें विवाहित हैं जबकि एक का रिश्ता तय किया हुआ है और दिसंबर व जनवरी में उसकी शादी की तैयारियां घर में चल रही थी और उसके लिए निशांत ने गाड़ी भी बुकिंग की हुई थी। 

  


कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |