रामकुमार गौतम ने बोला दुष्यंत चौटाला पर हमला, खोपर बोरी की बोरी डकार गया, बढ़े बामण को ना पावर मिलने दी और ना ही पावरफुल होने दिया
Ramkumar Gautam attacked Dushyant Chautala, he gobbled up the sack full of Khopar, neither did he let the big Brahmins get power nor did he let them become powerful - Narnaund News
हरियाणा न्यूज हिसार : 2024 का चुनावी दंगल बड़ा ही रोचक होने वाला है। नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामकुमार गौतम ने शनिवार को अपने कार्यकर्ताओं की मीटिंग बुलाई और आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने दुष्यंत चौटाला पर हमला बोलते हुए कहा कि जब उन्होंने नई पार्टी बनाई तो दादा दादा करते आगे पीछे घूमते थे। लेकिन जैसे ही पार्टी की 10 सीटें आई और हरियाणा में भाजपा जजपा गठबंधन की सरकार बनी तो दुष्यंत चौटाला बोरी की बोरी डकार गया और अपनी पार्टी के किसी भी विधायक के हिस्से कुछ नहीं आने दिया और ना ही सबसे बुजुर्ग विधायक को ना ही तो पावर मिलने दी और ना ही पावरफुल होने दिया। खोपर पुरा का पूरा माल अकेला ही जिम गया।
रामकुमार गौतम ने नारनौंद की दादा देवराज धर्मशाला में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अबकी बार किसी भी सूरत में कच्चा चुनाव नहीं पक्का चुनाव लड़ूंगा और ताकत वाला विधायक बनकर लोगों का कर्ज उतारने का काम करूंगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब की बार 100 प्रतिशत विधानसभा का चुनाव लड़ूंगा। सभी कार्यकर्ता थोड़ा सा इंतजार करें समय आने पर आगे की रणनीति का खुलासा कर दिया जाएगा।
| खोपर में भी बैठा हूं सारा माल अकेला ही खा जाएगा और में टकूर टकूर देखता रहूं क्या। |
उन्होंने कहा कि अबकी बार विधायक बनकर कोई फायदा नहीं हुआ। जो ताकत मिलने की उम्मीद थी वह नहीं मिल पाई। दुष्यंत चौटाला पर वार करते हुए कहा कि वह अकेला ही सारा माल समेट गया। माल तो कमा लिया लेकिन अब अकेला ही घूम रहा है। जिस वर्ग के वोट मिले थे वह लोग भी उससे पीछे हट चुके हैं।
| नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामकुमार गौतम पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के साथ सोफे पर बैठे हुए। |
कभी लकड़ी दे देना या वोट दे देना की बात कर नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने रामकुमार गौतम विशेष समुदाय में खासी पकड़ रखते हैं। वह अपने अकड़ भाषा को लेकर भी मीडिया में बने रहते हैं। रामकुमार गौतम जब पहली बार 2005 के चुनाव में भाजपा से विधायक बने तो उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा का सहारा ले लिया और 2009 के चुनाव में वह कांग्रेस पार्टी की टिकट से चुनाव लड़े। परंतु उन्हें हर का सामना करना पड़ा और कुछ ही समय बाद उनका कांग्रेस से मोह भंग हो गया।
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2019 के विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी की टिकट से विधायक बने रामकुमार गौतम भाजपा जजपा गठबंधन सरकार में मंत्री पद न मिलने की वजह से दुष्यंत चौटाला से नाराज हो गए थे और उन पर लगातार अपने संबंधित विभागों में घोटाले करने और अन्य आरोप लगाते रहते हैं। लेकिन पूरे 5 साल का कार्यकाल बीत चुका है और रामकुमार गौतम ने ना ही तो जजपा से त्यागपत्र दिया है और ना ही विधायक पद से इस्तीफा दिया। लोकसभा चुनाव 2024 में उन्होंने इशारों इशारों में भाजपा का समर्थन किया था और कांग्रेस पर निशान साधा था। परंतु जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे गौतम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रति नरम होते दिखाई दे रहे हैं और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर शनिवार को हावी होते दिखाई दिए।
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रामकुमार गौतम ने अपने समर्थकों से कहा कि वह इस बार भी विधानसभा चुनाव पक्का लड़ेंगे। पिछले काफी समय से चर्चाओं का बाजार गर्म था कि राम पर गौतम इस बार चुनाव मैदान में उतरते हैं या नहीं इसको लेकर तरह-तरह के प्रयास लगाए जा रहे थे। हालांकि हल्के के लोग पिछले चुनाव में कैप्टन अभिमन्यु को हराकर काफी पछता रहे हैं और गौतम ने भी कैप्टन अभिमन्यु द्वारा करवाए गए विकास कार्यों की सहराना की है। परंतु हलके के लोगों में मलाल है कि 10 साल विधायक रहने के बाद भी आराम कर गौतम ने हलके के लिए ना ही तो कोई विकास कार्य करवाए हैं और ना ही विधायक बनने के बाद हल्के में दिखाई दिए। बल्कि उन्होंने हर मोड़ से पर अपने स्वार्थ की राजनीति की है।
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