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HAU in top 3 in all India ranking 2024 | ऑल इंडिया रैंकिंग में एच ए यू टॉप 3 में, जीजेयू सहित हरियाणा की यूनिवर्सिटी पिछड़ी

 HAU in top 3 in all India ranking 2024


ओवरऑल कैटेगरी में देश के टॉप विश्वविद्यालयों में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय 

हरियाणा न्यूज हिसार, सुनील कोहाड़: चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ( Chaudhari Charan Singh Haryana krishi vishwavidyalay ) के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। देशभर में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024 के लिए जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फे्रमवर्क (एनआईआरएफ)में देश के कृषि विश्वविद्यालयों में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी साख बढाई है जबकि वर्ष 2023 में इस कैटेगरी में पांचवा स्थान प्राप्त किया था। वहीं जीजेयू ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) इंडिया रैंकिंग 2024 की राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय श्रेणी में 47वीं रैंक हासिल की है।  






 इसी प्रकार कृषि शोध संस्थानों में 7वें स्थान पर छलांग लगाई है जबकि वर्ष 2023 में 10वें स्थान पर था । साथ ही ओवरऑल कैटेगरी में देश के टॉप विश्वविद्यालयों में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय रहा। कुलपति ने कहा कि यह उपलब्धि हरियाणा राज्य तथा विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैरशिक्षक कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा व किसानों की मेहनत का परिणाम है। यह सभी के लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों व किसानों को बधाई दी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने अपनी उपलब्धियों के कारण आज अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई है।







इस आधार पर तय होती है रैंकिंग

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी रैंकिंग के लिए शिक्षण संस्थानों को कई मापदंडों पर उनके प्रदर्शन के अनुसार अंतिम रूप दिया जाता है जिसमें सीखने और संसाधन, अनुसंधान और पेशेवर अभ्यास, आउटरीच और समावेशिता, स्नातक परिणाम और धारणा आदि शामिल हैं। यह रैंकिंग विषय डोमेन और संस्थान के प्रकार के आधार पर तैयार की जाती है।







इससे पहले भी कई उपलब्धियां हैं विश्वविद्यालय के नाम

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय को हाल ही में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (नैब) की ओर से सर्वश्रेष्ठ ए प्लस ग्रेड दिया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार, सरदार पटेल सर्वश्रेष्ठ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पुरस्कार मिल चुके हैं। इसी प्रकार विश्वविद्यालय मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ऑन इनोवेशन एंड एचीवमेंटस (एआरआईआईए) में कृषि विश्वविद्यालयों में देशभर में प्रथम स्थान हासिल कर चुका है। विश्वविद्यालय ने आईसीएआर रैंकिंग में तीसरा स्थान पाया था और विश्वविद्यालय में स्थापित एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर को स्व-उद्यमियों के विकास की दिशा में किए जा रहे श्रेष्ठ कार्यों के लिए नाबार्ड की ओर से सम्मानित किया गया है। वर्ष 2023 में विश्वविद्यालय को सरसों अनुसंधान एवं विकास कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए सर्वश्रेष्ठ केन्द्र अवार्ड, हकृवि के चारा व बाजरा अनुभाग को दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान केन्द्र अवार्ड से नवाजा जा चुका है।








भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित एनआईआरएफ 'इंडिया रैंकिंग 2024' के 9वें संस्करण में गुजविप्रौवि, हिसार को 'राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय' श्रेणी में 47वां स्थान, फार्मेसी श्रेणी में 55वां स्थान, प्रबंधन श्रेणी में 101-125वां स्थान तथा देश में विश्वविद्यालय श्रेणी में 101-150वां स्थान मिला

गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।  गुजविप्रौवि ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) इंडिया रैंकिंग 2024 की राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय श्रेणी में 47वीं रैंक हासिल की है।  यह विश्वविद्यालय के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है।  भारत सरकार के भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित एनआईआरएफ 'इंडिया रैंकिंग 2024' के 9वें संस्करण को सोमवार को जारी किया गया।  यह रैंकिंग भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा नई दिल्ली में घोषित की गई है।  इस रैंकिंग में गुजविप्रौवि को फार्मेसी श्रेणी में 55वीं रैंक, प्रबंधन श्रेणी में 101-125 रैंक और भारत में विश्वविद्यालय श्रेणी में 101-150 रैंक बैंड मिला है।  इस रैंकिंग में सभी राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित विश्वविद्यालयों ने भाग लिया।





विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस उपलब्धि के लिए पूरे विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी है। उन्होंने विशेष रूप से भारत में पहली बार शुरू की गई 'राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय' श्रेणी में देश भर के शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों में स्थान हासिल करने के लिए सभी हितधारकों को बधाई दी है।  उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रेणियों में विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठित रैंकिंग आना शिक्षकों, गैर शिक्षक कर्मचारियों तथा अन्य हितधारकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट प्रयासों का परिणाम है।





कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि एनआईआरएफ- इंडिया रैंकिंग 2024 में कुल 6517 विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों ने भाग लिया और इन संस्थानों द्वारा कुल 10845 आवेदन प्रस्तुत किए गए। प्रो. बिश्नोई ने यह भी बताया कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी यह एनआईआरएफ- इंडिया रैंकिंग 2024 शिक्षण, अधिगम एवं संसाधन (टीएलआर), अनुसंधान एवं व्यावसायिक अभ्यास (आरपीपी), स्नातक परिणाम (जीओ), आउटरीच एवं समावेशिता (ओआई) तथा सहकर्मी धारणा (पीपी) सहित पांच व्यापक मापदंडों पर आधारित है।  





कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि विश्वविद्यालय को मूल्यांकन व मान्यता के चौथे चक्र में नैक से 'ए+' ग्रेड प्राप्त हुआ है।  विश्वविद्यालय का स्कोपस एच-इंडेक्स बढ़कर 124 हो गया है, जिसमें कुल 96368 उद्धरण हैं तथा औसत पेपर उद्धरण 21.43 है, जो क्षेत्र में सर्वाधिक हैं।  विश्वविद्यालय ने कई नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, जो उद्योगों व समाज की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं की जरूरत हैं।  विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विभिन्न कोर्सिज की शुरुआत करने में भी अग्रणी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर ने भी भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में विश्वविद्यालय को लगातार मिल रही मान्यता के लिए विश्वविद्यालय के सभी हितधारकों को बधाई दी।





आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. आशीष अग्रवाल व उप निदेशक प्रो. कश्मीरी लाल ने भी एनआईआरएफ-इंडिया रैंकिंग-2024 के लिए विश्वविद्यालय के सभी हितधारकों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के दूरदर्शी, गतिशील और उत्साही नेतृत्व ने इन रैंकिंगस को पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।




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