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इंसान की आंखों की तरह होगी पशुओं की आंखों की सर्जरी, लुवास हिसार ने निकाला पशुओं की आंखों की बिमारी का तोड़

 Animal eye surgery will be like human eye surgery, LUVAS Hisar has found a solution to animal eye disease - Hisar News Today 

लुवास में पशुओं के आंखों की सर्जरी का प्रशिक्षण शुरू


हरियाणा न्यूज हिसार : इंसान के साथ-साथ आप पशुओं की आंखों की बीमारियों का भी तोड़ ढूंढने का प्रयास तेज कर दिया गया है। जिस प्रकार से इंसान की आंखों का ऑपरेशन किया जाता है इस प्रकार पशुओं की आंखों की बीमारी को दूर करने के लिए भी लुवास हिसार द्वारा पशुओं की आंखों की बीमारी को दूर करने के लिए उनकी सर्जरी करने का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। 







लुवास के पशुचिकित्सा महाविद्यालय के सर्जरी एवं रेडियोलॉजी विभाग में पशुओं के आंखों की सर्जरी में प्रशिक्षण हेतु पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत हुई। प्रशिक्षणार्थियों के लिए अपने बधाई सन्देश में माननीय कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि पशुओं में आँखों की बिमारियों के केस लगातार बढ़ रहे है तथा पशु कल्याण हेतू आँखों का उपचार अति आवश्यक है। पशु चिकित्सा के क्षेत्र में अनुभवी क्षेत्र विशेषज्ञों की कमी के कारण पशुओं की आँखों का समुचित इलाज नहीं हो पाता है। आशा है कि प्रशिक्षनार्थी इस प्रशिक्षण से हुए लाभ को पशु कल्याण हेतु हर संभव तरीके से उपयोग करेंगे।








कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए लुवास के अनुसंधान निदेशक डॉ0 नरेश जिंदल ने आँखों की महत्ता को रेखांकित करते हूए बताया कि इंसानों की तरह पशुओं में भी आँखें महत्तवपूर्ण है और अगर हम पशुओं की दृष्टि वापस लौटा सके तो यह पशुचिकित्सका विज्ञान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को उनकी सीखने की इच्छा के लिए बधाई देते हुए कामना कि जब आप इन तकनीकों में माहिर हो जाएंगे तो कम से कम दस और अन्य पशुचिकित्सकों को प्रशिक्षित करे तथा ये सीखने और सीखाने की कड़ी लगातार चलती रहे, और कोई भी पशु चिकित्सकीय अभाव के कारण दृष्टिहीन न रहें।









 ज्ञात हो कि अभी हाल ही में लुवास के चौदहवें स्थापना दिवस पर माननीय कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में सर्जरी विभाग में पशुओं के आंखों के उपचार के लिए नेत्र चिकित्सा इकाई की स्थापना की गई थी। इस इकाई से अब तक 200 से ज्यादा पशु लाभान्वित हो चुके है। पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. गुलशन नारंग ने प्रतिभागियों से पूरी लगन से अधिक से अधिक सीखने की अपेक्षा की एवं उनके सफल भविष्य की कामना की।







          विभागाध्यक्ष डॉ. आर एन चौधरी ने बताया कि यह प्रशिक्षण पांच दिन चलेगा जिसमें प्रतिभागियों को आंखों की पुतलियां, लेंस आदि में होने वाले विभिन्न सर्जिकल प्रक्रियाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए विभाग में सभी तरह के आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण की समन्वयक डॉ प्रियंका ने किया।








          इस प्रशिक्षण में दस प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं जो कि केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और हरियाणा से हैं। इस दौरान प्रतिभागियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण लुवास के अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा बेहतरीन तरीके से कराया जा रहा है।







          कार्यक्रम के दौरान लुवास के स्नातकोत्तर अधिष्ठाता डॉ0 मनोज रोज, मानव संसाधन निदेशक डॉ0 राजेश खुराना एवं अधिष्ठाता डेयरी विज्ञान एवं तकनीकी महाविद्यालय डॉ0 सज्जन सिहाग भी उपस्थित रहें।

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