Who was Mastana : कौन थे मस्ताना: कौन संभाल रहा है उनकी विरासत
कौन थे सांई शाह मस्ताना जी महाराज, कौन संभाल रहा है उनकी विरासत
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| Mastana Ji Maharaj (File Photo) |
Haryana News / सुनील कोहाड़ : सांई शाह मस्ताना जी महाराज ( Mastana) वो अवतार थे। जिन्होंने पाकिस्तान से आकर Dera Sacha Sauda Sirsa में राम नाम का डंका बजाया और लाखों करोड़ों लोगों को मानवता भलाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने सिरसा के बेगू रोड़ स्थित घने जंगल में डेरा सच्चा सौदा की नींव सन 1948 में रखी थी जो आज एक विशाल दरखत्त हो चुका है। जिस समय डेरा सच्चा सौदा बनाया जा रहा था तो वहां पर जहरीले सांप निकलने लगे तो मस्ताना जी महाराज ने एक भी सांप को मारने नहीं दिया। बल्कि वचन फरमाए कि भाई इन्हें मारना मत, पवित्र ईलाही नारा लगाकर इन्हें पकडक़र दूर छोड़ आवे आपको काटेंगें नहीं। ऐसा ही हुआ जो सांप फुकार मार रहे थे नारा लगाते ही वो चुप व शांत हो गए और अपने कुल मालिक के दर्शन कर निहाल हो गए।
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| Mastana Ji Maharaj Birthday wish |
बिलौचिस्तान में हुआ था मस्ताना जी का जन्म
सांई शाह मस्ताना जी महाराज का जन्म पाकिस्तान के बिलौचिस्तान में कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन हुआ था और वो शुरू दिन से ही राम नाम की भक्ति में लीन रहते थे। वो सच्चे सतगुरू की तलाश में इधर उधर घूमते रहते थे। लेकिन सच्चा गुरू नहीं मिलने से उनका मन निराध रहने लगा था।
बाबा सावन सिंह जी महाराज ने बख्शी दोनों जहान की ताकत
इसी दौरान एक दिन वो भारत के पंजाब राज्य स्थित ब्यास स्थित राधा स्वामी के डेरे में पहुंच गए। वहां पर सत्संग चल रहा था। राधा स्वामी के सत्संग में नाचना मना था। लेकिन सांई शाह मस्ताना जी नाचने लगे तो सत्संग में आए अन्य लोग देखकर सोचने लगे कि बाबा सावन सिंह जी महाराज इसको रोक क्यों नहीं रहे हैं। आखिरकार लोगों ने बाबा जी से पूछा कि आप हमें तो नाचने नहीं देते और मस्ताना नाच रहा है। तो बाबा सावन सिंह जी महाराज ने फरमाया कि भाई आप लोग दिखावा नाचते हो और मस्ताना भक्ति में लीन होकर राम नाम की धुन में नाच रहा है। जो राम नाम की धुन व अपने सतगुरू की तड़प पूरी होने पर खुशी में नाचे तो उसे हम तो क्या कोई नहीं रोक सकता। मस्ताना जी महाराज की राम राम की मस्ती देख बाबा सावन सिंह जी महाराज ने उन्हें दोनों जहान की ताकत बख्श्ते हुए कहा कि तुम बागड़ (सिरसा हरियाणा) में जाकर लोगों को राम नाम का जाप करना सिखाओ। तब उन्होंने डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की थी।
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| Pram Pita Shah Satnam Singh Maharaj |
किस किस ने संभाली मस्ताना जी की विरासत
सांई शाह मस्ताना जी महाराज ने सिरसा के जलालआणा साहिब के रहने वाले हरबंस सिंह को अपना उतराधिकारी बनानते हुए उन्हें डेरा सच्चा सौदा की गद्दी सौंप दी और उनका नाम बदलकर शाह सतनाम रख दिया। परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने यूपी के बरनावा आश्रम बनाया। जहां पर इन दिनों डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम जेल से रिहा होने के बाद रह रहे हैं। शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने करीब तीस साल तक लोगों को इन्सानियत का पाठ पढ़ाया और राम नाम से जोडक़र उनको जीने का असली मकसद बताया। उसके बाद शाह सतनाम सिंह जी महाराज जब बुजुर्ग हो गए तो उन्होंने राजस्तान के गुरूसर मोडिया गांव के नंबरदार सरदार मग्घर सिंह के घर की ईकलौती संतान सुरमीत सिंह को पवित्र गद्दी पर बैठाया और उनका नाम बदलकर संत गुरमीत राम रहीम सिंह रखते हुए फरमाया कि हम थे हम हैं और हम ही रहेंगे। ये तो हम बॉडी चेंज कर रहे हैं। क्योंकि इस बॉडी का समय इतना ही था और अब जवान होकर कई सालों तक राम नाम का डंका पूरे देश में ही नहीं विदेशों में भी बजाएंगे। सांई शाह मस्ताना जी महाराज व परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के पावन बचन पूरे हो रहे हैं और आज डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी हरियाणा ही नहीं बल्कि दुनिया के कौने कौने में मिल जाएंगे। संत गुरमीत राम रहीम ने ना सिर्फ लोगों को राम नाम से जोड़ा बल्कि मानवता भलाई के सैकड़ों कार्य करवाकर विश्व रिकार्ड भी कायम किया।
फटे पुराने वस्त्र पहनने पर संगत ने टोका तो दिया जवाब
सांई शाह मस्ताना जी महाराज घिसे पीटे पकड़े पहनते थे। काफी बार संगत ने कहा कि सांई जी आप पुराने वस्त्र क्यों डालते हो आपके पास क्या किसी चीज की कमी है। तो मस्ताना जी महाराज ने फरमाया कि बेटा इस बॉडी को यही सूट करता है। इसलिए पुराने वस्त्र पहनते हैं। लेकिन जब तीसरी बॉडी में आएंगें तब सब लोग कहेंगें कि ये कैसा संत है जो नए नए डिजाइनदार वस्त्र मिनट मिनट में धारण कर रहा है। तब लोगों की समझ में नहीं आया। लेकिन जब डेरा सच्चा सौदा की गद्दी संत गुरमीत राम रहीम को सौंपी गई और उन्होंने रू ब रू नाईटस कार्यक्रम शुरू किया तो वो मिनट मिनट में डिजाइनदार कपड़े पहनकर संगत के सामने आ रहे थे। तब उनकी पौशाक को देखकर लोग कहने लगे कि ये कैसा संत है जो डिजाइनदार कपड़े पहन रहा है। जो पुराने अनुयायी थे उनकी समझ में तब मस्ताना जी महाराज के वो वचन याद आए और संगत को बताया कि ये तो मस्ताना जी के वचन काफी वर्षो पहले ही हो चुके थे। जो दिन अब आ गया है।
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| Sant Gurmeet Ram Rahim Singh insan |
हर वर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा को डेरा सच्चा सौदा में विशाल भंडारे का आयोजन
सांई शाह मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार दिवस ( Mastana Ji Maharaj Birthday) पर डेरा सच्चा सौदा में एक भव्य विशाल MSG Bhandara का आयोजन किया जाता है। जिसमें देश विदेश से करोड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं और डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम ऑन लाईन गुरूकुल के माध्यम से सत्संग फरमाते हैं। इस दिन लोग समाज में फैली बुराईयों को मिटाने का संकल्प तो लेते ही हैं साथ ही नए जीव जो नशा आदि की लत का शिकार होकर अपने परिवार का जीना नरक बना दिया है वो भी यहां पर आकर नशे व अन्य बुरी आदतों का त्याग कर राम नाम से जुड़ जाते हैं।




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