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HSSC apil to highcourt group c post exam से अपील दायर करने के लिए समय मांगा, ग्रुप सी के पेपर होने में फिर देरी

  HSSC apil to highcourt group c post exam 

HSSC ने 16 अपीलें दायर करने के लिए समय मांगा, पहली अपील की प्रोसेसिंग फीस जमा कराने में हुई लापरवाही


• ग्रुप सी पदों के 62 ग्रुपों के उम्मीदवारों को झटका, कब सुनवाई होगी, कब पेपर होंगे, असमंजस की स्थिति बनी



तहलका न्यूज चंडीगढ़ : 

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ( HSSC jobs ) की एक और लापरवाही शुक्रवार को फिर उजागर हुई ग्रुप सी पदों के लिए सीईटी स्कोर रद्द कर संशोधित स्कोर जारी करने हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ दायर एक अपील पर शुक्रवार को सुनवाई होनी तय थी । सिंगल बेंच ने 17 याचिकाओं का एक साथ निपटारा किया था। मगर आयोग ने आधी रात में 17 में से एक केस + में अपील दायर की थी। जिस पर अगले दिन सुबह सुनवाई हुई थी। डबल बेंच ने अपील की सुनवाई करते समय ग्रुप 56, 57 के पेपर लेने की अनुमति दे दी थी मगर रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी थी।






 हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई करते समय प्रतिवादीगण को नोटिस ऑफ मोशन जारी करते समय एक सितंबर, 2023 को सुनवाई तय की थी। चूंकि सिंगल बेंच ने सीईटी स्कोर ही रद्द कर दिया था और अपील में डबल बेंच ने सिर्फ ग्रुप 56, 57 का पेपर लेने की अनुमति दी थी इसलिए शेष 62 ग्रुपों के पेपर लेने का शेड्यूल जारी नहीं हो सका । इन ग्रुपों के संभावित उम्मीदवारों को एक सितंबर, 2023 को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर निगाहें टिकी हुई थीं। सभी को लग रहा था कि आयोग की तरफ से हाईकोर्ट में जवाब दायर हो जाएगा, प्रतिवादीगण भी जवाब दे देंगे और हाईकोर्ट बचे शेष ग्रुपों के पेपर बारे कोई अंतरिम आदेश जारी कर देगा। अभ्यर्थियों को भी उम्मीद थी कि पेपर का शेड्यूल जारी करने की अनुमति मिल जाएगी।




न अपीलें दायर हुई, न प्रोसेसिंग फीस जमा हुई

तय तारीख एक सितंबर, 2023 को हाईकोर्ट में जैसे ही सुनवाई हुई। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से कहा गया कि आयोग सभी केसों में अलग-अलग अपीलें दायर करेगा। अभी एक अपील दायर हुई है, शेष 16 और अपीलें दायर होनी हैं। ये अपीलें अगले सप्ताह दायर हो जाएंगी। इसलिए आयोग को समय दिया जाएगा। 








खंडपीठ ने केस फाइल देखने के बाद सरकारी वकील से कहा कि पहले जो एक अपील दायर हुई है, उसमें भी प्रोसेसिंग फीस जमा नहीं है। इसलिए प्रतिवादीगण को नोटिस डिलीवर नहीं हो सका है। इस पर सरकार की तरफ से कहा गया कि वह प्रोसेसिंग फीस भी जमा करा दी जाएगी। प्रतिवादीगण के एडवोकेट रविंद्र सिंह ढुल ने पूछने पर दैनिक सवेरा को बताया कि चूंकि प्रतिवादीगण को नोटिस रिसीव नहीं हुआ क्योंकि अपीलकर्ता आयोग ने प्रोसेसिंग फीस जमा नहीं कराई। इसलिए प्रतिवादी नहीं जा सकते थे। उन्होंने कहा कि खंडपीठ ने शुक्रवार को फिर से नोटिस ऑफ मोशन जारी किया है। 





उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता ने यह भी कहा है कि हर एक केस की अपील दायर करनी है, इसलिए समय दे दिया जाए। अब खंडपीठ अगली सुनवाई की तारीख घोषित करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तब तक कोई पेपर नहीं हो सकेगा। सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल श्रुति जैन गोयल ने दैनिक सवेरा के पूछने पर कहा कि आयोग की तरफ से सिंगल-सिंगल अपील दायर करनी हैं इसलिए अदालत से समय मांगा है। ये अपीलें अगले सप्ताह दायर हो जाएंगी। प्रोसेसिंग फीस जमा न कराए जाने बारे पूछने पर उन्होंने कहा कि अगर फीस जमा नहीं हुई है तो जमा करा दी जाएगी। इसमें आयोग की मदद एडवोकेट जरनल कार्यालय का स्टाफ करता है। उन्होंने कहा कि पहली अपील की कापी प्रतिवादीगण को एडवोकेट जनरल कार्यालय ने भेज रखी है। उन्होंने कहा कि आयोग चाहता है कि जल्द से जल्द सुनवाई हो ताकि बचे ग्रुपों के पेपर भी लिए जा सकें।






एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने नाराजगी जताई

यह महत्वपूर्ण केस है क्योंकि ग्रुप 56, 57 में 41 सवाल रिपीट होने से सरकार और एचएसएससी की किरकिरी हुई है। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया हुआ है। इसलिए सुनवाई से एक दिन पहले 31 अगस्त की शाम एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने आयोग के साथ मीटिंग की। मीटिंग में एडवोकेट जनरल के अलावा HSSC chairman Bhopal Singh khadri आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी और अन्य थे। साथ में सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल श्रुति जैन गोयल भी थीं। जब एजी ने अन्य अपीलें दायर होने बारे पूछा तो आयोग की तरफ से बताया गया कि अपीलें दायर नहीं हुई हैं क्योंकि एक-एक अपील में 500- 500 पेज हैं। स्कैनिंग होने में समय लग रहा है और अगले सप्ताह तक ये अपीलें दायर हो जाएंगी। इस पर एडवोकेट जनरल ने काफी नाराजगी जताई क्योंकि पिछली सुनवाई गत 5 अगस्त को हुई थी और अगली सुनवाई एक सितंबर को होनी थी तो बीच में 25 दिन का समय बकाया था। मीटिंग यहीं समाप्त हो गई। उधर, प्रोसेसिंग फीस जमा कराने की प्रक्रिया की जानकारी में खुलासा हुआ कि यह लापरवाही आयोग की है। 



HSSC आयोग के स्टाफ को एडवोकेट जनरल कार्यालय के स्टाफ के साथ मिलकर यह प्रोसेसिंग फीस केस दायर होने के तुरंत बाद जमा करानी होती है ताकि प्रतिवादीगण को याचिका की प्रति और नोटिस ऑफ मोशन का नोटिस डिलीवर हो सके। आयोग के स्टाफ ने यह फीस भी जमा नहीं कराई। इससे पेपर होने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में मायूसी और नाराजगी है।

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