सुजोक थरेपी में मानव का पूरा शरीर पैरों और हथेली में - डाक्टर जुगल चहल
Haryana Sujok Health Care Centre, Barwala
हम अंग्रेजी दवाईयां नहीं, खा रहे हैं जहर - सरदानन्द राजली
हरियाणा सुजोक हैल्थ केयर सैंटर,बरवाला के थेरेपिस्ट सरदानन्द राजली ने जारी एक प्रेस ब्यान में बताया कि सामाज सेवा के साथ-साथ एक छोटा सा प्रयास कर रहे है। सुजोक थरेपी सेंटर पर बरवाला के अंदर दो दिवसीय कैम्प कल 31 अगस्त व आज 1 सितम्बर को कैम्प लगाया गया। इस कैम्प में देहरादून से इंटरनेशनल सुजोक एसोसिएशन से सर्टीफाइड सुजोक थेरेपी एक्सपर्ट डाक्टर जुगल चहल ने कैम्प में अपनी सेवाए दी सैंकड़ो लोगों ने इस कैम्प में स्वास्थ्य का लाभ उठाया।* हम अंग्रेजी दवाईयां खाकर बिमारियों को ठीक नहीं करते बल्कि नई बिमारियों को शरीर में आने का निमंत्रण देते है।हम अंग्रेजी दवाईयां नहीं खा रहे,जहर खा रहे है। सुजोक थरेपी हमारे सामने शानदार विकल्प है।
डाक्टर जुगल चहल ने बताया कि सुजोक थेरेपी के अनुसार शरीर मुख्यत: पांच अंगों से बना है- सिर, दो-दो हाथ-पांव। ये अंग शरीर के बीच के हिस्से से जुड़े होते हैं। इसी तरह हाथ के साथ हथेली होती हैं, जिसके साथ पांच-पांच उंगलियां भी होती हैं।सुजोक थरेपी एक पीड़ाविहीन पद्धति है, जिसमें अधिकांश मामलों में बीज या छोटा चुम्बक समस्या से संबंधित जोड़ या क्षेत्र में टेप से चिपका दिए जाते हैं। इसमें शरीर के आगे का हिस्सा हथेली की ओर तो पीछे का हिस्सा हथेली के पीछे की ओर माना जाता है। सुजोक में दो तरह से इलाज किया जाता है-फिजिकल और मेटाफिजिकल।
सुजोक थरेपी में बुखार, सांस से जुड़ी हुई गंभीर बीमारी दमा,सर्दी-खांसी की समस्या, बुढ़ापे में या कैल्शियम की कमी हो जाने के कारण पैर या घुटने की तकलीफ और रीढ़ की हड्डी की समस्या, पत्थरी, सिर्द, माइग्रेन, सुगर, सर्वाइकल, धरण, नजला, साईटिका, चर्म रोग, अलर्जी, गैस, तेजाब, कब्ज, पेट दर्द, बवासीर, बालों झडना, ह्रदय रोग, वीपी, स्लीप डिक्स, आंख, नाक, कान, गले का दर्द, खर्राटे, हर्निया, गदूद व मूत्र रोग, गठिया बाय, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, झनझनाहट, ल्यूकोरिया (स्त्री रोग) का उपचार सुजोक थेरेपी काफी प्रभावशाली ढ़ंग से कार्य करती है। सभी बीमारियों का इलाज मैग्नेट, सीड, कलर थरेपी व प्राकृतिक तरीके बिना दवाइयों के किया जाता है।
जारीकर्ता:-
सरदानन्द राजली
94163193888



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