स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

ना ईंट, ना सिमेंट और ना ही रेत, स्कूल में 17 लाख की लागत से कमरे बनकर तैयार

 Hisar fraud News : Neither brick, nor cement, nor sand, school room is ready at cost of 17 lakhs


कमरे बनाने की बजाय जैक से पुराने कमरे उठवाकर करवा दी रंगाई पुताई 

स्कूल में कमरे बनाने के नाम पर लाखों का घोटाला 



तहलका न्यूज हिसार, सुनील कोहाड़। 

हरियाणा सरकार की ओर से स्कूल में नए कमरे बनाने के लिए 17 लाख रुपये की ग्रांट आई, ग्रांट आते ही यह राशि खुर्द-बुर्द करने का खेल शुरू हुआ और ठेकेदार व मुख्याध्यापक सहित उच्च स्तर के अधिकारियों ने ऐसा कमाल दिखाया कि स्कूल में बिना राशि खर्च किए ही कमरे बनकर तैयार हो गए। इसके बाद शुरू हुआ भ्रष्टाचार व घोटाले पर पर्दा डालने का खेल, जो सीएम विंडो में शिकायत व जांच रिपोर्ट आने के बाद भी बदस्तूर जारी है। 




जांच रिपोर्ट आने के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई, बनाया फुटबॉल


खास बात यह है कि उपायुक्त के आदेशों को भी इस मामले में तरजीह नहीं दी जा रही और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय व डीपीसी कार्यालय ने इस जांच रिपोर्ट को फुटबाल बनाकर रख दिया है।





जी हां, बिना ईंट व बिना सामग्री के कमरे बनाने का कमाल हुआ है अग्रोहा खंड के कन्या प्राथमिक पाठशाला कनोह में। यहां पर वर्ष 2022 में कमरे बनाने के लिए 17 लाख रुपये से अधिक की ग्रांट विभाग की ओर से आई। ग्रांट आने के बाद तत्कालीन मुख्याध्यापक व ठेकेदार ने जो रणनीति बनाई, उसके आगे हर कोई नतमस्तक रहा। 







पूर्व विधायक के रिश्तेदार ठेकेदार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने किया कारनामा

ठेकेदार ने मुख्याध्यापक व अन्य अधिकारियों से मिलीभगत करके यहां पर नए कमरे न बनाकर पुराने कमरों को जैक सिस्टम से उठवा दिया और कमरे उठवाने के बाद नींव में पुरानी ईंटें भरकर कमरों की रंगाई-पुताई करवा दी। सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त शासन को ठेंगा दिखाते हुए यह कार्य करने वाला ठेकेदार भी कांग्रेस के पूर्व विधायक का नजदीकी रिश्तेदार बताया जा रहा है। 




जांच कमेटी ने माना शुद्ध गबन का मामला

सीएम विंडो पर लगाई गई इस शिकायत की जांच हुई, जांच कमेटी में शामिल बीआरसी अग्रोहा, लेखा अधिकारी एवं दो अन्य अधिकारियों ने अपनी जांच में स्पष्ट लिख दिया कि 17 लाख 16 हजार 126 रुपये की इस राशि से कोई स्वीकृत कार्य नहीं हुआ और यह राजकोष को गबन व नुकसान का शुद्ध मामला है। रिपोर्ट के अनुसार रास्ते, सीसी फर्श, फ्लैट, ईंट फर्श आदि मात्रा और माप साइट के अनुसार अलग- अलग है। रिपोर्ट के अनुसार मिट्टी आदि का कार्य वास्तविक बिल के अनुसार नहीं है। रिपोर्ट की खास बात यह है कि एडीसी द्वारा गठित समिति द्वारा कोई कोटेशन, मस्टरोल और बिल स्वीकृति नहीं किया गया है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जांच के दौरान मुख्याध्यापक द्वारा कोई मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। सभी पूछताछ राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला कनोह द्वारा दिए गए भौतिक अवलोकन व रिकॉर्ड की फोटोकॉपी के आधार पर की गई है।





भ्रष्टाचार पर हो रहे केवल दावे: सतीश

शिकायतकर्ता सतीश कुमार का कहना है कि सरकार केवल भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावे कर रही है जबकि वास्तव में न सरकार गंभीर है और न ही अधिकारी। जांच रिपोर्ट आने व सीधे तौर पर गबन व राजस्व को नुकसान का मामला बताए जाने के बावजूद भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस मामले से हटने के लिए उन पर भी दबाव डाला जा रहा है और भ्रष्टाचारी खुले घूम रहे हैं।

ताजा समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें 





दो दिन का दिया समय होने वाले हैं दो महीने 

भ्रष्टाचार के इस मामले पर पर्दा डालने का खेल देखिए कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से 11 जून को डीपीसी को पत्र लिखकर कहा गया कि इस भ्रष्टाचार की जांच करके स्पष्ट किया जाए कि दोषी कौन है। इस पत्र में स्पष्ट लिखा गया कि दो दिन के अंदर- अंदर मामले की जांच करके इस कार्यालय को सूचित किया जाए लेकिन पत्र लिखे दो दिन ही नहीं बल्कि दो माह होने वाले हैं, मौलिक शिक्षा अधिकारी का कार्यालय दोबारा जांच की बाट जो रहा है।

ताजा समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें 




दो शिकायतकताओं को दबा दिया, तीसरे ने दिखाया

कुछ समय बाद जब मामले का खुलासा हुआ तो नंगथला गांव के रमेश ने इसकी शिकायत सीएम विंडो में की लेकिन जैसे ही शिकायत जांच के लिए आई और सं बंधितों को पता चला तो उन्होंने इधर-उधर से दबाव डलवाकर शिकायतकर्ता को शांत कर दिया। इसके बाद कनोह गांव के संदीप ने इसकी शिकायत की लेकिन उसे गांव में रहने व किसी दूसरे के बहकावे में न आने देने की दलीलों से शांत कर दिया गया। धीरे-धीरे मामले की चर्चा होने लगी तो हिसार के आरटीआई एक्टिविस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता सतीश मेहरा ने तीसरी बार इस वर्ष 16 मार्च को फिर से सीएम विंडो में शिकायत कर दी। इस शिकायत पर भी पर्दा डालने व शिकायतकर्ता पर दबाव डालने का प्रयास शुरू हुआ, जो अब तक जारी है लेकिन शिकायतकर्ता के अड़िग रवैये के चलते शिकायत को जांच तक पहुंचाया गया।

ताजा समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें 






डीसी ने केस करवाने को कहा अफसरों ने दिखाया ठेंगा

जांच रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता सतीश कुमार मेहरा जांच रिपोर्ट की प्रति के साथ उपायुक्त उत्तम सिंह से मिला और उनसे इस पर कार्रवाई की मांग की। उपायुक्त ने जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को शिकायतकर्ता के सामने ही फोन करके संबंधितों पर भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए लेकिन इसको भी डेढ़ माह होने वाला है। जिस मौलिक शिक्षा अधिकारी को उपायुक्त ने निर्देश दिए थे, उनका तबादला हो चुका है और अब जो मौलिक शिक्षा अधिकारी आई है, उनके मामला ध्यान में नहीं है।

ताजा समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें 




एडीसी की कमेटी की नहीं ली गई परमिशन

विभागीय नियमों के अनुसार 12 लाख रुपये से अधिक की ग्रांट से कार्य करवाने के लिए एडीसी की कमेटी से परमिशन लेनी होती है लेकिन इस 17 लाख के मामले में ऐसा कुछ नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि सीएम विंडो में शिकायत लगने के बाद विभागीय अधिकारी एडीसी कार्यालय में खानापूर्ति के लिए पहुंचे थे लेकिन एडीसी ने उन्हें धमकाकर लौटा दिया।

ताजा समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें 




मामला डीपीसी के पास, दोबारा जांच को कहा: सुनीता

इसके बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के मौजूद न होने पर उप मौलिक जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता भाकर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच हुई है लेकिन जांच में डीपीसी ने स्पष्ट नहीं लिखा कि इसमें दोषी कौन है, इसलिए उनके पास यह मामला दोबारा भेजकर लिखा गया है कि स्पष्ट जांच करके बताया जाए कि दोषी कौन है। ऐसे में जब तक स्पष्ट नाम नहीं सामने आएगा, हम कार्रवाई किस पर करेंगे क्योंकि उस समय जो मुख्याध्यापक थे, वो भी सेवानिवृत हो चुके हैं।

ताजा समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें 





डीईओ बोले मेरी जानकारी

इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप सिहाग से बात की गई तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि यह जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से जुड़ा मामला है, इसलिए वे देख रहे हैं।

राजेश्वर बैनीवाल की रिपोर्ट 


ताजा समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें 

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |