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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में टैब के खिलाफ मुखर होने लगी ग्राम पंचायतें

Haryana news com: Gram Panchayats started becoming vocal against tab in government schools of Haryana

सरपंच बोले: सरकार वापस ले लो टैग, 'बच्चे देखते हैं यूट्यूब-ते हैं गेम, डाउनलोड कर रहे हैं गलत' चीजें 



तहलका न्यूज चंडीगढ़ / नवनीत शर्मा। 

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए गए टैब के खिलाफ प्रदेश की ग्राम पंचायतें मुखर होने लगी हैं। एक के बाद एक करीब छह ग्राम पंचायतों ने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार इन टैब को वापस ले लो। टैब देखकर बच्चे बिगड़ रहे हैं और असभ्य चीजें देख रहे हैं। वहीं, जींद की सरपंच एसोसिएशन ने भी एसीएस को पत्र लिखकर टैब वापस लेने की गुहार लगाई है। बाकायदा तमाम सरपंचों ने हस्ताक्षर करके पत्र भी जारी किया है।





यूटयूब, गेम और गलत चीजें कर रहे डाउनलोड

ग्राम पंचायत नगरां ब्लॉक अलेवा जींद हरियाणा की सरपंच मोनिका ने मुख्यमंत्री पत्र लिखकर कहा है कि विद्यार्थियों को दिए गए टैब का बहुत ज्यादा गलत असर पड़ रहा है। सरकार ने पढ़ाई का स्तर ऊंचा करने के लिए टैब दिए थे. लेकिन इसका असर उल्टा हो रहा है। जो टैब बच्चों को दिए गए हैं, उसमें बच्चे यूट्यूब, गेम्स वगैरहा डाउनलोड कर रहे हैं। यही नहीं गलत चीजें भी डाउनलोड कर रहे हैं। सरपंच ने मुख्यमंत्री से टैब वापस लेने की गुहार लगाई है। ऐसे ही पत्र जींद से ग्राम पंचायत खरकराम जी, ढिगाना, पलवल पृथ्ला से ग्राम पंचायत अलावलपुर, कैथल से गुहणा, सिरसा से माधोसिंधाना ने भी लिखा है।






इंजीनियर के सॉफ्टवेयर को 300 रुपये में क्रैक कर रहे बाहर के मैकेनिक

टैब वितरण के बाद से निदेशालय इस बात को लेकर दम भरता रहा है कि इंजीनियर ने टैब में तगड़े वाला लॉक लगा दिया है। अब कोई भी बच्चा सॉफ्टवेयर को क्रैक नहीं कर पाएगा। अगर वह करता है तो विभाग को पता चल जाएगा। मगर निदेशालय के अधिकारियों की यह तमाम बातें उस समय धरी की धरी रह जाती है, जब बाहर का मैकेनिकल इंजीनियर के दावों की मात्र 300 रुपये में सॉफ्टवेयर क्रैक करके पोल खोल देता है। यही कारण है कि बच्चे सॉफ्टवेयर क्रैक करवाने के बाद उसका मनमाफिक इस्तेमाल करते हैं और अब ग्राम पंचायतों को टैब की वापसी को लेकर मुखर होना पड़ रहा है।




अधिकारियों के निर्देशों और अभिभावकों के बीच पिस रहे स्कूल प्राचार्य

खास बात यह है कि टैबलेट वितरण के बाद से निदेशालय के अधिकारी लगातार स्कूल प्राचार्यों से बच्चों को टैब इस्तेमाल करने के दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं। यही नहीं इस टैब के 100 प्रतिशत इस्तेमाल को लेकर भी प्राचार्यों पर दबाव डाला जा रहा है। वहीं, विद्यार्थियों द्वारा टैब के गलत इस्तेमाल के बाद अभिभावक भी स्कूल पहुंचकर शिक्षकों के साथ-साथ प्राचार्यों की जान खाने लगे हैं। अभिभावक स्कूल प्राचार्यों से इन टैब को वापस लेने की गुहार लगा रहे हैं। नतीजा अब ऐसे में अधिकारियों के निर्देशों और अभिभावकों की फरियाद के बीच स्कूल प्राचार्य पिसते नजर आ रहे हैं। जिसका उनके पास भी कोई हल नहीं है।





हसला जल्द स्कूल शिक्षा मंत्री से करेगी मुलाकात

स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु का कहना है कि वैसे तो पहले ही दिन से टैब के दुरुपयोग की खबरें सामने आ रही हैं। मगर विभाग द्वारा इसका समय-समय पर तकनीकी समाधान निकालने के बाद से रास्ते भी निकलते रहे हैं। मगर विद्यार्थियों द्वारा हर बार टैब के सॉफ्टवेयर को क्रैक करके गैर शैक्षणिक कार्यों को करने की शिकायतें अभिभावकों से मिलती रही हैं। अब हाल ही में ग्राम पंचायतों ने भी टैब के गलत इस्तेमाल को लेकर अपने स्वर मुखर किए हैं। लिहाजा इन सभी समस्याओं को देखते हुए और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हसला जल्द ही स्कूल शिक्षा मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव और निदेशक सेकेंडरी से मुलाकात करेगा।


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