Hansi News : नारनौंद के पास टूटी चितंग नहर, खेतों में खड़ी फसल जलमग्न
Hansi News : Chitang canal broken near Narnaund, crops standing in the fields submerged
गांव पाली के पास टूटी चितंग नहर
तहलका न्यूज नारनौंद: सुनील कोहाड़।
हिसार जिले के नारनौंद हलके के गांव पाली में शुक्रवार की सुबह चितंग नहर टूट गई। इसकी सूचना मिलते ही गांव पाली, गगन खेड़ी और ढ़ाणी ब्राहम्णान के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नहर को पाटने में जुट गए। इसकी सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी कर्मचारी संसाधन लेकर मौके पर पहुंचे और नहर को पाटने में जुट गए।
सुबह सैर करने निकले तो नहर टूटने का लगा पता
गांव पाली निवासी अंकित ने बताया कि वो हर रोज की तरह सुबह सैर करने के लिए नहर पर पहुंचा तो देखा कि नहर टूटी हुई है और उसका पानी तेजी से खेतों व गांव की तरफ बढ़ रहा है। उसने तुरंत ही इसकी सूचना ग्रामीणों को दी और सरपंच मंदीप रापडिय़ा ने इसकी जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी नहर में आई दरार को पाटने के संसाधन लेकर मौके पर पहुंचे और राजथल हैड से नहर में पानी बंद करवाया। नहर टूटने के कारण सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। जिसके कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि नहर में क रीब 70 फीट चौड़ी दरार आई हुई है। Top india news Today
ग्रामीणों ने लगाया नहर के निर्माण कार्य में धांधली का आरोप
पाली व गगन खेड़ी के ग्रामीणों ने बताया कि पहले नहर ब्रिक्स से पक्की की हुई थी। लेकिन भाजपा सरकार आने पर तत्कालीन वित्तमंत्री एवं नारनौंद हलके के पूर्व विधायक कैप्टन अभिमन्यु ने इस नहर को कंकरीट से पक्का करवाया था। ताकि नहर का पानी टेल तक पहुंच सके। इसके लिए ग्रामीणों ने उस समय विरोध भी किया था कि इस तरह से नहर को पक्का करने से आसपास के जमीनी पानी पर गहरा असर पड़ेगा। क्योंकि नहर के अलावा आसपास के गांव में पीने योग्य पानी भी नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नहर को कंकरीट से पक्का हुए करीब सात साल ही हुए हैं और इतनी जल्दी नहर टूटने से साफ जाहिर होता है कि नहर के निर्माण कार्य में घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग कर धांधली की गई है। इसलिए इसकी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार व सिंचाई विभाग को किसानों की धान, कपास व अन्य फसलों में हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। क्योंकि धान की रोपाई करने व उसके ऊपर अब तक बहुत खर्च हो चुका है। किसानों ने बताया कि प्रति एकड़ उन्हें पन्द्रह से बीस हजार रूपए खर्च कर अपनी फसल को तैयार करन में लगे हुए थे। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को 40 हजार रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देना चाहिए।
सरपंच ने दी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना
इस संबंध में गांव के सरपंच मंदीप रापडिय़ा ने बताया कि नहर टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया था। नहर में करीब 70 फीट चौड़ी दरार आई है। दरार किस कारण से आई है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। क्योंकि नहर अलसुबह टूटी है। सुबह करीब चार बजे ग्रामीणों को इसके बारे में पता चला था तब तक सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो चुकी थी। सरकार को किसानों के हुए नुकसान की भरपाई के लिए स्पेशल गिरदावारी करवाकर उचित मुआवजा देना चाहिए।


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