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दो साल की सजा के बाद शुक्रवार को राहुल गांधी को लगा अब तक का सबसे बड़ा झटका !

India top news Rahul Gandhi got a big shock on Friday after two years sentence

2 साल सजा के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द !

तहलका न्यूज


 कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत की अदालत ने मानहानि केस में दोषी करार देते हुए वीरवार को दो साल की सजा और ₹15000  जुर्माना लगाया था। हालांकि अदालत ने 30 दिन के लिए सजा को स्थगित कर दिया था और राहुल गांधी को जमानत दे दी थी। लेकिन शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर में राहुल गांधी के सांसद की सदस्यता को रद्द करते हुए पत्र जारी कर दिया। राहुल गांधी के जीवन में इससे बड़ा झटका उन्हें कभी नहीं लगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक अगर कोई सांसद या विधायक किसी मामले में दोषी पाया जाता है और उसे 2 साल से ज्यादा सजा होती है तो उसकी सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखने को मिल रहा है। 









कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता राहुल गांधी केरल के केरल के वायनाड से 2019 में सांसद चुने गए थे। लोकसभा के चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने कर्नाटक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सभी चोरों के सरनेम मोदी के होते हैं ? इसको लेकर गुजरात के सूरत पश्चिम के बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर दलील दी थी कि उन्होंने पूरे समाज का अपमान किया है जबकि कोर्ट में सुनवाई के दौरान  तीन बार पेश हुए राहुल गांधी ने कहा था कि वो अक्सर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं। राहुल गांधी ने दलील दी थी कि मोदी ललित मोदी विजय माल्या जैसे देश का धन लूट कर भागने वालों को लेकर बयान दिया था। किसी भी समाज को निशाने पर नहीं बनाया और ना ही ललित मोदी विरोधी ओबीसी समाज से ताल्लुक रखते हैं। 





राहुल गांधी का अब क्या होगा 

सूट कोर्ट के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी को 30 दिनों के अंदर अंदर हाईकोर्ट में अपील करनी होगी इसको लेकर उनकी टीम कैरी करने में जुट गई है। अगर हाई कोर्ट उनकी याचिका को अस्वीकार कर देता है तो सुप्रीम कोर्ट जाने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है।





लोकसभा की सदस्यता रद्द होने के बाद राहुल गांधी को सरकारी बंगला खाली करना पड़ सकता है । अगर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वो केस हार जाते हैं तो ऐसे में राहुल गांधी को 2 साल तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है। साथ ही 8 साल के लिए कोई भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिए गए हैं।




 लोकसभा स्पीकर जैसे ही राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की सूचना मिलते ही कांग्रेसी नेता तिलमिला उठे और कहा कि भाजपा सरकार कानून की धज्जियां उड़ा रही हैं क्योंकि किसी भी संसद की सदस्यता रद्द करने का अधिकार क्यों राष्ट्रपति कौन है और इसके लिए राष्ट्रपति चुनाव आयोग से विचार-विमर्श करके ही अंतिम फैसला ले सकते हैं। लोकसभा स्पीकर इस तरह का फैसला नहीं ले सकते। 








सूरत कोर्ट फैसले के खिलाफ राहुल गांधी की टीम हाईकोर्ट में करने जा रही है। अगर हाई कोर्ट याचिका को स्वीकार करता है तो ठीक है, अगर किसी कारणवंश याचिका अस्वीकार कर देता है तो  राहुल गांधी जेल जाने से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। अभी तक राहुल गांधी की तरफ से याचिका नहीं डाली गई है। फैसले के खिलाफ अपील दायर करने के लिए 30 दिन का समय मिला है। 







प्रियंका गांधी ने कहा कि उसका भाई भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता रहा है और उठाता रहेगा वह किसी से डरने वाला नहीं है। करोड़ों लोगों की आवाज को उठाना कोई जुर्म नहीं है और ना ही उन्होंने किसी विशेष जाति को टारगेट कर भाषण दिया था। बल्कि देश को लूटने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। के खिलाफ असम के गुवाहाटी में धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा था कि 16वीं सदी के असम के वैष्णव मठ बरपेटा सतरा में संघ सदस्यों ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। इससे संघ की छवि को नुकसान पहुंचा है। ये मामला भी अभी कोर्ट में पेंडिंग है।







कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे: भाजपा ने राहुल को अयोग्य घोषित करने के लिए सभी तरीके आजमाए। जो सच बोल रहे हैं उन्हें वो पसंद नहीं करते, लेकिन हम सच बोलते रहेंगे। राहुल का बयान किसी समाज के संबंध में नहीं है, जो लोग पैसे लेकर भागे, जैसे ललित मोदी, नीरव मोदी और विजय माल्या वे क्या पिछड़े समाज से थे ?








राहुल गांधी पर मानहानि के 4 और मानहानि मुकदमे फैसला बाकी...


 राहुल गांधी ने सन् 2017 में महात्मा गांधी की हत्या का आरोप संघ पर लगाया था। एक संघ कार्यकर्ता ने राहुल पर IPC की धारा 499 और 500 के तहत मामला दर्ज कराया था। ये केस महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट में चल रहा है और इस केस में फैसला आना बाकी है। 







कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2016 में असम के गुवाहाटी में धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का केस दायर किया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा था कि 16वीं सदी के असम के वैष्णव मठ बरपेटा सतरा में संघ सदस्यों ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। इससे संघ की छवि को नुकसान पहुंचा है। इस मामले भी भी कोर्ट का फैसला नहीं आया है।






 झारखंड की राजधानी रांची में एक और केस 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज किया गया। ये केस रांची की सब-डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चल रहा है। राहुल के खिलाफ IPC की धारा 499 और 500 के तहत 20 करोड़ रुपए मानहानि का केस दायर किया गया था। इसमें राहुल के उस बयान पर आपत्ति जताई गई है, जिसमें उन्होंने 'मोदी चोर है' कहा था।






महाराष्ट्र में राहुल गांधी के खिलाफ सन् 2018 में ही एक और मानहानि का केस दायर हुआ था। ये मामला मझगांव स्थित शिवड़ी कोर्ट में चल रहा है। IPC की धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का केस दायर किया गया था। केस संघ के कार्यकर्ता ने दायर किया था। राहुल पर आरोप है कि उन्होंने गौरी लंकेश की हत्या को BJP और संघ की विचारधारा से जोड़ा।


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