जींद में गाड़ी में जिंदा जल गर्भवती महिला, बालाजी से दर्शन करके वापस घर आ रहे थे पति पत्नी !
Haryana Jind news Water spirit woman alive in car in Jind, returning home after visiting Balaji
तहलका न्यूज , जींद / सुनील कोहाड़ / साहिल भनवाला
नेशनल हाईवे 152d पर शुक्रवार की सुबह एक रीटिज कार में अज्ञात परिस्थितियों में आग लग गई। जिसमें सवार एक गर्भवती महिला जिंदा जल गई। वहीं गाड़ी भी जलकर खाक हो गई। पुलिस मामले की जांच करने में जुटी हुई है। गाड़ी में आप किस कारण से लगी है इसका अभी तक कोई पता नहीं चला है लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि एक ट्रक के साथ गाड़ी की टक्कर होगी जिसके बाद लेकिन इसकी पुख्ता जानकारी अभी तक हाथ नहीं लगी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच करने में जुटी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार जिले के गांव सिवाहा निवासी जितेंद्र और उसकी पत्नी सीमा बालाजी के दर्शन करने के लिए गए हुए थे। जब वह वापस आ रहे थे तो नारनौल से उन्होंने अपनी गाड़ी नेशनल हाईवे 152d पर चढ़ा ली। ताकि नेशनल हाईवे से होते हुए वो जल्द घर पहुंच सके और टूटी फूटी सड़कों से उसकी गर्भवती पत्नी को कोई परेशानी ना हो। लेकिन जैसे ही उनकी गाड़ी पिल्लूखेड़ा और धड़ौली सुबह करीब छः बजे पहुंचे तो अज्ञात परिस्थितियों में गाड़ी में आग लग गई। गाड़ी से जितेंद्र तो उतर गया। लेकिन सीमा उस में फस गई और वो बाहर नहीं निकल पाई। जिसके कारण चलने से उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर एक गाड़ी का बंपर भी टूटा हुआ मिला है और जली हुई कार का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके कारण गाड़ी में आग लग गई।
घर पहुंचने से चंद किलोमीटर दूर हुआ हादसा
जितेंद्र अपनी पत्नी सीमा के साथ बालाजी के दर्शन करें जब वापस आ रहा था तो करीब 10 मिनट में वह अपने गांव पहुंचने वाला था लेकिन उससे पहले ही पिल्लूखेड़ा और धड़ौली गांव के बीच में आसन गांव से पिल्लूखेड़ा मंडी रोड़ पर बने पुल पर उनकी गाड़ी में अज्ञात परिस्थितियों आग लग गई। यहां से उनके गांव की दूरी करीब 5 किलोमीटर ही है और हाईवे से पिल्लूखेड़ा गांव के पास उतरने का रास्ता होता तो यह महज 2 किलोमीटर ही बचती है।
गौरतलब है कि सिवाहा निवासी जितेंद्र की शादी हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के गांव बडाला निवासी सीमा के साथ करीब 8 साल पहले हुई थी और इन दोनों का एक 7 साल का बेटा भी है। ग्रामीणों का कहना है कि जितेंद्र की पत्नी सीमा व्यवहारिक वह हंसमुख थी। एक बेटी होने की चाहत में वो 6 साल बाद अब फिर गर्भवती हुई थी और सातवां महीना चल रहा था। लेकिन इस हादसे ने बेटी के सपने को चूर चूर कर दिया। इस हादसे में सीमा के ही नहीं जान गई बल्कि उसके पेट में पल रहे सात महीने के बच्चा भी सीमा के साथ गाड़ी में जिंदा जल गया।

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