डीसी ने तंबाकू कंट्रोल कार्यक्रम और एनडीपीएस एक्ट को लेकर अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा निर्देश
तंबाकू के दुष्प्रभावों ( side effects of tobacco ) को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं अधिकारी : डीसी
रेवाड़ी, 21 सितंबर
डीसी अशोक कुमार गर्ग ( DC Ashok Kumar Garg ) ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में तंबाकू के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। संबंधित विभाग सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर रोक लगाएं और उनके चालान करें। उन्होंने कहा कि बारे व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को तंबाकू के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों बारे जागरूक किया जाए। शिक्षण संस्थाओं ( educational institutions Haryana ) में जागरूकता कार्यक्रमों को लेकर विशेष कार्य योजना तैयार की जाए।
डीसी अशोक कुमार गर्ग बुधवार को जिला सचिवालय में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) और एनडीपीएस ( NDPS Act. ) एक्ट को लेकर आयोजित बैठक में जरूरी दिशा निर्देश दे रहे थे। उन्होंने बैठक में आमजन को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है और पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति पर 200 रुपए जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि दुकानों पर खुली बीड़ी सिगरेट बेचने पर भी दुकानदार का चालान किया जा सकता है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 वर्ग गज की दूरी पर किसी भी प्रकार का तंबाकू उत्पाद बेचना दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे को भी यदि तंबाकू उत्पाद बेचते पाया जाता है तो उस पर भी उचित चालान किया जा सकता है। प्रत्येक तंबाकू उत्पाद के पैकेट पर वैधानिक चेतावनी होना अनिवार्य है।
डीसी ने कहा कि सभी सार्वजनिक स्थलों जैसे होटल, रेलवे स्टेशन, सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय, बस स्टैंड, सिनेमा हॉल, विद्यालयों, महाविद्यालयों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट, बीडी या अन्य ढंग से धूम्रपान निषेध है। किसी भी सार्वजनिक स्थान के प्रबन्धक अथवा इंचार्ज द्वारा सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान निषेध क्षेत्र है। निषेध क्षेत्र में धूम्रपान करना अपराध है इत्यादि विषय पर चेतावनी बोर्ड लगवाना आवश्यक है ताकि सार्वजनिक स्थान पर लोग धूम्रपान न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था पर सही आकार व संख्या में अधिनियम अनुसार धूम्रपान मुक्त क्षेत्र के चेतावनी बोर्ड लगवाना तथा मुख्य द्वार पर लगे चेतावनी बोर्ड पर नोडल अधिकारी का नाम व नंबर लिखा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नियमों का उल्लंघन करने पर नोडल अधिकारी द्वारा 200 रुपए तक का जुर्माना करने का प्रावधान है।
डीसी ने कहा कि तंबाकू का प्रयोग जानलेवा साबित हो रहा है इसका दुष्प्रभाव का असर कई बार देर से पता चलता है। तंबाकू से कैंसर, टीबी जैसी जानलेवा बीमारियां होती है। तंबाकू के प्रयोग को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं तथा लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करें ताकि तंबाकू व धूम्रपान से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकें।
बैठक में डा. ज्ञानेंद्र मिश्रा ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कोटपा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थान के 100 गज के दायरे में सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों की बिक्री एक दण्डनीय अपराध है जिसका उल्लंघन करने वाले पर 200 रुपये तक जुर्माना हो सकता है। उन्होंने बताया कि धारा 6 के अन्तर्गत 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तम्बाकू पदार्थ बेचना दंडनीय अपराध है। इस बारे तम्बाकू विक्रेताओं द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाये जाने अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मुख्यत: लोगों को जागरूक करने का है। बीड़ी और सिगरेट से होने वाला धुआं आसपास के लोगों को बीड़ी पीने वाले के जितना ही प्रभावित करता है, हमें इसके उपयोग से बचना चाहिए। तंबाकू के प्रयोग से उत्पन्न होने वाले पदार्थ जैसे सिगरेट बट्स व अन्य तंबाकू पदार्थ भी उतना ही प्रभावित करते हैं।
बैठक में एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल, एएसपी पूनम दलाल, एसडीएम रेवाड़ी होशियार सिंह, एसडीएम बावल संजीव कुमार, एसडीएम कोसली जयप्रकाश, सीटीएम देवेंद्र शर्मा, उप सिविल सर्जन डा. विजय प्रकाश, डा. रजनीश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks