HBSE Exam आंसर शीट चैक कर रहे अध्यापकों पर गिरी गाज !
उत्तरपुस्तिका घर ले जाने की शिकायत मिलने पर चेयरमैन ने रंगे हाथों पकड़ा
उत्तरपुस्तिका जांच केन्द्र का निरीक्षण करते बोर्ड चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह।भिवानी : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा संचालित दसवीं और बारहवीं कक्षाओं की परीक्षाएं संपन्न होने के बाद पिछले एक सप्ताह से उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन कार्य किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश भर में 109 जांच सेंटर बनाए गए हैं। जिनमें दसवीं कक्षा के 70 और बाहरवी कक्षा के 39 सेंटरों पर उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन का कार्य किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं की तरह रोहतक जिले में उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन कार्य में धांधली की शिकायते मिलने के बाद चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह ने इस पर कार्रवाई सेंटर पर छापेमारी की तो उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों के पांव के नीचे से जमीन ही खिसक गई।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी मुख्यालय को शिक़ायत मिल रही थी कि उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन में ड्यूटी करने वाले शिक्षक जांच सेंटर पर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने की बजाय घर लेकर जा रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही बोर्ड के चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह ने सेंटर की रैकी की और जब मिली जानकारी पुख्ता हुई तो रोहतक के वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बनाए गए सेंटर पर छापेमारी कर दी। जिसके कारण स्कूल में हड़कंप मच गया। उनके द्वारा की गई छापेमारी में 12 उपनिरीक्षक व एक निरीक्षक पर गाज गिरी। क्योंकि ये उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन सेंटर पर करने की बजाय घर पर करने के लिए ले जाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिए गए।
चेयरमैन द्वारा की गई छापेमारी में फंसे अध्यापकों में से कोई पेट दर्द का बहाना तो कोई उल्टी दस्त का बहाना तो कोई घर के हालात ठीक ना होने की दुहाई देकर गिड़गिड़ाने लगे। लेकिन उनके गिड़गिड़ाने का बोर्ड चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह पर कोई असर नहीं हुआ और उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी। क्योंकि खुद बोर्ड चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह दो घंटे तक सेंटर के बाहर गाड़ी में बैठे सेंटर की गतिविधियों पर नजर गड़ाए हुए थे।
बोर्ड के चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह ने बताया कि उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन सेंटर पर शिकायत मिलने पर छापेमारी की गई तो वहां पर परीक्षा की गोपनीयता की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थी। उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन में ड्यूटी दे रहे 12 अध्यापक / अध्यापिकाओं के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है। उनको क्या सजा दी जाएगी ये शिक्षा निदेशालय ही तय करेगा।

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks