छात्राओं ने राखी गढ़ी पहुंच जाना हड़प्पा सभ्यता रहस्य !
राखीगढ़ी में हड़प्पा कालीन सभ्यता को देखने पहुंचे इंडस नर्सिंग कॉलेज खांडा खेड़ी की छात्राएं
राखीगढ़ी की टीलों पर खोदाई को देखती हुई इंडस कॉलेज की छात्राएं।
नारनौंद : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
आईकॉनिक साइट राखीगढ़ी पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और इन दिनों राखीगढ़ी के अलग-अलग टीमों पर खोदाई का कार्य जोरों से चल रहा है। इस संस्कृति को देखने के लिए भारी संख्या में पर्यटक राखीगढ़ी में पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में खांडा खेड़ी के इंडस नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं भी पहुंची और उन्होंने हड़प्पा कालीन सभ्यता की बारीकी से जानकारी ली।
अस्तित्व हेरिटेज फाउंडेशन के डायरेक्टर बलराम कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रों को बारीकी से खुदाई के बारे में बताया जा रहा है कि किस तरीके से खोदाई हो रही है और खोदाई के दौरान जो भी अवशेष निकले हैं। जैसे हड़प्पा कालीन सभ्यता की कच्ची ईटों की दीवारें, मिट्टी की चूड़ियां, बर्तन, कंकाल इत्यादि के बारे में बताकर उनको हड़प्पा कालीन सभ्यता की जानकारी दी जा रही हैं। उस समय का यह एक बहुत बड़ा मेगा सिटी शहर होता था जो की बड़ी अच्छी तकनीक से बसाया गया था। छात्रों को हमारी इस पुरानी संस्कृति को नजदीक से जानने का मौका मिल रहा है। पांच हजार वर्ष पहले भी इस धरती पर इंसान थे और वह किस तरीके से रहते थे। इंडस नर्सिंग कॉलेज खांडा खेड़ी के छात्राओं ने इस आईकॉनिक साइट के बारे में काफी बारीकियों से जानकारी ली है। खुदाई के बाद कुछ साइटों को प्रेरकों को देखने के लिए खुला छोड़ा जाएगा ताकि आने जाने वाले पर्यटक पुरानी अवशेषों को अच्छे तरीके से देख सकें। उसके बाद राखीगढ़ी में पर्यटकों की संख्या में और भी ज्यादा बढ़ोतरी होगी। साइट को देखने के लिए छात्रों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
कॉलेज की छात्राओं ने बताया कि इस ऐतिहासिक स्थल को देखकर बहुत कुछ जानने का मौका मिला है कि इतनी पुरानी संस्कृति हमारे प्रदेश में मौजूद है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। खुदाई के दौरान जो कंकाल मिले हैं उन्हें देखने का मौका पहली बार मिला है। और इन्हीं कंकालों से पूरी दुनिया में यह प्रमाण साबित होगा कि सबसे पहले इंसान की उत्पत्ति राखीगढ़ी में ही हुई थी।

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