आग के तांडव से छान गांव में भारी तबाही, घर बार छोड़ भागे ग्रामीण, पशुओं के खोले बंधन !
छान गांव में आग ने मचाई तबाही, पूरा गांव हो गया खाली
छान गांव में लगी आग को बुझाने में लगे ग्रामीण।छान गांव में लगी आग का विडियो देखने के लिए क्लिक करें
हिसार: सुनील कोहाड़ तहसलका न्यूज
सोमवार को तेज अंधड़ के कारण हरियाणा में अनेक जगहों पर आगजनी की घटनाएं घटित हुई। हिसार जिले के बरवाला कस्बे के निकटवर्ती गांव छान में आग ने खुब तांडव देखने को मिला। सैकड़ों एकड़ की तूड़ी जलने के साथ ही आग गांव में प्रवेश कर गइ। जिसके कारण महिलाएं बच्चों को लेकर घर से निकल गई। वहीं पशुओं को आग की चपेट में आने से बचाया जा सके। इसके लिए पशुओं को तालाब की ओर कर दिया। आग में तीन भैंसे झुलस गई। जबकि भैंसों को आग से बचाने गई महिलाओं को ग्रामीणों ने खींच लिया। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं देर रात बरवाला के एसडीएम सहित आला अधिकारी गांव में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
बरवाला उपमंडल के गांव छान में अज्ञात परिस्थितियों में आग लग गई और तेज आंधी चलने के कारण आग का रूख गांव की तरफ हो गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में गेहूं की कटाई का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका था और किसानों ने खेतों में तूड़ी के कूप लगाए हुए थे, साथ ही नरमा की बछंटी के चिटों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जो कुछ आग के आगे आया उन सबको राख करते हुए आगे बढ़ती गई और गांव के रिहायषी ईलाके में आ पहुंची। जिससे पूरे गांव में भगदड़ मच गई।
घरों को छोड़ भागे ग्रामीण
आग लगने के कारण छान गांव में धुआं ही धुआं हो गया और आग की चिंगारियां हवा के रूख के साथ गांव के एक छोर से दूसरे छोर तक उड़कर आने लगी। के ग्रामीणों ने अपने पषुओं को तालाब में बैठा दिया और महिलाएं घरों को छोड़कर बच्चों को लेकर सुरक्षित ठिकानों की तरफ निकल ली। वहीं अन्य ग्रामीण आग पर काबू पाने में जुट गए। बताया जा रहा है कि जैसे ही आग जोगिन्द्र खाती के मकान में पहुंची तो एक अधेड़ महिला ने मकान की छत के बारजे से ही बच्चों सहित नीचे कूद गई। महिला ने बताया कि वो छत पर काम कर रही थी और आग उनके मकान में लग गई तो धुएं के कारण कुछ दिखाई नहीं दिया। मकान के बाहर ग्रामीण आग पर काबू करने में जुटे हुए थे। इसलिए उसने सोचा कि अगर मकान में रही तो बच्चों सहित जल जाएगी। अगर कूदी तो हाथ पांव टूट जाएंगें। लेकिन जिंदा तो रह जाएंगे।
ग्रामीण उमेद सिंह चाहर, संपूर्ण, नरेश, कृष्ण कुमार, लीलूराम, राजेश, सुरेन्द्र, पवन इत्यादि ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही गांव के लोग ट्रैक्टर के पीछे स्प्रे मशीन जोड़कर आग बुझाने में जुट गए। वहीं गांव में आग फेलने की सूचना पर गांव संदलाना के युवा भी छान गांव पहुंचे और आग बुझाने में ग्रामीणों की मदद की। वहीं बनभौरी गांव के ग्रामीणों ने मनोज ठेकेदार के साथ मिलकर सड़कों पर गिरे पेड़ों को उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने से खेतों में तूड़ी के कूप, कपास की लकड़ियों के चीटे, तीन चार भैंस व कुछ मकानों में भारी नुकसान हुआ है। धूपा व अन्य कुछ ग्रामीणों के तो पशुओं का सारा का सारा चारा ही राख हो गया। ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीणों के इस नुकसान की आर्थिक मदद की जाए।
दमकल की गाड़ियों का रास्ता रोका
आग लगने की सूचना मिलते ही बरवाला, उकलाना, खेदड़ थर्मल पॉवर प्लांट और हिसार से फायर बिग्रेड की गाड़ियां तुरंत ही गांव की तरफ रवाना हो गई। लेकिन तेज आंधी के कारण जगह जगह पेड़ पड़े होने के कारण रास्ते ब्लॉक हो रहे थे। जिससे वो काफी देर बाद पहुंच पाई। तब तक ग्रामीण आग पर काबू पा चुके थे। वहीं बरवाला की तरफ से आने वाली दमकल की गाड़ियां फंसने के कारण जींद जिले से भी दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। वहीं बताया जा रहा है कि सीआईडी के दो कर्मचारी गांव की तरफ मोटरसाईकिल पर आ रहे थे तो अंधेरे में सड़क पर गिरा पेड़ दिखाई नहीं दिया और वो घायल हो गए।
आग लगने की सूचना मिलते ही देर रात करीब दस बजे एसडीएम राजेंद्र कुमार, थाना प्रभारी राज कुमार, नायब तहसीलदार रामनिवास भादू और फायर ऑफिसर सुमित ढांडा भी पहुंचे और आगजनी से हुए नुकसान का जायजा लिया।

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