प्रांजल सिंघवा का एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चयन
प्रांजल सिंघवा का एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए चयन
लगातार चार बार खेलो इंडिया, नेशनल में 5 बार चैंपियन रह चुकी है मुक्केबाज प्रांजल सिंघवा
बास / तहलका न्यूज - जय कुमार ढ़ांडा
क्षेत्र के गांव सिंघवा खास की बेटी प्रांजल सिंघवा का नेशन कप व एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए चयन हुआ है। रोहतक की नेशनल बॉक्सिंग अकडमी में 3 से 8 जनवरी तक आयोजित की गई थी। जिसमें देश के सभी राज्यों से मुक्केबाजों ने भाग लिया था। ट्रायल में प्रांजल सिंघवा का दो प्रतियोगिताओं के लिए चयन हुआ। जिसमें पहली नेशन कप प्रतियोगिता 22 से 30 जनवरी के बीच सर्बिया में होगी। वहीं दूसरी एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन 22 फरवरी से 15 मार्च तक जॉर्डन के ओमान में आयोजित होगी। जिसमें प्रांजल सिंघवा अपना दमखम दिखाएगी।
प्रांजल के पिता संदीप कुमार पंचकूला सीआईडी में एएसआई के पद पर तैनात हैं। जबकि मां सुदेश गृहिणी हैं। दोनों ने बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने में उसकी पूरी स्पॉट की और वो सुबह चार बजे उसे अभ्यास के लिए बॉक्सिंग रिंग में पहुंच जाते हैं। प्रांजल सिंघवा ने इसका श्रेय अपने कोच वीरेंद्र डांगी के साथ-साथ अपने माता-पिता व दादा-दादी को भी दिया है। कोच वीरेंद्र डांगी ने बताया कि प्रांजल सिंघवा में गजब की प्रतिभा है। महज पांच साल के खेल कॅरिअर में राज्य स्तरीय खिलाड़ी से प्रांजल एशियन चैंपियन तक पहुंची हैं। वह रोहतक के ताऊ देवी लाल खेल नर्सरी में वह महज आठ साल की उम्र से बॉक्सिंग के गुर सीख रही है और लगातार कठिन परिश्रम कर अभ्यास कर रही है। अगर वह इसी प्रकार कठिन परिश्रम करती है तो वह दिन दूर नहीं जब वह ओलंपिक में भी पदक अपने नाम करेगी।
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दादा रामफल व दादी सुमाती देवी ने कहा पौती पर गर्व है
प्रांजल सिंघवा के दादा रामफल व दादी सुमाती देवी ने कहा पौती पर उन्हें बहुत गर्व है। आज बेटियों ने बेटों से भी ज्यादा पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। उसकी प्रेरणा उसके चाचा विकास यादव हैं। वह तीन बार के ओलंपियन हैं। उनसे ही बॉक्सिंग की प्रेरणा उसको मिली। हमारी इच्छा है कि हमारी पौती वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लाए।
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2017 से लगातार लगाए गोल्डन पंच :
प्रांजल सिंघवा स्कूल नेशनल और नेशनल चैंपियनशिप में 2017 से लगातार स्वर्ण पदक जीतकर नेशनल चैंपियन रही है। इसके अलावा खेलो इंडिया में दो बार रजत और एक बार कांस्य पदक जीत चुकी हैं। प्रांजल का अगला लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप है।

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