काला पीर डेरा पेंगा के कार्यवाहक बने होगड बुढा बाबा रमाई नाथ
शब्दाई नाथ समाधि के तीन दिन बाद हुआ प्रतिभोज,साधुओं ने बडी संख्या में लिया भाग,काला पीर डेरा पेंगा के कार्यवाहक बने होगड बुढा बाबा रमाई नाथ ।
जींद/संवाददाता तहलका न्यूज - पवन डाहौला
काला पीर पेंगा डेरे के महंत शब्दाई नाथ की समाधि के तीन दिन पूर्ण होने पर साधुओं के लिए प्रतिभोज का आयोजन हुआ । इस अवसर पर बडी संख्या में साधुओं ने काला पीर डेरा पेंगा में पहुंचकर प्रतिभोज ग्रहण किया । प्रतिभोज के बाद साधु नाथ संप्रदाय के उझाना पीर के महंत राजनाथ ने ग्रामीणों की उपस्थिति में होगड बुढा बाबा रमाई नाथ को काला पीर डेरा पेंगा का कार्यवाहक सेवक नियुक्ति किया । इस दौरान पीर महंत राजनाथ ने बताया कि होगड बुढा बाबा रमाई नाथ काफी समय डेरे में सेवक थे जिन्होंने अभी कान नही पडवा रखें है नाथ नियमावली के अनुसार इनको गद्दी पर नही बैठाया जा सकता जब तक बुढा बाबा रमाई नाथ कान नहीं पडवा लेते उनको कान पडवाने के बाद ही गद्दी पर बैठाया जा सकता है । लेकिन होगड बुढा बाबा रमाई नाथ को तब तक काला पीर पेंगा डेरे में कार्यवाहक सेवक बनाया जा रहा है ।
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क्या था मामला
काला पीर डेरा पेंगा के महंत शब्दाई नाथ पर शुक्रवार सांय दो अज्ञात युवकों ने थुआ से पेंगा मार्ग पर उनका रास्ता रोककर उसके साथ मारपीट कर दी थी मारपीट तथा धमकी देने की शिकायत अलेवा थाना में दी गई थी लेकिन रात को पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नही की । मंहत शब्दाई नाथ ने रात्री के समय ही तीन पेज का एक सुसाईड नोट लिखा जिसमें चार लोगों पर प्रताड़ित तथा धमकी देने के आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी । आत्महत्या को लेकर शनिवार सुबह ही ग्रामीण एकत्रित होने शुरू हो गए थे आत्महत्या कर लेने की सूचना संडील डेरा के महंत मृतक महंत के पुत्र ननदाई नाथ को दी गई । सूचना मिलते ही ननदाई नाथ घटना स्थल पर पहुंचा पुलिस को पहले ही सूचना दी जा चुकी थी ।
अलेवा पुलिस फोरेंसिंक टीम तथा डीएसपी धर्मबीर खर्ब मौका पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया इस दौरान एक सुसाईड नोट मृतक महंत शब्दाई नाथ के पास से पुलिस को मिला फोरेंसिंक टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौका से साक्ष्य जुटाए । वहीं पुलिस ने संडील काला पीर डेरा के महंत ननदाई नाथ के ब्यान अंकित कर शव का नागरिक अस्पताल जींद में पोस्टमार्टम करवा शव उनको को सौंप दिया शव को लेकर ग्रामीण काला पीर डेरा पेंगा गांव में पहुंचे सूर्यास्त होने के कारण शनिवार को समाधि नही दी गई थी । महंत शब्दाई नाथ द्वारा की गई आत्महत्या तथा उसके साथ हुई मारपीट लोगों में चर्चा का विषय बन चुका था जो पूरे गांव में आग की तरह फैल चुका था । रविवार सुबह ग्रामीण डेरा में एकत्र हुए और ग्रामीणों ने मिलकर निर्णय लेते हुए मामले की जांच डीएसपी जितेंद्र कुमार से करवाने की मांग जिला अधिकारियों से की । अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग पर डीएसपी जितेंद्र को जांच अधिकारी नियुक्त कर गांव पेंगा काला पीर डेरा में भेजा गया डीएसपी जितेंद्र कुमार ने मौका पर पहुंच ग्रामीणों की बात को सुना ।
ग्रामीणों ने डीएसपी के सामने तीन मांग रखी जिसमें पहली मांग संडील डेरा के महंत ननदाई नाथ की सुरक्षा दूसरी एसआईटी का गठन और तीसरी मांग सुसाईड नोट में अंकित नाम कौथ काला पीर डेरा मठ के महंत शुक्राई नाथ हरिद्वार से चेताई नाथ एएसआई बालकिशन तथा हवलदार अशोक कुमार आरोपियों की गिरफ्तारी । डीएसपी जितेंद्र कुमार ने ग्रामीणों की तीनों मांगो पर सहमति देते हुए बताया कि महंत ननदाई नाथ को सुरक्षा उपलब्ध करवा दी जाएगी मामले की जांच एसआईटी के नेतृत्व में होगी लेकिन आरोपित लोगों को गिरफ्तार करने के लिए उनको एक सप्ताह का समय चाहिए क्योंकि यह एक जांच का मामला है उसके बाद ही गिरफ्तारी होगी ग्रामीण इस बात पर बिफर गए और मृतक महंत शब्दाई नाथ का शव उठाकर जींद कैथल मार्ग पर रख जाम लगा दिया । 30 घंटे बीत जाने के बाद थुआ तपा के गणमान्य लोग मामले के बीच आए गणमान्य लोगों द्वारा थुआ तपा की और से एक बीस सदस्यीय कमेटी का गठन किया और जिला प्रशासनिक अधिकारियों को बातचीत के लिए मौका पर बुलाया गया ।
कमेटी का नेतृत्व सोमदत्त शर्मा ने और प्रशासनिक अधिकारियों का नेतृत्व एएसपी कुलदीप सिंह ने किया दोनों पक्षों में लगभग आधा घंटे तक बातचीत चलने पर दोनों में सहमति बनी जिसमें सोमदत्त शर्मा ने अधिकारियों के सामने अनेक मांग रखते हुए बताया की सबसे पहले ब्यानकर्ता ननदाई नाथ की सुरक्षा व्यवस्था की जाए उसके बाद मामले की जांच एसआईटी से करवाई जाए और सुसाईड नोट में आरोपित लोगों की पांच दिन में गिरफ्तारी हो एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया आपकी सभी मांग पूरी हो जाएगी अब आप महंत के शरीर को जल्द से समाधि दें । कमेटी की और से अधिकारियों को आश्वासन दिया गया सूर्यास्त होने के कारण समाधि मंगलवार को दी जाएगी ।

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