जींद महापंचायत में गूंजे ये मुद्दे, खापों ने एक सुर में भरी हामी
लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने से खफा प्रदेश की खापें, तीन प्रस्ताव किए पारित
लड़कियों की शादी करने की उम्र बढ़ाने को लेकर पंचायत में शामिल खाप प्रतिनिधि वक्ताओं की बातें सुनते हुए। फोटो तहलका न्यूजजींद- सुनील कोहाड़ ( तहलका न्यूज )
Hindu Marriage Act व लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने के खिलाफ प्रदेश की खापें लामबंद हो गई है। इसको लेकर जींद में महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता ढ़ांडा खाप के प्रधान देवव्रत ढ़ांडा ने की।
माता पिता की मर्जी के खिलाफ शादी हो अमान्य
खाप नेता सुबे सिंह समैण ने कहा कि लड़कियों की शादी करने की उम्र 18 से 21 करके सरकार ने गरीब तबके के लोगों के सपनों का हनन किया है। सुबे सिंह समैण ने कहा कि गांव देहात में दूध दही व अच्छा भोजन मिलने से बच्चे जल्द ही जवान हो जाते हैं और काफी लड़के लड़कियां पढ़ाई छोड़ देते हैं या घरेलू परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। ऐसे में जवान लड़कियों को घर में इस बात को लेकर नहीं रख सकते कि 21 वर्ष होने पर ही उसकी शादी हो। वहीं सरकार को एक ही गांव, गुहांड व एक ही गौत्र की शादियों को अवैध करार देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण एक ही गांव व एक ही गौत्र के लड़के लड़कियां घर से भाग जाते हैं और शादी कर लेते हैं। इस पर रोकथाम के लिए सरकार को माता पिता की मर्जी भी जाननी चाहिए। क्योंकि लड़का-लड़की तो भाग कर शादी कर लेते हैं और सरकार उन्हें पन्हा दे देती है। परंतु उनके माता-पिता जीते जी मर जाते हैं और उनके तमाम सपनों की खुलेआम धज्जियां उड़ जाती है। ऐसा करने वाले लड़के लड़कियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। वहीं जो लड़कियां व महिलाएं अपने माता-पिता, पति और बच्चों को छोड़कर दूसरे व्यक्ति के साथ लव इन रिलेशनशिप में रहती हैं। ऐसी महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।
कंडेला खाप उम्र बढ़ाने के खिलाफ - ओमप्रकाश कंडेला
कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला ने कहा कि शहरों के बच्चे दूध लस्सी के लिए जीवन भर तरसते रहते हैं और गांव देहात के लोगों को भरपूर मात्रा में दूध लस्सी मिलती है। इसलिए गांव के बच्चे जल्द जवान हो जाते हैं। ऐसे में उन पर उम्र बढ़ा कर शादी से वंचित रखना गलत है। जिसका उनकी खाप विरोध करती है।
माता पिता की मर्जी के खिलाफ होने वाली शादी मानी जाए अवैध - सांगवान
महापंचायत में दादरी के विधायक सोमबीर सिंह सांगवान ने कहा कि गलत संगत के कारण कुछ लड़के लड़कियां माता-पिता की मर्जी के खिलाफ शादी कर लेते हैं। ऐसी शादियों पर कानूनन रोक लगाने के लिए माता-पिता की मर्जी शादी होने के बाद नहीं बल्कि पहले जाननी चाहिए। ताकि समाज को टूटने से बचाया जा सके। वहीं 21 वर्ष की आयु से पहले शादी करने में माता पिता की सहमति को अनिवार्य कर देना चाहिए।
गांव गुहांड व एक ही गौत्र में शादी मान्य नहीं - ढ़ांडा
महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे ढ़ांडा खाप के प्रधान देवव्रत ढ़ांडा ने कहा कि सरकार समाज के ताने-बाने को तोड़ने का प्रयास कर रही है। इसलिए एक ही गांव व एक ही गौत्र के घर से भागे लड़का-लड़की की शादी हो जाती है। जिसे समाज कभी उचित नहीं मानता। वहीं सरकार विज्ञान को मानती है तो विज्ञान पढ़कर डाक्टर बनने वाले डॉक्टरों की भी नहीं सुन रही सरकार। उन्होंने कहा कि एक ही गांव व एक ही गौत्र में शादी होने से अनेक गंभीर परिणामों के बारे में डाक्टर पहले ही लोगों व सरकार को अहाग कर चुके हैं कि इसके होने से बच्चे स्वस्थ रुप से कमजोर होंगे। साथ ही उनका रिश्ता भी सही नहीं रह पाएगा। इस तरह के मामलों में देखने में आता है कि कुछ समय बाद ऐसी शादियां टूट जाती हैं। जिसका ढ़ांडा खाप विरोध करती है।
30 साल से लड़ाई लड़ रहे हैं - टेकराम कंडेला
महापंचायत में अपना वक्तव्य रखते हुए सर्व जातिय खाप नेता टेकराम कंडेला ने कहा कि एक गांव, एक गौत्र वह गुहांड में शादियों के खिलाफ वो सरकार और अदालत में लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। लेकिन सरकारें लोगों के सपनों का गला घोंटने पर तुली हुई है। अब सरकार धीरे-धीरे बुढ़ापा पेंशन को खत्म करने में लग गई है। जिसको कदापि सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को छोटी उम्र के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए सोशल मीडिया फेसबुक, वहटशप, इंस्टाग्राम, ट्विटर इत्यादि के प्रयोग कर अंकुश लगाना चाहिए।
खाप मैरिज एक्ट के नाम से तीन प्रस्ताव किये गए पारित
शादी की उम्र 21 से खापों को एतराज नही लेकिन 18 साल की उम्र में भी परिजनों को लड़की की शादी का अधिकार मिलना चाहिए
कहा क़ानूनी उम्र 21 ठीक लेकिन सामाजिक उम्र यानी शादी की उम्र 18 ही होनी चाहिए
इसको लेकर खापें केंद्र और राज्य सरकार को ड्राफ्ट भेजेंगी
एक गांव और एक गोत्र में शादी को खाप ने अमान्य बताया
पास लगते गांव में भी शादी को खाप ने अमान्य माना है
जो गांव अब कस्बे बन चुके है उनमें गुहाण्ड यानी पास का गांव जैसा नियम लागू नही होगा जैसे जुलाना, सफीदों, नरवाना ,बरवाला, नारनौंद आदि कस्बो में लागू नही होगा यानी कस्बे
खापों का तर्क है कि परिस्थितियों के कारण परिजनों को 18 के आस पास शादी करनी पड़ती है

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