HTET Exam परीक्षार्थियों को करना होगा नए नियमों का पालन, नहीं तो रह सकते हैं परीक्षा देने से वंचित
HTET Exam 2021: इन नियमों का पालन नहीं करने वाले परीक्षार्थियों के सपने होंगे चकनाचूर !
hbse board file photo किन किन नियमों का करना होगा पालन
भिवानी : तहलका न्यूज
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ( Hbse ) द्वारा 18/19 दिसंबर को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का आयोजन कर रहा है। इस बार परीक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए काफी बदलाव किए गए हैं। जिन परीक्षार्थियों को इन नियमों के बारे में जानकारी नहीं होगी वो परीक्षा देने से वंचित रह सकते हैं। इसलिए परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को इन नियमों की जानकारी होना जरूरी है।
शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह ने बताया कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा अध्यापक पात्रता परीक्षा ( HTET ) का आयोजन 18 वह 19 दिसंबर को किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को दो घंटे पहले पहुंचना होगा। इस दौरान परीक्षा से पहले के तमाम नियमों को पूरा करना होगा।
परीक्षा दूसरों के सहारे पास करने वालों के मन सूबों पर फिरेगा पानी
काफी परीक्षार्थी परीक्षा में अपनी जगह दूसरे को बैठा देते थे। अब ऐसा नहीं हो सकता। क्योंकि इस बार परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षा देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बाईं आंख की स्कैनिंग की जाएगी और किसी के बाईं आंख नहीं है तो उसकी दाईं आंख की स्कैनिंग की जाएगी। इसके अलावा अगर किसी के दोनों ही आंखें नहीं है और नेत्रहीन हैं उनके बातें हाथ के अंगूठे के निशान लिए जाएंगे।
Haryana Education Board Bhiwani ( Hbse ) ( HTET ) Exam को बिना किसी विघन के करवाने को एक चुनौती के रूप में ले रहा है। इसके लिए परीक्षार्थियों के साथ साथ परीक्षा में गड़बड़ी ना हो सके। इसके लिए परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों को भी इन नियमों का पालन करना होगा। उन्हें परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षार्थियों की तालाशी, मेटल डिटेक्टर से तलाशी, आइरिस, बायोमैट्रिक डाटा कैप्चरिंग इत्यादि अनिवार्य औपचारिकताएं समय से पूरी हो सकें। परीक्षा आरम्भ होने से 1 घंटा पहले परीक्षा केन्द्र पर अभ्यर्थी को प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थी को किसी भी अवस्था में केन्द्र परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि जो दिव्यांग परीक्षार्थी हैं उन्हें भू तल पर इंट्री गेट के सबसे नजदीक के कक्ष में बैठाया जाएगा। उसके लिए अतिरिक्त पर्यवेक्षक की भी नियुक्ति की जाएगी। वहीं कुछ क्षेणी के दिव्यागों को 50 मिनट का अतिरिक्त समय देने का प्रावधान किया गया है। वहीं ऐसे नेत्रहीन परीक्षार्थी की शीट्स को बोर्ड द्वारा निर्धारित लिफाफे में ही सील किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर कोई परीक्षार्थी किसी हादसे का शिकार हो गया है और वो लिखने में असमर्थ है तो लेखन की अनुमति बोर्ड कार्यालय से ही लेनी होगी।

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