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रोडवेज में कंडेक्टरों का टोटा, ग्रामीण रुटों पर बसे मिस, जानेअ कौन काटेगा टिकट

फाईल फोटो

कहीं पर बसों का तो कहीं कंडेक्टरों का टोटा

जींद - तहलका न्यूज- 

   जींद रोडवेज विभाग इन दिनों कंडेक्टरो की कमी झेल रहा है। जिसके कारण ग्रामीण रुटों सहित अन्य रुटों पर बसों के चक्कर मिस होने के कारण यात्रियों के साथ साथ छात्रों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।‌


जींद रोडवेज में 37 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत मिलने के बाद कंडेक्टरों की समस्या आड़े आने लगी है। क्योंकि पहले ही कुछ कन्डेक्टर प्रमोट हो गए और कुछ सेवानिवृत्त हो गए और किलोमीटर स्कीम के तहत चालक निजी होता है और परिचालक रोडवेज का होता है। ऐसे में चालकों की संख्या में तो इजाफा हो गया। परंतु कन्डेक्टर कम पड़ गए।

 परिचालकों की कमी हो गई है। जींद डिपो में इस समय करीब 156 बसें चल रही हैं, जिन पर 235 परिचालक हैं। बसों की संख्या के हिसाब से 46 परिचालकों की और जरूरत है।


एडवांस बुकिग काउटरों पर वरिष्ठ परिचालकों को बैठाया गया था। परिचालकों की कमी के कारण बसें ना रुकें। इसके लिए इन वरिष्ठ परिचालकों को भी रूटों पर भेजा जा रहा है। उनकी जगह एडवांस बुकिग काउंटरों पर टिकट काटेंगे। एडवांस बुकिग टिकट काट रही तीन महिला परिचालक भी अब रूटों पर जा रही हैं। 

इन रुटों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर

परिचालकों की कमी के कारण ग्रामीण रूटों के साथ-साथ जींद से रोहतक, गोहाना, कैथल, भिवानी रूट पर भी यात्रियों को कई-कई देर में बसें मिल रही हैं।

नई बसों के बेड़े में शामिल होने से गहराएगी किल्लत

जींद डिपो के बेड़े में 35 बसें और शामिल होनी हैं। पहले ही परिचालकों की कमी के कारण परेशानी झेल रहे डिपो में नई बसों के आने के बाद व्यवस्था और बिगड़ेगी। अगर जींद डिपो को और परिचालक नहीं मिलते हैं, तो नई बसों को आनरूट करना मुश्किल होगा। इसलिए नई बसें आने का फायदा यात्रियों को तभी होगा, जब प्रयाप्त संख्या में कन्डेक्टर होंगे।

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