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संडील गांव में काला पीर डेरा विवाद मामला : अदालत के फैसले पर टिकी ग्रामीणों व प्रशासन की निगाहें

 Kala Peer Dera dispute case in Sandil village: Eyes of villagers and administration fixed on the court's decision - Jind Haryana News  


हरियाणा न्यूज जींद : जींद जिले के गांव संडील स्थित काला पीर डेरा विवाद में मंगलवार को भी पुलिस प्रशासन तथा ग्रामीणों बीच किसी प्रकार की सहमति नहीं बनी। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को कहा कि किसी भी सूरत में महंत नंदाई नाथ तथा उसकी शिष्या दुर्गाईनाथ को डेरे में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। जिससे अब पुलिस प्रशासन तथा ग्रामीणों की निगाहें बुधवार को कोर्ट के फैसला आने पर टिक गई हैं और पुलिस प्रशासन ने कोर्ट का फैसला आने तक गांव से पुलिस बल को हटा दिया है। संडील गांव स्थित काला पीर डेरे का विवाद पिछले कई दिनों से ग्रामीणों तथा महंत नंदाईनाथ व दुर्गाईनाथ के बीच चल रहा है।







 साध्वी दुर्गाईनाथ का आरोप है कि ग्रामीणों ने उनके साथ अभद्रता की ओर जबरन डेरे से निकाल दिया। इस पर पुलिस पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया। ऐसे में साध्वी द्वारा पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई। जिस पर जांच के लिए हिसार रेंज के आईजी एडीजीपी एम रवि किरण पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार अभी डेरा विवाद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है, लेकिन जैसे ही सोमवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान निर्णय आने से पूर्व ही महंत नंदाईनाथ ओर उनकी शिष्या दुर्गाईनाथ ने संडील गांव स्थित काला पीर डेरे में जाने की बात कही। 








इसको लेकर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और सुरक्षा के मध्यनजर गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। यहीं नहीं पुलिस प्रशासन ने सोमवार को ही सुरक्षा के मध्यनजर उचाना के डीएसपी नवीन संधू तथा अलेवा थाना प्रभारी बनवारी लाल के अलावा उचाना से भारी पुलिस बल की तैनाती कर गांव वालों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन गांव वालों ने किसी भी सूरत में महंत नंदाईनाथ ओर उनकी शिष्या दुर्गाईनाथ को डेरे में दाखिल होने पर रोक लगा दी। हालांकि मंगलवार को भी पुलिस प्रशासन ने सहमति नहीं बनती देखकर अदालत के फैसला आने तक पुलिस प्रशासन ने गांव से पुलिस बल को हटा दिया है। हिसार रेंज के एडीजीपी ग्रामीणों से मिले थे।








गांव से पुलिस बल हटाया

अलेवा थाना प्रभारी बनवारी लाल ने बताया कि सोमवार को कोर्ट का फैसला आने से पूर्व ही मंहत दुर्गाईनाथ ओर उनकी शिष्या दुर्गाईनाथ ने संडील गांव स्थित काला पीर डेरे मे जाने की बात कही। जिस पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मध्यनजर गांव में पुलिस बल की तैनाती की थी। मामले को लेकर गांव वालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गांव वाले किसी भी सूरत में नंदाईनाथ ओर उनकी शिष्या दुर्गाईनाथ के डेरे में आने पर रोक लगाई हुई है। हालांकि मामले को लेकर बुधवार को हाइकोर्ट को फैसला आना है। फैसले के बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा। फिलहाल गांव से पुलिस बल को हटा दिया है।

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