सरकार पर अनदेखी का आरोप: रिटायर्ड कर्मचारी ज्वाइंट कमेटी ने किया संघर्ष का ऐलान, 12 अगस्त को कैबिनेट मंत्री के आवास का घेराव
l Government accused of negligence: Retired Employees Joint Committee announced struggle, will surround the residence of the Cabinet Minister on August 12 - Hisar News Today
रिटायर्ड कर्मचारी 12 अगस्त को करेंगे कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के आवास का घेराव : राजपाल नैन
हरियाणा न्यूज हिसार : हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबंधित हरियाणा सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन की बैठक बस स्टैंड परिसर स्थित रोडवेज कर्मचारी यूनियन कार्यालय में एमएल सहगल की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन राजबीर सिंधु ने किया। बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा रिटायर्ड कर्मचारियों की मांगों को लेकर दिखाई जा रही उपेक्षा को लेकर रोष प्रकट किया गया। बैठक में रोडवेज, पुलिस, शिक्षा, उपायुक्त, आबकारी एवं कराधान सहित अनेक विभागों के रिटायर्ड कर्मचारी शामिल हुए।
बैठक के बारे में जानकारी देते हुए रिटायर्ड कर्मचारी ज्वाइंट एक्शन कमेटी के मण्डल कन्वीनर राजपाल नैन ने बताया कि हरियाणा सरकार रिटायर्ड कर्मचारियों की मांगों की लगातार उपेक्षा कर रही है, जिसके चलते रिटायर्ड कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर तथा पत्राचार के माध्यम से मुख्यमंत्री से बातचीत कर मांगों का समाधान करने की अनेकों बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक सरकार द्वारा इसको लेकर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इसलिए मजबूरन संगठन ने आज बैठक में सर्वसम्मति से 12 अगस्त को कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के आवास का घेराव करने का फैसला लेना पड़ा।
उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा आंदोलन को लेकर 21 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है जिसमें एमएल सहगल, राजपाल नैन, राजबीर सिंधु, उदयवीर दूहन, महेंद्र सिंह स्याहड़वा, वेद प्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश थानेदार, मनफूल आदमपुर, बलबीर देसवाल, भरत सिंह पुनिया, कर्मबीर हेडमास्टर, रूप सिंह बोस, महावीर निदानी, होशियार सिंह, रणजीत सिंह, जयवीर कुंडू, गुलाब सिंह यादव, राजकुमार पाबड़ा, रामकिशन, मनीराम चीनिया आदि को शामिल किया गया है।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के मण्डल कन्वीनर राजपाल नैन ने बताया कि सेवानिवृत कर्मचारियों की मांगों में प्रदेश के सेवानिवृत कर्मचारियों की पेंशन में पंजाब, हिमाचल प्रदेश व केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की तर्ज पर पेंशन में 65, 70 व 75 वर्ष होने पर क्रमश: 10,15 व 20 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी करना, मेडिकल भत्ता एक हजार से बढ़ाकर तीन हजार मासिक करना, कम्यूटेशन की कटौती 15 वर्ष की बजाय 12 वर्ष करना, फेमिली पेंशनर्स को एलटीसी की सुविधा प्रदान करना, पेंशन की आय को टैक्स रहित करना, 18 महीने के बकाया एरियर का भुगतान करना आदि मांगें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को लोकसभा चुनाव से सबक लेते हुए रिटायर्ड कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने ऐसा नहीं किया तो आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख रिटायर्ड कर्मचारी व उनके परिवार उसे सत्ता से बाहर करने का काम करेंगे।

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