फतेहाबाद में पार्षदों ने प्रधान व उपप्रधान के खिलाफ खोला मोर्चा, पार्षदों का ऐलान, अफसरों की मनमानी , ठेकेदारों की गुंडागर्दी और नगरपरिषद में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ मिल कर लड़ेंगे लड़ाई
Fatehabad News: councilors opened front against the Pradhan and Deputy Pradhan, the councilors announced that they will fight together against the arbitrariness of the officers, the hooliganism of the contractors and the corruption spread in the Municipal Council.
वरिष्ठ पार्षद अनिल गर्ग की अगुआई में शहर के पार्षद हुए एकजुट , संगठन का किया ऐलान
हरियाणा न्यूज, फतेहाबाद : फतेहाबाद शहर के लगभग सभी पार्षदों ने प्रधान और उप प्रधान की आपसी लड़ाई से तंग आ कर एकजुट होने का ऐलान किया है जिस केलिए पार्षदों ने अपना एक संगठन बनाने का ऐलान भी किया , पांच बार पार्षद चुने जा चुके वरिष्ठ पार्षद अनिल गर्ग को जहां इस संगठन का प्रधान चुना गया वहीं रवि मेहता को उप प्रधान, मोहन लाल नारंग सचिव, चंद्रभान को प्रेस प्रवक्ता और निर्मल सिवाच को कैशियर की जिम्मेदारी दी गई।
संगठन की पहली मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अनिल गर्ग और चंद्रभान ने बताया की यह संगठन शहर के रुके हुए कार्यों को करवाने के साथ साथ नगरपरिषद में फैले भ्रष्टाचार के अलावा नगरपरिषद के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत और मनमानी के खिलाफ लड़ाई लड़ेगा , संगठन के प्रधान अनिल गर्ग ने दावा किया की अगर सभी पार्षद एकजुट हो कर रहेंगे तो सबका मान सम्मान भी बरकरार रहेगा और शहर के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
अनिल गर्ग ने यह भी कहा की संगठन की पहली मीटिंग में ही स्पष्ट हो गया की सभी पार्षद अपने अपने वार्ड में विकास कार्य करवाना चाहते हैं लेकिन प्रधान व उप प्रधान की आपसी खींचतान के चलते वो ऐसा करवाने में असहाय महसूस करते हैं , पार्षद रवि मेहता ने कहा की वार्ड की जनता ने जिन उम्मीदों के साथ हमे चुन कर भेजा है हम उन उम्मीदों पर बिलकुल भी खरा नहीं उतर पा रहे जिसका हमे बहुत अफसोस है , वहीं प्रेस प्रवक्ता चंद्रभान ने ठेकेदारों को चेतावनी देने वाले लहजे में कहा की जो ठेकेदार काम नही करेगा उसे बाहर का रास्ता दिखाने से गुरेज नहीं किया जायेगा!
पार्षदों द्वारा गठित किए गए इस संगठन के ऐलान के बाद शहर की जनता को जहां अपने अपने वार्डों में विकास कार्य होने की उम्मीद बंधी है वहीं शहर के राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है की पार्षदों का संगठन शहर के रुके हुए विकास कार्य करवाने में तो भले ही कामयाब हो जाए लेकिन विधायक दूड़ा राम से बागी हो चुके नगरपरिषद के चेयरमैन राजेंद्र खिंची और विधायक के खासमखास वाइस चेयरपर्सन के बीच की लड़ाई को खत्म करवा पाएगा इस पर कोई यकीन करने को तैयार नहीं, अंदरूनी सूत्रों की मानें तो नगरपरिषद वाइस चेयरपर्सन प्रतिनिधि बिंटू टुटेजा भले ही संगठन की पहली मीटिंग में शामिल नही हुए लेकिन उन्होंने फोन करके संगठन को अपना समर्थन देने की बात कही है तो ऐसे में यह सवाल उठना भी लाजिमी है की पार्षदों द्वारा बनाया गया यह संगठन वाकई शहर के हितों के लिए बना है या फिर विधायक जी इस संगठन के माध्यम से जनता द्वारा चुने हुए नगरपरिषद चेयरमैन को अपनी ’तिलस्मी ताकत’ दिखाने के मूड में हैं।
खैर जो भी हो लेकिन फिलहाल शहर भर में पार्षदों की इस पहल को लेकर जनता में जहां खुशी की लहर है वहीं नगरपरिषद के भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकदारों में बैचेनी का आलम है , वहीं इस संभावना से भी इंकार नही किया जा सकता की पार्षदों के इस संगठन के गठन के बाद विधायक दूड़ा राम अपने कार्यालय में बैठे अपनी कामयाबी पर मंद मंद मुस्कुरा रहे हों!

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