जिंदल स्टेनलेस को सीआईआई की राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता सर्किल प्रतियोगिता में मिले छह पुरस्कार
Jindal Stainless bags six awards in CII National Energy Efficiency Circle Competition
हरियाणा न्यूज हिसार, सुनील कोहाड़ : भारत की सबसे बड़ी स्टेनलेस स्टील निर्माता कंपनी जिंदल स्टेनलेस को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की आठवीं राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता सर्किल प्रतियोगिता में छह पुरस्कार मिले। कंपनी को हरियाणा के हिसार और ओडिशा के जाजपुर स्थित अपनी दोनों मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सतत विकास और ऊर्जा संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए सम्मानित किया गया।
जिंदल स्टेनलेस की हिसार यूनिट ने सर्वश्रेष्ठ केस स्टडी ऑन लो कार्बन एंड कार्बन न्यूट्रल इनिशिएटिव्स, सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा दक्षता केस स्टडी, ऊर्जा दक्षता में नवाचार और आईएसओ 50001ः ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली का प्रभावी कार्यान्वयन’ श्रेणियों में जीत हासिल की। जाजपुर यूनिट ने सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा दक्षता संगठन और आईएसओ 50001 (एनएमएस सिस्टम) का सर्वश्रेष्ठ कार्यान्वयन पुरस्कार जीते। सीआईआई प्रतियोगिता में देश भर के विभिन्न क्षेत्रों, जिसमें धातु और सीमेंट उद्योग शामिल हैं, के शीर्ष संगठनों ने भाग लिया।
इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक, अभ्युदय जिंदल, ने कहा कि हमें सीआईआई द्वारा ऊर्जा दक्षता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की मान्यता मिलने पर गर्व है। एक जिम्मेदार कॉर्पाेरेट नागरिक के रूप में, हम अपने कार्बन पदचिह्न को काफी कम कर रहे हैं और हवा, सौर और जल ऊर्जा का उपयोग करके थर्मल ऊर्जा-गहन संसाधनों पर अपनी निर्भरता को कम कर रहे हैं। रूफटॉप सौर संयंत्रों से लैस हमारे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी हमारे कार्बन उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, यह हमारी सतत प्रगति में दृढ़ विश्वास है जो हमें हरित विनिर्माण में निवेश करने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।
पिछले सात संस्करणों में, सीआईआई राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता सर्किल प्रतियोगिता में 1600 से अधिक संगठनों के 4000 से अधिक पेशेवरों ने भाग लिया है। इस आयोजन में 1000 से अधिक अत्याधुनिक हरित प्रौद्योगिकियों और समाधानों का प्रदर्शन किया गया है, जिसमें कंपनियों ने पिछले 6 से 7 वर्षों में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और ऊर्जा खपत में 20-25ः तक की कमी दिखाई है।
जिंदल स्टेनलेस का लक्ष्य 2050 तक नेट जीरो हासिल करना है और पिछले तीन वित्तीय वर्षों में पहले ही 2.8 लाख टन सीओ2 कम कर चुकी है। कंपनि का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2035 से पहले कार्बन उत्सर्जन तीव्रता को 50 प्रतिशत तक कम करना भी है। इसके अलावा, जिंदल स्टेनलेस का लक्ष्य विभिन्न वहनीयता सम्बंधित परियोजनाओं में 700 करोड़ रुपये का निवेश करके सालाना 1.5 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।


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