टीलें नंबर तीन को अद्भुत तरीके से किया जा रहा है तैयार
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| टीलें नंबर तीन पर खोदाई के दौरान निकली हुई मिट्टी की दीवारें। Rakhi Garhi. |
नारनौंद 01 मार्च : Harappan civilization in Rakhigarhi को देखने के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए खुशखबरी है कि अब वह हड़प्पा कालीन सभ्यता को देखने के लिए कभी भी आ सकते हैं। इसके लिए पुरातत्व विभाग ने टीलें नंबर तीन पर बनी साइट को खुला रखने के लिए प्लान तैयार करके काम शुरू कर दिया है। ताकि बाहर से आने वाले विदेशी पर्यटकों को निराश ना होना पड़े क्योंकि खोदाई के समय ही साइट को खुला रखा जाता था। उसके बाद साइट को पॉलिथीन लगाकर बंद कर दिया जाता था।
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| राखी गढ़ी के टीलें नंबर तीन पर बनाया गया लोहे का शेड। |
टीलें नंबर तीन पर खोदाई के दौरान बहुत ही अहम दीवारें और अन्य अवशेष निकले थे। जो की यह बया करते हैं कि पांच हजार वर्ष पहले भी वही व्यवस्था थी जिसका प्रयोग आज हम कर रहे हैं। इस टीले में धूप में सूखी हुई ईंटे और पक्की ईटों की दीवार मिली थी। मकान के साथ में ही पक्की नालियां भी बनाई हुई मिली है। और पीने के पानी के लिए कुआं भी इसी टीले पर खोदाई के दौरान मिल चुका है।
इन अवशेषों को खुला रखने का प्लान पुरातत्व विभाग ने तैयार कर लिया गया है। साइट के ऊपर बहुत लंबा चौड़ा लोहे का शेड बनाया गया है ताकि बारिश के पानी से इस साइट को नुकसान ना हो। अगर साइट को वैसे ही खुला रखते तो बारिश के दिनों में साइट को खराब होने का खतरा रहता था।
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल पिछले वर्ष राखी राखी गढ़ी की इस साइट को देखने के लिए यहां पर आए थे तो उन्होंने खोदाई के बाद साइट को पॉलिथीन के ऊपर मिट्टी डालकर साइट को बंद रखने पर कड़ी फटकार लगाई थी। उसके बाद बाद पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने साइट को खुला रखने का प्लान तैयार किया। ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों को निराश होकर ना जाना पड़े।
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