अवैध कब्जे हटवाने को लेकर राजपुरा गांव के ग्रामीण बैठे धरने पर, पंचायत की जमीन पर पैक्स ने किया
Villagers of Rajpura village sit on strike to remove illegal encroachment :
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| अवैध कब्जे हटवाने को लेकर धरने पर बैठे राजपुरा गांव के ग्रामीण |
तहलका न्यूज/ सुनील कोहाड़ ।
हिसार : हिसार जिले के गांव राजपुरा के ग्रामीणों ने पंचायती जमीन पर माढ़ा पैक्स द्वारा गोदाम का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इसको लेकर पंचायत ने बकायदा पैमाइस भी करवाई। लेकिन पैक्स कर्मचारियों ने निर्माण कार्य बंद नहीं किया। उसके बाद ग्रामीण अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने सरपंच सुनील की अगुवाई में शुक्रवार को निर्माण कार्य बंद करवाकर धरने पर बैठ गए।
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गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव की पंचायती जमीन को उन्होंने खाद के लिए सोसायटी को दिया था। लेकिन ना ही तो खाद का गोदाम बनाया और ना ही यहां पर पैक्स की सुविधा उपलब्ध करवाई। पैक्स के सदस्यों व कर्मचारियों ने गुमराह करते हुए कहा कि यहां पर पैट्रोल पंप लगाया जाएगा और ऐसे झूठ बोलकर उस जमीन का इंतकाल भी अपने नाम करवा लिया। लेकिन अब पंचायती जमीन पर कब्जा करने के लिए गोदाम का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। लेकिन जिस जमीन का इंतकाल हुआ वो जमीन अलग है और जिस जमीन पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। उस जमीन की जब पैमाइस करवाई तो वो जमीन ग्राम पंचायत की निकली। जहां पर वो बच्चों के खेलने व अभ्यास करने के लिए व्यायामशाला बनाने की योजना बना रहे थे। जब पैक्स के सदस्यों व अधिकारियों से इस जगह पर निर्माण कार्य ना करने के लिए सरपंच व अन्य ग्रामीणों ने कहा तो उन्होंने अपनी ऊंची राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए निर्माण कार्य को नहीं रोका। उसके बाद सरपंच सुनील खंड एवं पंचायत अधिकारी से लेकर उपमंडल अधिकारी तक गुहार लगा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और शुक्रवार को ग्रामीणों ने निर्माण कार्य बंद करवाते हुए टेंट लगाकर वहां पर धरना शुरू कर दिया।
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इस संबंध में गांव के सरपंच सुनील ने बताया कि जब पैमाइस करवाई तो ये जमीन पंचायत की निकली। लेकिन पैक्स कर्मचारियों ने निर्माण कार्य बंद नहीं किया और उसके बाद भी ग्रामीणों को गुमराह करते हुए निर्माण कार्य निरंतर जारी रखा। इस मामले को लेकर वो बीडीपीओ, एसडीएम, जिला उपायुक्त तक गुहार लगा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो आखिरकार ग्रामीणों ने अपने स्तर पर निर्माण कार्य बंद करवाकर वहां पर धरना शुरू कर दिया। जब तक पंचायत को उनकी जमीन वापस नहीं मिल जाती तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
बीडीपीओ व नायब तहसीलदार की संयुक्त कमेटी बनाई गई है। कमेटी ने इस जमीन की पैमाइश करवा ली है। अब उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
विकास यादव, एसडीएम नारनौंद।


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