सीटों को खाली रखने के लिए एचपीएससी ने जानबूझकर बदले नियम : दलबीर किरमारा
HPSC deliberately changed rules to keep seats vacant: Dalbir Kirmara/ Latest News Hisar.
अपने चहेतों को बैकडोर एंट्री देने के लिए कम युवाओं का किया गया चयन: दलबीर किरमारा
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| Photo - दलबीर किरमारा |
तहलका न्यूज / सुनील कोहाड़।
Latest News हिसार : आम आदमी पार्टी के ग्रामीण जिला अध्यक्ष दलबीर किरमारा ने शुक्रवार को बयान जारी कर एचपीएससी के रिजल्ट (HPSC Reaults 2023: को लेकर खट्टर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार दलित, पिछड़ा और दिव्यांग विरोधी सरकार है। पूरा देश जानता है कि खट्टर सरकार आरक्षण के खिलाफ है, पिछड़े वर्गों को आरक्षण खत्म करना चाहती है, लेकिन जिस तरीके से एचपीएससी ( HPSC ) काम कर रहा है उससे साफ नजर आता है कि खट्टर सरकार की मंशा सही नहीं है। HPSC हेराफेरी सर्विस कमीशन ( rigging service commission ) बन गया है। उन्होंने कहा कि अपने चहेतों को बैकडोर एंट्री ( backdoor entry) देने के लिए कम युवाओं का चयन किया गया है। एचपीएससी और एचएसएससी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने में लगा है।
उन्होंने कहा कि जिन 61 पदों के लिए HPSC के द्वारा HCS को सेलेक्ट किया गया, उनमें पिछड़े वर्ग और अति पिछड़े वर्ग के साथ भेदभाव किया गया है। 61 चयनित अभ्यर्थियों में से 18 सीटों पर एससी उम्मीदवार का चयन होना चाहिए था, लेकिन केवल 6 सीटें भरी गई और 12 सीटें खाली रह गई हैं। बीसी उम्मीदवार के 10 सीटें थी इनमें से केवल 3 भरी गई। इसके अलावा बीसी-ए और बीसी-बी को अलग अलग करके देखें तो बीसी-बी की 5 सीटों में से एक भरी गई है और दिव्यांग श्रेणी में 4 सीटों थी जोकि सभी खाली रख ली गई हैं। इसका मतलब खट्टर सरकार ने सुनियोजित तरीके से भर्ती प्रकिया और मान दंडों से छेड़छाड़ करते हुए 100 पद थे लेकिन 61 अभ्यर्थियों को पास किया गया। सीटों को खाली रखने के लिए एचपीएससी ने जानबूझ कर नियमों में बदलाव किया है।
उन्होंने कहा कि क्या सीएम खट्टर के मन में एससी, ओबीसी और दिव्यांगों के प्रति ऐसी भावना है कि जातीय जनगणना में इनकी जनगणना नहीं कराना चाहते और जहां एचसीएस के लिए पद भरे जा रहे हैं वहां ऐसा भेदभाव देखने को मिलता है। इससे हरियाणा की जनता के सामने सीएम खट्टर का दोगला चेहरा सामने आ गया है, जो वोट तो एससी और ओबीसी वर्ग से खूब मांगते हैं।
उन्होंने कहा लेकिन जब इनके बच्चों को एचसीएस में भर्ती करने का समय आता है तो सीएम खट्टर का एचपीएससी यानी हेराफेरी सर्विस कमीशन आयोग उन बच्चों को उन पदों के लिए चयनित नहीं होने देता और दुर्भावना के साथ पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है। सीएम खट्टर जब 2024 में लोगों के बीच वोट मांगने जाएंगे तो लोग इसका पुरजोर तरीके से जवाब देंगे।


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