खेड़ी चौपटा उपतहसील पर धरने पर बैठे किसानों ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
Farmers sitting on strike at Kheri Chopta sub-tehsil made a strategy to corner the government / hansi news.
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| खेड़ी चौपटा उपतहसील परिसर में धरने पर बैठे किसान। |
तहलका न्यूज/ सुनील कोहाड़।
नारनौंद: खेड़ी चौपटा उप तहसील के अंतर्गत आने वाले 17 गांव के किसानों का उपतहसील परिसर में 9 दिन से सांकेतिक धरना जारी है। जिसकी अध्यक्षता किसान सुंदर पनिहारी ने की। किसानों का कहना है कि सरकार के साथ हुए समझौते में सभी पीड़ित किसानों को सहायता राशि देने पर रजामंदी हुई थी, लेकिन पौने सात करोड़ रुपये बांटने के बाद अब सहायता राशि नहीं बांटी जा रही है। जिसको लेकर किसानों ने प्रशासन को 15 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है अगर इस दौरान उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 16 अक्टूबर को एक पंचायत का आयोजन कर बड़ा फैसला लिया जाएगा।
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किसान सुरेश कोथ, जोगी राम, सुजान सरपंच, विकास खेड़ी, प्रताप, टेकराम कापड़ो, संजय फौजी, सत्तू खेड़ी, रणधीर खेड़ी, करतार कापड़ो, सतबीर, सन्दीप, किताब सिंह, जगबीर इत्यादि ने बताया कि 2021 में खराब फसलों का मुआवजा न मिलने के कारण 16 मार्च को खेड़ी चौपटा उपतहसील को 17 गांवों के किसानों ने ताला लगाकर तहसील को बंद कर दिया था। जिसके बाद एक मई को 47 दिन बाद श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक, तत्कालीन उपायुक्त प्रियंका सोनी व जेजेपी नेता राजेंद्र लितानी ने किसानों को सरकार की तरफ से आश्वस्त देकर ताला खुलवाया था। जिसके बाद 16 सितंबर को सभी 17 गांव के किसानों की 15 करोड़ 44 लाख 89 हजार 400 रुपये की राशि जारी की थी। जिसमें से लगभग 7 करोड़ राशि किसानों में बांटी जा चुकी है।
किसानों का कहना है कि उस समय जितने भी किसानों की फसलों में नुकसान हुआ था उन सभी किसानों को सहायता राशि देने की बात हुई थी। लेकिन अब प्रशासन जिन किसानों के पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है उनको सहायता राशि देने से इंकार कर रहा है जोकि सरासर गलत है। 23 हजार 767 एकड़ रकबे की सहायता राशि आई हुई है तो सभी किसानों को यह सहायता राशि वितरित की जाए।


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