खेड़ी चौपटा उप तहसील पर किसानों का धरना फिर शुरू
Farmer protest in Kheri Chopata sub tehsil
सरकार के साथ हुए समझौते में सभी प्रभावित किसानों को 6500 रुपये प्रति एकड़ सहायता राशि देने पर हुई थी रजामंदी
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| फाइल फोटो। खेड़ी चोपटा उपतहसील |
नारनौंद खेड़ी चौपटा उप तहसील के अंतर्गत आने वाले 17 गांव के किसानों ने तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को फिर से सांकेतिक धरना शुरू कर दिया है। इसकी अध्यक्षता किसान सुंदर पनिहारी ने की। किसानों का कहना है कि सरकार के साथ हुए समझौते में सभी पीड़ित किसानों को सहायता राशि देने पर रजामंदी हुई थी लेकिन पौने सात करोड़ रुपये बांटने के बाद अब सहायता राशि बांटनी बंद की हुई है। इसको लेकर प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है अगर इस दौरान उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अगले सोमवार से खेड़ी चौपटा उप तहसील परिसर में फिर से धरना शुरू किया जाएगा।
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किसान जोगी राम, सुजान सरपंच, विकास खेड़ी, प्रताप, टेका कापड़ी, सतबीर खेड़ी, रणधीर सिंह सन्दीप, किताब गामड़ा, जगबीर कोथ, संतु खेड़ी लोहचब आदि ने बताया कि 2021 में खराब फसलों का मुआवजा न मिलने के कारण 16 मार्च को खेड़ी चौपटा उपतहसील को 17 गांवों के किसानों ने ताला लगाकर तहसील को बंद रखा गया था। एक मई को 47 दिन बाद श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक, तत्कालीन उपायुक्त प्रियंका सोनी व जेजेपी नेता राजेंद्र लितानी ने किसानों को सरकार की तरफ से आश्वस्त देकर ताला खुलवाया था। इसके बाद 16 सितंबर को सभी 17 गांव के किसानों की 15 करोड़ 44 लाख 89 हजार 400 रुपये की राशि जारी की थी।
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सरकार के आदेश के अनुसार ही किसानों को मुआवजा राशि बांटी जा रही है। दोनित जमील और जिन किसानों को एकड़ से ज्यादा जमीन मुआवजे में आई हुई है। उनको सरकारी आदेशों के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जा सकता। सरकार की तरफ से सभी किसानों को मुआवजा बांटने के आदेश नहीं है। अगर उनके पास कोई आदेश आते है तो वह तुरंत मुआवजा घोट देंगे। किसानों का कागजात पूरे हैं और जिस पर कोई कंडीशन लागू नहीं होती उनका मुआवजा बाटा जा रहा है। -सुरेश नायब तहसीलदार खेड़ी जालब।


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