स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

latest news Sonipat : यमुना किनारे बसे 25 गांवों की 10 हजार एकड़ में खड़ी फसलें जलमग्न, जाजल टोंकी सबसे ज्यादा प्रभावित

 latest Sonipat news : 

यमुना का जलस्तर थोड़ा कम हुआ: 216.1 मीटर पर बह रही, मनौली टोंकी के ग्रामीणों ने मंदिर में डेरा डाला 


तहलका न्यूज सोनीपत। 


यमुना नदी में बड़े जल स्तर को लेकर सोनीपत जिले के 2 दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जिसके कारण गांव की करीब 10000 एकड़ भूमि पर खड़ी फसल तबाह हो गई। गांव में रहने वाले लोग यमुना नदी के कहर से बचने के लिए अपने गांव से पलायन कर सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हो गए हैं। सोनीपत जिला प्रशासन यमुना नदी के जल प्रभाव पर पल-पल की अपडेट ले रहा है। एनडीआरफ टीम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद कर रही है।







सोनीपत जिले में यमुना का कहर तीसरे दिन भी जारी रहा, हालांकि जलस्तर थोड़ा कम हुआ है। बुधवार के 216.4 मीटर के मुकाबले वीरवार को जलस्तर 216.1 मीटर रहा। इसके बावजूद यमुना किनारे के 25 गांव यमुना के चलते प्रभावित हैं। 10 हजार एकड़ फसल जलमग्न हो गई है, जिसके चलते इस इलाके में फसलों पर दुष्प्रभाव तय है। सब्जियों की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। करीब 500 एकड़ सब्जियों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।





इसी तरह चौतरफा पानी से घिरे गांव जाजल-टोंकी के लोगों की मुसीबत कम नहीं हुई है। गांव में खाद्यान्न किल्लत की आशंका जताई जा रही है। जाजल टोंकी में फंसे लोग पैदल या पांच फीट पानी से गुजरकर ही गांव में आवागमन कर रहे हैं। वीरवार को सोनीपत विधायक सुरेंद्र पंवार, जजपा जिलाध्यक्ष राजसिंह दहिया ने यमुना के पानी से प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया।






खाने-पीने का सामान खत्म

बता दें कि यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने यमुना से सटे 25 गांवों के खेतों में काफी नुकसान पहुंचाया है। सबसे बुरे हालात गांव जाजल टोंकी में हैं, जहां गांव का संपर्क टूट गया है। गांव के चारों तरफ से पानी भरा है। गांव में दुकानों पर खाने पीने का सामान खत्म होने लगा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, खानपान और पशुओं के चारे से संबंधित सेवाएं भी प्रभावित हैं। प्रशासन की तरफ से खाने-पीने और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन बहुत से ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांवों में फिलहाल खाद्यान्न पर्याप्त है। यह जरूर हैं कि यदि दो-तीन दिनों में पानी कम नहीं हुआ तो ग्रामीणों के लिए खाने और मवेशियों के लिए चारे की किल्लत हो सकती है।







दूसरी ओर बीमारियां भी घेरने लगी हैं। बुजुर्ग बीमार होने की स्थिति में गांव से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। गांव में स्कूल बंद हो गए हैं। वहीं, मूलभूत सुविधा के लिए गांव के लोग पानी से गुजरकर आ- जा रहे हैं। गांव से बाहर जाने के लिए प्रशासन की तरफ से नाव लगाई गई है। 






टीडीआई के पास ड्रेन में रिसाव


टीडीआई के पास गांव नांगल कलां के निकट ड्रेन नंबर 8 में लगी पाइपलाइन रात को खुल गई। जिससे ड्रेन का पानी डब्ल्यूएस फ्लैट के पीछे भर गया । पानी गांव नांगल कलां की तरफ जाने लगा तो नांगल कलां व अटेरना के ग्रामीण प्रशासन के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान मिट्टी के कट्टों को पाइपलाइन में भरा गया। रात दस बजे शुरू हुए रिसाव को देर रात दो बजे बंद किया जा सका। दूसरी ओर नेशनल हाईवे पर प्याऊ मनियारी के पास ड्रेन नंबर-8 ओवरफ्लो हो गई। जिससे पानी नेशनल हाईवे के पास संपर्क मार्ग तक भर गया । इससे ड्रेन के पास दुकानदारों की मुसीबत बढ़ गई। पुलिस ने उन्हें बंद करा दिया। इसके साथ ही वाहन चालकों को भी ड्रेन के साथ संपर्क मार्ग पर नहीं जाने दिया गया। बाढ़ के कारण जिले में लगातार हालत बिगड़ रही है।





रात को ठीकरी पहरा शुरू

जिलाधीश एवं उपायुक्त ललित सिवाच ने नहर, माइनर, ड्रेनों तथा यमुना नदी में बढ़ रहे जलस्तर व जलभराव की स्थिति पर नियंत्रण के लिए बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए सरपंचों को अपने-अपने गांवों में रात्रि के समय ठीकरी पहरा लगाने के आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश ने अपने आदेशों में कहा कि लगातार हो रही बारिश तथा हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़े जा रहे पानी से यमुना के अलावा जिला में स्थित नहर, माइनर, ड्रेन के साथ लगते गांव व शहरों के लोगों से आपातकालीन सहायता लेने की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए सभी सरपंच अपने-अपने गांवों में युवाओ की ड्यूटी लगाए जो रात्रि में ठीकरी पहरा दें। उन्होंने कहा कि इस कार्य को करवाने की जिम्मेदारी संबंधित सिंचाई विभाग, तहसीलदार, थानाध्यक्ष तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की होगी।






3 सवारी गाड़ियों सहित 8 एक्सप्रेस का संचालन रद

दिल्ली व अंबाला मंडल में भारी बारिश से यमुना व अन्य नदियां उफान पर होने से 5वें दिन भी रेलवे यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर रेलवे लाइन पानी में डूबी हुई है। रेलवे ने स्थिति को देखते हुए वीरवार को भी 8 ट्रेनों का परिचालन रद्द रखा। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे अप-डाउन लाइन की 3 सवारी गाड़ियों सहित 8 एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन को रद्द कर दिया। इसके अलावा दिल्ली-अंबाला रूट पर आवागमन करने वाली एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहा। रेलवे अधिकारियों ने व्यवस्था बनाकर ट्रेनों को गंतव्य की ओर रवाना किया। यह ट्रेनें 32 मिनट से 4:10 घंटे की देरी से चलाई गई। वहीं ट्रेनों के परिचालन में देरी होने से यात्री परेशान दिखे। कई यात्री सोनीपत स्टेशन पर बैठकर गाड़ियों का इंतजार करते रहे। कई यात्री निजी वाहनों व रोडवेज बसों का सहारा लेकर गंतव्य की ओर रवाना हुए।

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |