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जींद डिपो में नई बसें आने के खड़ी हुई ये समस्या, कैसे होगा समाधान

 Jind news Hindi : This problem has arisen due to arrival of new buses in Jind depo, how will it be solved?



तहलका न्यूज जींद,  सुनील कोहाड़। 

हरियाणा रोडवेज डिपो जींद में नई बसें आने के बाद अब चालकों व परिचालकों की कमी देखने को मिल रही है। जिसका असर रूट पर देखने को मिल रहा है। हालांकि नॉर्म्स के अनुसार डिपो में चालक व परिचालक काफी है लेकिन डिपो में काफी चालक व परिचालक अपनी मूल डयूटी छोड़ दाएं व बाएं बैठकर ड्यूटी की खाना पूर्ति कर रहे हैं। जिसके कारण रोडवेज की व्यवस्था बिगड़ी हुई है। अब इन बसों को रुटों पर चलाने के डिपो के पास चालक व परिचालक नहीं है। इन चालक परिचालकों में से भी कुछ तो अवकाश पर मिलते हैं या फिर अन्य कार्यालयों में दाएं-बाएं बैठे है। 




रोड़वेज विभाग के इन इधर-उधर बैठ कर समय खराब कर रहे चालक, परिचालकों को अब अपनी मूल डयूटी पर लौटना होगा। डिपो प्रबंधन ऐसे चालक परिचालकों को दायं बायं से उठाकर रूटों पर भेजेगा। इसको लेकर महाप्रबंधक कमलजीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं जो चालक, परिचालकों अपनी मूल डयूटी पर नहीं लौटेगा। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगीए जिसकी जिम्मेदारी चालक परिचालक की होगी।




रोडवेज डिपो में फिलहाल 150 बसें हैं, जिनमें 35 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत वाली हैं। वहीं डिपो और दोनों सबडिपो में 137 के करीब परिचालक हैं, जिनमें नरवाना और सफीदों सबडिपो में 25.25 परिचालक डयूटी कर रहे है। वहीं हरियाणा कौशल विकास निगम के तहत 21 परिचालक भी अभी भर्ती हुए हैं। इसके अलावा डिपो में कुल 245 चालक हैं, जिनमें 102 चालक जींद डिपो में सेवाएं दे रहे हैं जबकि नरवाना और सफीदों सबडिपो में 30-30 ड्यूटी दे रहे हैं।






 हालांकि बसों की संख्या के अनुसार डिपो में चालक काफी हैं। डयूटी लेने के बाद अवकाश देने में ड्यूटी सैक्शन कार्यालय को कोई परेशानी नहीं आती है लेकिन 150 बसों पर 137 परिचालक हैं वहीं इनमें से काफी परिचालक रूटों पर चलने की बजाय दायें बायं ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में सभी बसों को रूटों पर उतारने के लिए परेशानी हो रही है।





नई बसें आने से चालकों व परिचालकों की कमी 

जींद डिपो के महाप्रबंधक कमलजीत सिंह ने बताया कि रोडवेज डिपो में नई बसों के आने से कुछ कर्मचारियों की कमी हो गई है। चालक व परिचालक जो इधर-उधर बैठे हैं। उन्हें मूल डयूटी पर लाया जाएगा। अगस्त महीने की शुरुआत में भी दस बसें और डिपो में शामिल होने की उम्मीद है। इसलिए यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए सभी चालक परिचालकों को रूटों पर भेजा जाएगा।




10 नई बसें आने से बढ़ेगी समस्या

डिपो में अगले महीने के शुरुआत में दस नई बसें आने की उम्मीद है। डिपो के बेड़े में दस नई बसें शामिल होने के बाद बसों की संख्या 160 हो जाएगी। ऐसे में नई बसों के लिए चालक व परिचालकों की जरूरत पड़ेगी। पिछले सप्ताह भी डिपो में नौ नई बसें शामिल हुई हैं। हालांकि अभी तक इन नई बसों को रूटों पर नहीं उतारा गया है क्योंकि इन बसों के कागजात तैयार हो रहे हैं। जब इन बसों के कागजात तैयार हो जाएंगे तब रूटों पर भेजते समय चालक परिचालकों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में चालक व परिचालकों की कमी का असर यात्रियों और डिपो की कमाई पर भी पड़ेगा। 





चालक परिचालककों की स्थाई भर्ती की जरूरत 

नई बसों की पासिंग और बीमा करवाकर इनको चंडीगढ़, दिल्ली, गंगानगर गुरुग्राम, जयपुर और कुरुक्षेत्र रूट पर चलाया जाएगा। पिछले दो महीनों में डिपो को 43 नई बसें मिल चुकी है। रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के उप प्रधान संदीप रंगा ने कहा कि जींद डिपो में यादा परेशानी परिचालकों की हो रही है। डिपो में हरियाणा कौशल विकास निगम के 21 परिचालक मिलाकर 158 हो गए हैं जबकि रोडवेज बसें 150 से यादा है। ऐसे में कुछ परिचालक इधर-उधर बैठे हैं। वहीं डयूटी पर चल रहे परिचालकों को अवकाश देना भी जरूरी है। इसलिए सरकार को डिपो में परिचालकों की स्थाई भर्ती करनी चाहिए।

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