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गुस्साए किसानों ने दिल्ली-जम्मू हाईवे को किया जाम, टिकैत बोले कलम और कैमरे पर बंदूक का पहरा

 tehalka News Haryana Angry farmers blocked Delhi-Jammu highway, Tikait said, guarded pen and camera with gun

पुलिस ने किया दिल्ली जम्मू रूट डायवर्ट

तहलका न्यूज कुरुक्षेत्र / देवीलाल


सूरजमुखी के एमएसपी के मांग को लेकर सरकार से दूसरे दौर की वार्ता भी विफल होने के बाद गुस्साए के सामने दिल्ली जम्मू हाईवे को जाम कर दिया। इस दौरान भीषण गर्मी में भी किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर लेट गए। पुलिस प्रशासन के द्वारा दिल्ली जम्मू हाईवे पर चलने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्ट करना पड़ा। किसानों का आरोप है कि सरकार बार-बार किसानों को परेशान करने के लिए बातचीत का न्योता देकर बैठक नहीं कर रही। इससे साफ जाहिर होता है कि हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार किसान विरोधी सरकार है। आपको बता दें कि सूरजमुखी की फसल के एमएसपी को लेकर पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर किसान संगठनों ने सोमवार को महापंचायत बुलाई थी। जिसमें प्रदेश के अनेक जिलों से भारी संख्या में किसान इस महापंचायत में पहुंचे हुए थे। किसान नेता राकेश टिकैत और सुरेश कोथ ने सरकार को चेतावनी देते हुए ललकारा। 






प्रशासन ने किसानों को सीएम से मिलाने के लिए बुलाया, बिना मिले ही चले गए सीएम 

गुस्साए किसानों ने कहा कि प्रशासन के साथ सूरजमुखी के एम एस पी की मांग को लेकर प्रशासन के साथ दो दौर की वार्ता हुई थी प्रशासन ने करनाल में सीएम मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन जब वह सिम से मुलाकात करने के लिए करनाल पहुंचे तो कहा गया कि सीएम यहां से चले गए हैं। इससे किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और दिल्ली जम्मू हाईवे पर जाम लगा दिया। 




इन प्रदेशों से किसान महापंचायत में पहुंचे थे किसान संगठनों के प्रतिनिधि

सूरजमुखी की फसल के एमएसपी की मांग को लेकर किसान संगठनों द्वारा कुरुक्षेत्र के पीपली में बुलाई गई किसान महापंचायत में हरियाणा के सभी जिलों सहित पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, सहित अन्य प्रदेशों से इस महापंचायत में करने के लिए पहुंचे थे। महापंचायत में किसानों की मुख्य रूप से दो ही मांग थी कि सरकार एमएसपी पर सूरजमुखी की फसल की खरीद करें और भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह सहित पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी किसानों को रिहा करें। 





कलम और कैमरे पर बंदूक का पहरा - राकेश टिकैत

किसान महापंचायत में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि एमएसपी की मांग को लेकर किसान काफी समय से सरकार से मांग कर रहे हैं की एमएसपी को लेकर एमएसपी गारंटी कानून लाया जाए। लेकिन देश व प्रदेश की गूंगी बहरी सरकार किसानों की मांगों को अनसुना कर रही है।  किसान एमएसपी की मांग केवल एक फसल के लिए नहीं बल्कि हर फसल के लिए कर रहे हैं। सरकार झूठी वाहवाही लूटने के लिए एमएसपी तो निर्धारित कर देती है लेकिन एमएसपी पर किसी भी फसल की खरीद नहीं हो पाती। जब किसान एमएसपी की मांग करते हैं तो किसानों पर लाठियां भांजी जाती हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि किसानों को अपनी मांगों को लेकर जिस तरह से एकजुट होकर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी उसी प्रकार एक लंबी जंग लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि अगर किसानों की दशा को सुधारना है तो एमएसपी गारंटी कानून लागू होना चाहिए। लेकिन मौजूदा सरकार ने कलम और कैमरे पर बंदूक का पहरा लगाया हुआ है ताकि किसानों की आवाज को दबाया जा सके। 






आवाज को दबाने के लिए किसानों को मिलेंगी लाठियां तो सरकार से की बजा देंगे ईंट से ईंट 

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि गुरनाम सिंह चन्नी की इतनी गलती थी कि उन्होंने सूरजमुखी की फसल की खरीद पर एम एस पी की मांग को लेकर आवाज उठाई तो उन्हें पुलिस की लाठियां और जेल मिली। उन्होंने कहा कि जब तक जेल में बंद किसानों को रिहा नहीं किया जाता तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस मामले में संयुक्त किसान मोर्चा जो भी फैसला लेगा। सभी किसान संगठन उस पर एकता से काम करेंगे। ‌उन्होंने कहा कि किसानों की जायज मांगों को सरकार किसी भी सूरत में दवा नहीं सकती अगर सरकार किसानों की आवाज दबाने के लिए लाठियां भांजेगी तो पूरे देश के किसान एकजुट होकर सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। 




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अब यह लड़ाई किसानों और कमल की लड़ाई है - सुरेश कोथ

किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि अब तक केवल मांग सूरजमुखी के एमएसपी को लेकर है और जब तक सरकार किसान नेता गुरनाम सिंह चढुनी सहित हिरासत में लिए गए सभी किसानों को रिहा नहीं करती तब तक किसान किसी भी सूरत में चुप बैठने वाले नहीं हैं। इस मामले में स्थानीय कमेटी जो भी फैसला लेगी उसका संयुक्त किसान मोर्चा पूरी तरह से अमल करेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से किसानों की मांगों को लाठियों से दवाया जा रहा है उसको किसान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि अब यह लड़ाई किसान बनाम कमल की हो चुकी है। जिसका खामियाजा ना कमल के फूल को आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

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