रोहणात की जमीन वापस न दिलवाकर शहीदों का अपमान कर रही सरकार : भूपसिंह
tehalka News Bhiwani government is insulting martyrs by not getting Rohnat land back: Bhup Singh
■ लघु सचिवालय के सामने दिया जा रहा है धरना
तहलका न्यूज । भिवानी
जिले का गांव रोहणात राष्ट्रभक्तों का ऐसा गांव है, जिसने आजादी के लिए अपना सर्वस्व त्याग किया है। 1857 की क्रांति में अहम भूमिका निभाने वाले एवं आजादी के लिए गांव की कुर्बानी देने वाले गांव रोहणात को अब तक शहीद गांव का दर्जा नहीं मिला है तथा न ही अंग्रेजों द्वारा नीलाम की गई जमीन गांव को वापस मिली, जो ना सिर्फ रोहणावासियों बल्कि उन शहीदों का भी अपमान है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया था ।
नीलाम की गई जमीन वापस दिलवाए जाने की मांग को लेकर धरना
ये बात कामरेड़ भूपसिंह ने स्वतंत्रता संग्राम में गांव रोहणातवासियों की नीलाम की गई जमीन को वापस दिलवाए जाने की मांग को लेकर लघु सचिवालय के समक्ष डॉ. बीआर आंबेडकर शहीद सम्मान मोर्चा शहीद गांव रोहणात के बैनर तले जारी धरने को संबोधित करते हुए कही। नीलाम की गई जमीन वापस दिलवाए जाने की मांग को लेकर रोहणातवासियों का धरना मंगलवार को 66 वें दिन भी जारी रहा।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था रोहणात वासियों को उनका हक दिलाने का वादा
उन्होंने कहा कि संयुक्त पंजाब में तत्कालीन मुख्यमंत्री कैरो साहब के गांव को हिसार बीड़ के अंदर 57 प्लॉट, जो एक प्लॉट साढ़े 12 एकड़ का था, वह जमीन कागजों में अलॉट दर्शाए जाने के बावजूद भी उन्हें जमीन का कब्जा नहीं दिलवाया गया है। इसके अलावा मकानों को बनवाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ओपी चौटाला ने 10 लाख रुपये व भूमि देने की घोषणा की थी, जो आज तक नहीं मिली है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल वर्ष 2018 में गांव में आए थे, तब उन्होंने रोहणात वासियों को उनका हक दिलाने का वादा किया था, लेकिन वो भी आज तक पूरे नहीं हो पाए । सरकार को चाहिए कि स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले शहीदों के गांव रोहणात को उनके अधिकार देकर शहीदों का सम्मान बरकरार रखा जाए, लेकिन सरकार इसके उल्ट कार्य कर उनकी मांगों को अनसुना कर रही है।
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