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ppp haryana new update : सिंगल मेम्बर का ऐसे बनेगा परिवार पहचान पत्र, जिला उपायुक्त कार्यालय में सेहरा बांध पहुंचे सतबीर ने झूठा रचा बवंडर |

 

ppp haryana new update : how family identity card will be made for single member, Satbir created false storm when reached Sehra dam


पीपीपी पोर्टल पर बिना आवेदन सुर्खियां बटोरने के लिए सतबीर ने रचा झूठा प्रपंच 

 डीसी इमरान रजा ने मामला संज्ञान में आते ही कराई जांच,  एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने क्रीड जांच की दी विस्तृत रिपोर्ट




रेवाड़ी, 30 जून
हाल ही में सेहरा बांधकर परिवार पहचान पत्र बनवाने की मांग लेकर लघु सचिवालय पहुंचे नया गांव निवासी सतबीर सिंह ने पीपीपी पोर्टल पर बिना आवेदन के आधारहीन बातों के साथ प्रशासन के समक्ष फैमिली आईडी बनवाने की मांग की थी। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने सतबीर सिंह की मांग अनुरूप जांच करवाई तो उसके द्वारा किये गए दावे तथ्यहीन मिले और पाया गया कि सुर्खियां बटोरने की मंशा से यह प्रपंच रचा गया था। मामले को लेकर डीसी इमरान रजा ने क्रीड के नोडल अधिकारी एवं एडीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल को जांच सौंपी गई।






क्रीड के नोडल अधिकारी एवं एडीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने उक्त मामले में की गई जांच अनुरूप बताया कि 29 जून 2023 को क्रीड टीम रेवाड़ी ने सतबीर सिंह उफऱ् सतबीर शर्मा निवासी नया गांव डोहकी की सिंगल मेंबर वेरिफिकेशन के लिए गांव का दौरा किया और तथ्यपूर्ण ढंग से जांच की गई। टीम ने जांच के दौरान तथ्य सामने लाये कि उक्त व्यक्ति सतबीर सिंह उफऱ् सतबीर शर्मा ने आज तक परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए विभाग से कभी सम्पर्क ही नहीं किया ,उन्होंने ना तो किसी सीएससी सेंटर से परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए कोई आवेदन किया जिसके आधार पर क्रीड उनके आवेदन पर कोई कार्यवाही कर पाएं 7 एडीसी पाटिल ने बताया कि उक्त व्यक्ति सतबीर सिंह उफऱ् सतबीर शर्मा के परिवार में 2 बेटे हैं , बड़ा बेटा गुरदयाल सीआरपीएफ में नौकरी करता है और वर्तमान में हैदराबाद में रहता है और छोटा बेटा विनोद नजफगढ में झुरझुरी गांव में रहकर अपना पैतृक व्यवसाय(लकड़ी के फर्नीचर का काम ) चला रहा है। सतबीर सिंह के पड़ोसियों के अनुसार यह लगभग 1 महीने से ही अपने बेटे के घर से अपने पैतृक गांव में आया है। जांच के दौरान बताया कि उक्त व्यक्ति पिछले 20 सालों से अपने छोटे बेटे के साथ नजफगढ़ में रह रहा था और कभी कभी 10-15 दिन के लिए गांव में आते रहे हैं और तब उनका खाना पीना उनके भाई बुध सिंह के घर ही होता है और वर्तमान में भी उक्त व्यक्ति सतबीर सिंह खाने के लिए अपने भाई बुध सिंह पर ही निर्भर है








एडीसी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि सतबीर सिंह अपनी पेंशन या कोई अन्य लाभ सरकार से लेने के लिए यह जददोजहद नहीं कर रहे वह तो संभव: पूर्ववर्ती प्रयासो के भांति इस बार भी सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं 7 उक्त व्यक्ति सतबीर सिंह ने इससे पहले भी एक बार अपने बेटे के साथ नजफगढ़ में रहते हुए रेवाड़ी विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं और उसके बाद उन्होंने अपने गांव में सरपंच का भी चुनाव लड़ा था जिसमें उनकी जमानत भी जब्त हुई थी। उक्त चुनावों के बाद उक्त व्यक्ति सतबीर सिंह चर्चा में रहने के लिए ऐसे काम करता है और कोरोना काल के दौरान हुए लोक डाउन के समय भी उन्होंने अपने घर के बाहर प्रशासन के साथ विवाद किया था।







एडीसी ने बताया कि क्रीड टीम की जांच में सामने आया है कि गांव वालों का कहना है कि यह सब वो अपने आप को मीडिया की कवरेज करने दिलाने के लिए कर रहा है , साधन संपन्न होने के बाद भी वह अपने टूटे से मकान में रह रहा है , यह भी बताया गया कि उनके हम उम्र लोगों की सभी की पेंशन बन चुकी है और  करीब 10 वर्ष पूर्व उनको भी उनके साथियों  ने कहा कि पेंशन बनवा लो आप 60 साल के हो गए हैं तो उन्होंने कहा कि मैं साधन संपन्न हूँ तो मैं क्यों ऐसे सरकार की बैसाखी के सहारे रहूं।
टीम ने जांच के दौरान बताया कि सतबीर सिंह के सम्बंधित गांव से आज तक केवल निम्नलिखित 5 व्यक्तियों का एकल परिवार के लिए आवेदन आया था जिसको पहले ही सत्यापित किया जा चुका है। जिनमें से 4 एकल परिवार के आवेदन विभाग द्वारा किये सर्वे में सामने आये थे और एक 1 व्यक्ति सुरेश चौधरी द्वारा मार्च 2023 में आवेदन किया था जिसका सत्यापन किया जा चुका है










सिंगल मेंबर की परिवार पहचान पत्र निम्नलिखित प्रक्रिया द्वारा बन सकती है :
एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि सिंगल मेम्बर की परिवार पहचान पत्र में एंट्री निर्धारित नियमों अनुसार होती है। उन्होंने बताया कि प्रार्थी को नागरिक लॉगिन या सीएससी केंद्र द्वारा अपने आधार कार्ड के जरिए मेरा परिवार हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना आवश्यक है  जिसके पश्चात विभाग द्वारा एक ई-परिवार पहचान आईडी बनती है जो कुछ समय बाद जोनल स्तर पर काम कर रहे कर्मचारी के लॉगिन में सत्यापन के लिए जाती है, वह उसको फिल्ड में जाकर वेरीफाई करता है यदि प्रार्थी वास्तव में अकेला रहता है तो कर्मचारी द्वारा उसका सत्यापन हां में कर दिया जाता है और प्रार्थी का परिवार पहचान पत्र विभाग द्वारा जारी कर दिया जाता है।


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