एसजीटी यूनिवर्सिटी ने कानूनी अड़चनों से अवगत करवाने के लिए किया एक्सपर्ट टॉक आयोजित
SGT University organizes expert talk to inform about legal hurdles
तहलका न्यूज, गुरुग्राम
एसजीटी यूनिवर्सिटी द्वारा नए स्टार्ट अप शुरू करने से पहले आने वाली कानूनी अड़चनों से अवगत करवाने के लिए ‘प्लैनिंग स्टार्ट उप विद फोकस ऑन लीगल असपकट्स’ शीर्षक पर एक एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया। यह कार्यक्रम फैकल्टी ऑफ मास कम्यूनिकेशन एण्ड मीडिया टेक्नॉलजी व सेंटर ऑफ लेंगवेज एण्ड कम्यूनिकेशन के द्वारा "द इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल' के तहत किया गया था। इसमें फैकल्टी ऑफ कॉमर्स के असोशीएट डीन व युक्ति के कॉर्डिनटोर डॉ. के. ताराशंकर मुख्य वक्ता थे।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. ताराशंकर ने कहा कि नए स्टार्टअप से पहले फाउंडर एग्रीमेंट, इनलेक्चूअल प्रॉपर्टी प्रोटेक्शन और लेबर कानून के बारे में जान लेना चाहिए। उन्होंने छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया और एक योजना को विकसित करने, धन जुटाने, संसाधनों का निर्धारण करने सहित पांच चरण की प्रक्रिया के बारे में गहन जानकारी दी। डॉ. ताराशंकर ने यह भी कहा कि एसजीटी विश्वविद्यालय भी स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक विद्यार्थियों को अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर के तहत आर्थिक व तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।
डॉ. ताराशंकर ने कहा कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले डॉक्यूमेंट पूरे होने चाहिए ताकि कानूनी तौर पर आने वाली दिक्कतों से बचा जा सकता है। इसके साथ ही डॉ. ताराशंकर ने सरकार की योजना ‘युक्ति’ के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी और कहा कि यह एक ऐसी योजना है कि जब कोई व्यक्ति अपने स्टार्टअप के बारे में सरकार को कोई सुझाव देता है तो इस योजना के तहत सरकार आर्थिक तौर पर लोगों की मदद करती है।
विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए फैकल्टी ऑफ मास कम्यूनिकेशन एण्ड मीडिया टेक्नॉलजी के डीन प्रोफेसर सुशील मानव ने कहा कि हमेशा रोजगार लेने की बजाय रोजगार देने वाले बनें। इसके साथ ही प्रोफेसर मानव ने गुरुग्राम से शुरू हुए नए स्टार्टअप ‘ब्लिंकिट’ की सफलता के बारे में भी बताया।

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