सालासर माथा टेकने गए लोगों की गाड़ी ट्रक से टकराई, एक ही परिवार के पांच की मौत ?
Haryana news pik-up of the people who went to pay obeisance at Salasar collided with the truck, five of the same family died?
राजस्थान के डॉक्टरों की हड़ताल के चलते सैकड़ों किलोमीटर दूर हिसार में भर्ती
तहलका न्यूज, हिसार / सुनील कोहाड़
सालासर मंदिर में लाखों श्रद्धालु माथा टेकने के लिए जाते हैं और अपने जीवन में खुशियों की दुआ मांगते हैं। हिसार जिले के गांव से एक पिकअप गाड़ी में सवार होकर करीब एक दर्जन श्रद्धालु सालासर मंदिर में माथा टेकने के लिए गए थे। जब वह वापस आ रहे थे तो रास्ते में राजस्थान के राजगढ़ चूरु के पास पिकअप गाड़ी की ट्रक के साथ टक्कर हो गई। जिससे पिकअप गाड़ी में सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनमें से दो बच्चों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। राजस्थान में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते हैं सभी घायलों को उपचार के लिए क्रेडिट 150 किलोमीटर दूर हिसार में भर्ती करवाया गया है।
मनोकामना पूर्ण होने पर गए थे सालासर मंदिर में माथा टेकने
मिली जानकारी के मुताबिक स्याहड़वा गांव के सोनू ने सालासर मंदिर में माथा टेकने की मनोकामना मांगी हुई थी। सालासर महाराज की दया मेहर से सोनू ने एक पिकअप गाड़ी ली और उसका काम धंधा अच्छे तरीके से चलने लगा। मनोकामना पूरी होने की खुशी में सोनू सालासर मंदिर में मत्था टेकने के लिए शनिवार की सुबह रवाना हुआ तो उसके साथ उसके परिवार के करीब डेढ़ दर्जन लोग भी साथ चले गए। जब वह वापस आ रहे थे तो रास्ते में राजगढ़ के पास पिकअप गाड़ी की ट्रक से टक्कर हो गई। जिसमें 2 बच्चों सहित 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। गंभीर रूप से घायलों को घटनास्थल से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर हिसार के निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। क्योंकि इन दिनों राजस्थान के डॉक्टर हड़ताल पर चल रहे हैं और समय पर उपचार न मिलने के कारण हादसे में घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
देवरानी जेठानी, दादी पोती और नानी दोहते की मौत
पिकअप और ट्रक की टक्कर होने से स्याहड़वा गांव की अंजलि सृष्टि, कृष्णा, बिमला और बिमला के दौहते भिरानी निवासी अंकित की मौत हो गई। जबकि कविता, ओमपती, सुनीता, पूजा, आंचल, प्रीति, अरनव, मनीष, मंजू,प्रवीण, माया, सोनू, सुमन के रुप में हुई है। इसमें 4 की हालत गंभीर है। इस हादसे में जान गंवाने वाले 4 लोगों का गांव स्याहड़वा और अंकित का भिरानी में अंतिम संस्कार किया गया। दोनों गांव में मातम पसरा हुआ है।

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