Ujjain Baba Mahakal Holi: बाबा महाकाल के दरबार में मना होली का पर्व, 40 क्विंटल रंग बिरंगे फूलों से खेली होली , भक्तों ने उड़ाया गुलाल !
Ujjain Baba Mahakal Holi: देश में सबसे पहले उज्जैन के महाराज बाबा महाकाल के मंदिर परिसर में होली मनाई गई। सोमवार सुबह भस्म आरती में बाबा महाकाल को 40 क्विंटल फूल से पुजरियों द्वारा बाबा महाकालेश्वर के साथ होली खेली गई और इस रंगोत्सव का शुभारंभ किया गया। परंपरानुसार संध्या आरती में बाबा को अबीर, हर्बल गुलाल लगाकर आरती के बाद महाकाल मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया गया। पुजारियों ने फूलों की होली खेली। मंदिर परिसर में पहुंचे भक्तों ने भी खूब गुलाल उड़ाया।
होली के पर्व पर उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में देश के कोने कोने से भक्त पहुंचे। पुजारियों द्वारा मंदिर में होली उत्सव का शुभारंभ करने के लिए 40 क्विंटल रंग बिरंगे फूल मंगवाए गए थे। उज्जैन मंदिर पुजारियों ने लोगों को संदेश दिया कि हमारे जीवन में पानी का विशेष महत्व है। इसलिए पानी की एक एक बूंद को बचाकर त्योहार की खुशियां हासिल करनी है। उन्होंने कहा कि अगर हम आज पानी को यूं ही बर्बाद करते रहे तो आने वाले समय में हारे बच्चों को पानी पीने को भी नसीब नहीं होगा। इसलिए हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन के अनमोल रत्न पानी की एक एक बूंद को संजोए रखना है।
आचार्य धनीराम शास्त्री ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी होली का पर्व महाकाल मंदिर उज्जैन में धूमधाम से मनाया गया है। 40 क्विंटल रंग बिरंगे फूलों से होली खेली गई है। होली पर्व का शुभारंभ महाकालेश्वर के द्वारा किया जाता है, जिसके बाद पूरी दुनिया में इस त्यौहार को मनाया जाता है। उन्होंने महाकाल के भक्तों से आग्रह किया कि वो बिना पानी के गुलाल व फुलों की होली खेलें। पानी का प्रयोग कम से कम करें।

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