बड़ी खबर : एंटी करप्शन फर्जी गिरोह का भंडाफोड़ ,जींद पुलिस ने किया खुलासा, हिसार, जींद, पानीपत और सोनीपत में फैला है नेटवर्क !
तहलका न्यूज, जींद / साहिल भनवाला
एंटी करप्शन ब्यूरो के नाम से लोगों को ब्लैकमेल कर ठगी करने वाले एक गिरोह का जींद पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो का सदस्यता के लिए फार्म भरवाते थे और सदस्य बनाने के बाद आई कार्ड भी जारी करते थे। इसकी एवज में सामान्य सदस्य बनने के लिए 2100 रुपए और उच्च पद की सदस्यता और आई कार्ड जाने के लिए ₹21000 वसूली करते थे। इनका नेटवर्क जींद, हिसार, सोनीपत, पानीपत, सहित अन्य जिलों में फैला हुआ है।
डीएसपी रोहताश सिंह ढुल, सिविल लाइन थाना प्रभारी सोमबीर ढाका ने प्रेस वार्ता में बताया कि 3 मार्च को जींद पुलिस को सूचना मिली थी कि हूडा कॉम्प्लेक्स में एलआईसी के दफ्तर के पास एक गाड़ी खड़ी है। इस पर एंटी करप्शन ह्यूमन राइट्स डिप्टी डायरेक्टर की प्लेट और झंडी लगी हुई है। कार में सवार 3 युवक लोगों को ठगने की योजना बनाने का काम कर रहे हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और कार में सवार तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वो कोई भी वेरीफाइड डॉक्यूमेंट पुलिस के सामने पेश नहीं कर पाए। जब पुलिस ने उनके नाम पूछे तो उन्होंने गांव बुढ़ा खेड़ा निवासी दिनेश कुमार, खटकड़ गांव निवासी लवली और अनिल बताया। पुलिस नाम को गिरफ्तार करके 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया तो पुलिस रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में बड़ा खुलासा हो गया। पुलिस रिमांड के दौरान उनकी निशानदेही पर पुलिस ने पानीपत जिले के पुराना और वेद प्रकाश दुआ को गिरफ्तार किया।
सिविल लाइन थाना प्रभारी सोमबीर ढाका ने बताया कि आरोपितों के नेटवर्क के तार जींद , हिसार के अलावा पानीपत, सोनीपत में भी फैले हुए हैं। पानीपत का रहने वाला वेद प्रकाश युवाओं को बहला फुसलाकर उनको एंटी करप्शन ब्यूरो में काम करने के लिए मनाता था। इसकी एवज में उनसे 2100 रुपए सदस्यता के तौर पर वसूले जाते थे और बड़े पद के लिए ₹21000 वसूली की जाती थी।
इनके कब्जे से फर्जी नंबर प्लेट, प्रशासनिक फ्लैग, आई कार्ड बरामद किए हैं। इनका नेटवर्क जींद के अलावा पानीपत, सोनीपत, हिसार में फैला हुआ था। गिरोह का सरगना पानीपत निवासी वेद प्रकाश है, जो कि यूट्यूबर और 10वी पास है। ये 21 हजार रुपए तक लेकर सदस्यता देते थे। एंटी करप्शन ब्यूरो के आई कार्ड को दिखाकर ये लोग ब्लैकमेलिंग करने का गोरख धंधा करते हुए लोगों को ठगने का काम करते थे। अगर किसी भी विभाग में कार्यरत कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत इनके पास आती तो गिरोह के सदस्य उसे मोहरा बनाते हुए ब्लैकमेल करते थे और अच्छी खासी रकम में पैसे ऐंठते थे।
डीएसपी रोहताश ढुल और एसएचओ सोमबीर ढाका ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोगों को ठगा जा चुका है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें इस तरह के गिरोह से सावधान रहना चाहिए। खासकर युवा ऐसे लोगों के दिखावा में जो दिया जाते हैं उन्हें अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए काफी चौकस रहने की जरूरत है। हम लोगों की लापरवाही के कारण है ऐसे लोगों का झूठा कारोबार फल-फूल रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks