हरियाणा के सिंघम हैड कांस्टेबल व एएसआई की मारपीट की जांच करेगी एसआईटी, गृहमंत्री ने दिए आदेश !
SIT will investigate Haryana's Singham Head Constable and ASI fight, Home Minister orders !
सिंघल की सोशल मीडिया पर अपील, जिन्होंने पूरा घटनाक्रम देखा वो गवाही के लिए आगे आए
तहलका न्यूज, चंडीगढ़
पानीपत पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल आशीष कुमार अपनी ड्यूटी को लेकर काफी चर्चा में रहा है। ड्यूटी के दौरान उसके काफी वीडियो सामने आए जिसमें वह अपने उच्च अधिकारियों को कानून का पाठ पढ़ाते हुए सांप दिखाई देते हैं। वहीं कानून की धज्जियां उड़ाने वाले अधिकारियों के परिजनों को भी वह चेतावनी देते हैं ऐसे में करीब 1 महीने पहले हो पानीपत में जो एक एएसआई से सड़क पर वाहन चालकों से रुपए ऐंठने के मामले में मिट गए थे। इसके बाद पानीपत पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जेल में डाल दिया था। वहीं पानीपत पुलिस अधीक्षक ने तुरंत प्रभाव से ड्यूटी से सेवामुक्त कर दिया था।
हैड कांस्टेबल सिंघम मामले की जांच करेगी एसआईटी
पानीपत पुलिस के हैड कांस्टेबल आशीष कुमार में करीब 1 महीने पहले Home minister अनिल विज के जनता दरबार ( home minister Anil Vij Janata Darbar ) में पहुंच कर उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं। उनकी जांच के लिए किसी दूसरे जिले के अधिकारियों के SIT गठित कर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की थी। जिसकी गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री अनिल विज ने निष्पक्ष जांच करवाने के लिए करनाल जिले के तीन अधिकारियों की एसआईटी का गठन करने के आदेश दिए थे। सेवामुक्त हेड कस्टमर आशीष कुमार उर्फ सिंघम ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर जनता से गुहार लगाई है कि जो भी लोग उस दिन वारदात पर मौजूद थे। वो एसआईटी के सामने आकर अपने बयान दर्ज करवाएं ताकि सच्चाई को सामने लाया जा सके।
पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर से किया था गिरफ्तार
हैड कांस्टेबल आशीष ने FIR की कापी निकलवाई और फेसबुक पेज पर लाइव आकर उसने 9 फरवरी को दोपहर 12 बजे SP कार्यालय में गिरफ्तारी देने की सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने 10 बजे ही पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर से उसे अर्धनग्न अवस्था में गिरफ्तार कर लिया था। इसको लेकर हंगामा भी हुआ था और लोग उनके समर्थन में आ गए थे। कोर्ट ने सभी पहलुओं को सुनने के बाद आशीष को जेल भेजा दिया था। 7 दिन बाद दोबारा याचिका लगाई तो वह मंजूर हो गई और जेल के बाहर उनके समर्थन में भारी संख्या में लोग पहुंचे और मालाएं पहनाकर स्वागत किया।
करनाल जिले के अधिकारियों की एसआईटी करेगी जांच
हरियाणा के पानीपत जिले के चर्चित रहे हेड कॉन्स्टेबल आशीष कुमार और ASI मुकेश त्यागी के बीच कथित रिश्वत को लेकर हुई मारपीट मामले में SIT गठित की गई है। गृह मंत्री अनिल विज के आदेशानुसार DSP घरौंडा, SHO घरौंडा और SHO मधुवन को SIT में शामिल किया गया है, जो अब पूरे प्रकरण की जांच करेगी।
भ्रष्टाचार का खुलासा किया तो एसपी ने किया सेवामुक्त
गौरतलब है कि 2 फरवरी को आशीष ने शहर में TDI पुल के पास कुछ पुलिसकर्मियों और निजी वाहन चालकों की वीडियो बनाई थी, जिसमें आशीष ने वहां पर तैनात पुलिसकर्मियों पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था। इसी बात पर वहां तैनात ASI त्यागी और हैड कांस्टेबल आशीष में सड़क पर ही हाथापाई हो गई थी। इसकी वीडियो भी आशीष ने बनाकर वायरल की थी। जोकि खुब वायरल हुई थी। इस मामले में पानीपत SP शशांक कुमार सावन करीब 20 दिन पहले आशीष को तत्काल प्रभाव से नौकरी से सेवामुक्त करने के आदेश जारी कर दिए थे। आशीष कुमार का आरोप है कि वो निडर होकर निष्पक्ष होकर अपनी ड्यूटी करता था और जो कर्मचारी भ्रष्टाचार करके पुलिस की छवि को जनता की नजरों में धूमिल करने का काम कर रहे थे उनकी सच्चाई सरकार व प्रशासन के सामने लाने के लिए वो वीडियो बनाता था। लेकिन भ्रष्टाचार ने पुलिस महकमे की जड़ें इतनी कमजोर कर रखी है कि उसको भी आरोपी बनाकर पेश कर दिया और ड्यूटी से सेवामुक्त करने का फरमान सुना दिया।
डीएसपी साहब कहां हो, डीएसपी साहब कहां हो , वीडियो वायरल
जब हमने सोशल मीडिया पर आशीष कुमार से जुड़ी कुछ वीडियो खंगाली तो सामने आया कि टोल प्लाजा ऊपर फ्री में टोल गेट पास करने के लिए कुछ अधिकारियों के बच्चे और परिजन अधिकारी एक डुप्लीकेट आई डी कार्ड का प्रयोग करते थे। उसने तुरंत उनको पकड़ा और ऐसा करने वाले अधिकारियों को नसीहत देकर कार्ड को जब कर लिया। उनमें से पानीपत जेल में डीएसपी के पद पर कार्यरत के बेटे का वीडियो भी सामने आया जो अपने दोस्त के साथ गाड़ी में सवार होकर कहीं जा रहा था और अपने पिता के आई कार्ड के सारे टोल पास करना चाहता था तो आशीष कुमार ने उसे पकड़ लिया और उसके पापा के बारे में पूछा तो उसने कहा गाड़ी में है। कुमार ने पूरी गाड़ी की तलाशी ली और कहा कि डीएसपी साहब कहां हो, डीएसपी साहब कहां हो, डीएसपी साहब सब कहां हो, लेकिन अंदर नहीं तो कोई डीएसपी था और ना ही पकड़े गए युवकों का पिता। उनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो युवक ने बताया कि उसके पिता पानीपत जेल में बीएसपी के पद पर कार्यरत हैं। युवक ने फोन पर एक व्यक्ति से आशीष कुमार की बात करवाई तो फोन पर बात करने वाले ने खुद को पानीपत जेल का डीएसपी बताया हेड कांस्टेबल आशीष कुमार ने कहा कि साहब अब ऐसी गलती मत करो अगर भविष्य में ऐसी गलती की तो जिस जेल में आप डीएसपी हैं, कहीं उसी जेल में सलाखों के पीछे बंद ना होना पड़ जाए। स्त्री की एक नहीं अनेकों वीडियो आशीष कुमार ने पहले से ही सोशल मीडिया पर अपलोड की हुई है।
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