पत्नी की चौधर पर चौधर करने वाले पतियों पर सीएम मनोहर लाल का मास्टर स्ट्रोक , जिला परिषद चेयरमैन की बैठक से निकाला बाहर !
तहलका न्यूज, चंडीगढ़
चंडीगढ़ स्थित हरियाणा भवन में सोमवार को हरियाणा के सभी 22 जिला परिषद चेयरमैनों की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ पंचायत मंत्री सहित पंचायत विभाग से जुड़े अधिकारी प्रधान सचिव सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में जिला परिषद की जिन महिलाओं को चेयरमैन की कमान सौंपी गई है उनके पति भी इस बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उनको देखकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जोर का झटका धीरे से देते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया।
महिला चेयरपर्सन के पतियों को साथ देख उखड़े मुख्यमंत्री
जैसे ही हरियाणा भवन में जिला परिषद चेयरमैन की बैठक शुरू हुई तो मुख्यमंत्री ने देखा कि इस बैठक में महिला चेयरपर्सन के साथ उनके पति भी बैठक में शामिल होने के लिए आए हुए हैं इस बात को लेकर मुख्यमंत्री उखड़ गए और उन्होंने बिना लोगों के निशाने पर आई थी सीधा महिलाओं से सवाल कर दिया कि क्या आप चाहती हैं कि इस बैठक में आपके पति भी आपके साथ मौजूद रहे। सभी महिलाओं ने एक सुर में जवाब देते हुए कहा कि नहीं। वो पढ़ी-लिखी हैं और अपने बुद्धि विवेक से अपने फैसले लेने में सक्षम भी हैं। तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इशारा किया। तो सभी अपनी पत्नियों के नाम पर चौधर करने वाले पति इस बैठक से बाहर निकल गए। दोपहर बाद भी मुख्यमंत्री की जिला परिषद चेयरमैन व जिला परिषद के सीईओ के बीच बैठक हुई, इस बैठक से भी महिला चेयरपर्सनों के प्रति नदारद दिखे।
महिलाओं ने कहा कि जब पंचायती राज एक्ट में सरकार ने 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया है और वह सभी पढ़ी लिखी हैं तो वह खुद अपनी बात रखेंगी। इसके बाद महिला चेयरमैनों के पति बैठक से बाहर निकल गए। इस बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली समेत मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर और पंचायत विभाग के एसीएस अनिल मलिक मौजूद रहे।
हरियाणा पंचायती राज एक्ट के तहत महिलाओं को चुनाव लड़ने के लिए 50% आरक्षण दिया हुआ है। दो योजनाओं से पढ़ी लिखी महिलाएं ही चुनाव जीतकर आ रही हैं। हाल ही में संपन्न हुई पंचायत चुनाव में प्रदेश की 22 जिला परिषद सदस्यों के चुनाव में भी महिलाओं की भागेदारी पुरुषों के बराबर है। महिलाओं के लिए आरक्षित जिलों में जिला परिषद के चेयरमैन की कमान महिलाओं को सौंपी गई है। अपनी पत्नियों के पद के नाम पर पुरुष चौधर करते हैं। आज भी काफी लोग महिलाओं को चोला चौकां और घरेलू काम तक ही सीमित समझते हैं। आज की पढ़ी-लिखी महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है।
पूरे world में 8 मार्च को international women day मनाया जाता है और इससे पहले Haryana chief minister Manohar Lal Khattar द्वारा अपनी पत्नियों के नाम पर तो दूर करने वाला पुरुषों को यह बड़ी नसीहत दी गई है। इस बैठक से मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि जिसके पास जो भी पद है उस पर वही काबिज होगा और वही काम करेगा। उन्होंने साफ कर दिया कि अब पहले की तरह नहीं चलेगा की सरपंच, चेयरपर्सन पत्नियां बने और उनके नाम पर उनके पति या अन्य परिजन चौधर करते दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसके पास जो पद है वही उसका सही मायने में जिम्मेवार है और उसी को सभी फैसले लेने का हक है। तो महिला चेयरपर्सन ने कहा कि वो पढ़ी लिखी हैं और वो सरकार व जनता के सामने अपनी बात रखने की भी हिम्मत रखती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह से हम में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया है तभी मिलेगा जब वह खुद अपने पद का सदुपयोग करते हुए सभी बातों को समझ कर सरकार को जवाब पेश करेंगी।
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सरपंच एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से बातचीत करते हुए जो मांगे इस प्रकार से हैं। विस्तार पूर्वक मांगों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

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