जींद जिले के दो सरपंचों के होली के रंग पड़े फीके, मार्कशीट मिली फर्जी, नोटिस जारी !
latest news haryana Holi colors of two sarpanches of Jind district faded, marksheets found fake
जिस मार्कशीट से लड़ा पंचायत चुनाव वो निकली फर्जी
तहलका न्यूज, जींद / सुनील कोहाड़
सन 2016 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान हरियाणा सरकार ने पंचायती राज एक्ट में संशोधन करते हुए पढ़े लिखे लोगों को ही चुनाव लड़ने का मौका दिया था। उसके बाद से गांव की सरकार पढ़ी-लिखी हो गई थी। लेकिन हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में जींद जिले के 2 गांव के सरपंचों की मार्कशीट फर्जी पाई गई है इसको लेकर नोटिस जारी किया गया है। गंगोली गांव के सरपंच के साथ साथ थुआ गांव के सरपंच को भी नोटिस जारी किया गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते मार्कशीट को बताया था फर्जी
2 नवंबर 2022 को जींद जिले में हुए पंचायत चुनाव को लेकर कुछ लोगों ने जिला उपायुक्त से शिकायत की थी कि जो उम्मीदवार हाल ही में पंचायत चुनाव जीते हैं। उनमें काफी लोगों की मार्कशीट फर्जी बताई गई। इन शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए संबंधित एसडीएम को जांच के आदेश दिए थे। गांगोली गांव के महेंद्र ने जिला प्रशासन को शिकायत दी थी कि नवनिर्वाचित सरपंच फर्जी है और वो फर्जी मार्कशीट के आधार पर ही चुनाव मैदान में उतरा था। जब इसकी जांच की गई तो मार्कशीट फर्जी पाई गई। वहीं दूसरे मामले में थुआ गांव के सुरेश ने ग्रामीणों के साथ मिलकर शिकायत दी थी कि उनके गांव के सरपंच राजेश की भी मार्कशीट फर्जी है। चुनाव के दौरान राजेश ने जो मार्कशीट लगाई थी वो दसवीं कक्षा की हरियाणा बोर्ड से ना होकर से पंजाब बोर्ड की है। जब प्रशासन ने इसकी जानकारी पंजाब बोर्ड से मांगी तो पंजाब बोर्ड ने ऐसी कोई भी जारी करने की बात से मना कर दिया।
क्या कहते हैं जिला उपायुक्त
इस संबंध में जिला उपायुक्त मनोज कुमार ने बताया कि गांगोली गांव के सरपंच कृष्ण की मार्कशीट पहले फर्जी पाई जाती है और अब थोड़ा गांव के सरपंच राजेश कुमार की मार्कशीट भी फर्जी पाई गई है दोनों को अंतिम नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। हरियाणा सरकार से जिला प्रशासन ने जानकारी मांगी हैं कि चुनाव लड़ने के लिए किन किन शिक्षा बोर्डों की मार्कशीट को मान्यता दी गई है। वहीं अन्य सरपंच चुनाव लड़ने वाले प्रतिनिधियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

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