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महाराष्ट्र ठाकरे शिंदे गुटों में घमासान : शिंदे गुट का विधानसभा में शिवसेना के दफ्तर पर कब्जा, उद्धव बोले ठाकरे नाम कोई नहीं छीन सकता !

 New Delhi Mumbai news Shinde faction captures Shiv Sena office in Vidhansabha, Uddhav says no one can take away Thackeray's name


महाराष्ट्र राजनीति महासंग्राम उद्धव ठाकरे की ललकार, जनता नहीं जागी तो 2024 लोकसभा चुनाव के बाद शुरू होगा तानाशाही राज ।

तहलका न्यूज मुम्बई


उद्धव ठाकरे से बागी हुए शिंदे गुट के विधायकों पार्टी नाम और चुनाव चिन्ह पर कब्जा मिलने के बाद सोमवार को घुटने विधानसभा में स्पीकर से मिलकर शिवसेना के कार्यालय पर भी दावा ठोकते हुए कब्जे में ले लिया है। उधर चुनावों के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन सुनाई के लिए दायर की गई याचिका को अदालत ने खारिज करते हुए कहा कि इसकी एक परियां होती हैं उसी के तहत उसकी सुनवाई संभव हो सकती है।








2024 का लोकसभा चुनाव देश के इतिहास में आखिरी लोकसभा चुनाव होगा - उद्धव ठाकरे 

उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारी पार्टी और चुनाव चिन्ह छीन लिए गए हैं, लेकिन वह ठाकरे नाम हमसे कोई नहीं छीन सकता। उन्होंने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव देश के इतिहास में आखिरी लोकसभा चुनाव होगा। क्योंकि इसके बाद तानाशाही अपनी सीमा पर पहुंच चुकी होगी। इसलिए चुनाव को समय रहते भंग कर देना चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त का चुनाव भी जनता के द्वारा किया जाना चाहिए ताकि दबाव में आकर कोई निर्णय ना ले सके। 







उद्धव ठाकरे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई करने से इंकार 

उद्धव ने कहा चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। महाराष्ट्र में जो कुछ चल रहा है अगर उसे नहीं रोका गया तो 2024 का लोकसभा चुनाव देश का आखिरी चुनाव हो सकता है। इसके बाद यहां तानाशाही चलेगी। उधर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शिवसेना का नाम-निशान शिंदे गुट को देने के खिलाफ उद्धव गुट के द्वारा दायर की गई याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने फिर से याचिका दाखिल करने के लिए कहा है।










विधानसभा में शिवसेना कार्यालय पर शिंदे गुट ने किया कब्जा

शिंदे गुट के मुख्य सचेतक भरत गोगावले अन्य विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे, यहां उन्होंने स्पीकर राहुल नार्वेकर से मुलाकात की। शिंदे गुट के विधायक बोले कि वो भवन पर दावेदारी जताने नहीं बल्कि पार्टी आफिस को वो मंदिर मानते हैं और इसकी पूजा करते हैं। शिंदे गुट के नेता सदा सर्वंकर ने कहा कि हम किसी प्रॉपर्टी पर ध्यान नहीं लगा रहे हैं। न सिर्फ सेना भवन, बल्कि हमारे लिए पार्टी की हर शाखा एक मंदिर की तरह है।​​​​​​







शिवसेना के संशोधित संविधान में पार्टी अध्यक्ष को सारे अधिकार - उद्धव गुट

उद्धव गुट की याचिका में कहा गया कि चुनाव आयोग ने विवाद के निपटारा करने के लिए पार्टी के 1999 के संविधान को आधार बनाया है। जबकि बालासाहेब ठाकरे ने 2018 में पार्टी के संविधान में संशोधन कर दिया था। 2018 के संविधान के मुताबिक शिवसेना अध्यक्ष पार्टी में सर्वोच्च रहेंगे और उनका निर्णय पर निर्भर करेगा कि किसको पार्टी से निकालना है और किसको शामिल करना है। पार्टी की बैठक करना, संगठन में बदलाव इत्यादि फैसले लेने का का आखिरी अधिकार पार्टी अध्यक्ष का ही होगा।










पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह का फैसले की डिल दो हजार करोड़ रुपए में हुई - ठाकरे गुट

उद्धव बाला साहेब ठाकरे के करीबी नेता संजय राउत ने दावा किया है कि शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न तीर कमान को खरीदने के लिए 2000 करोड़ रुपए में डिल की गई है। राउत ने रविवार काे सोशल मीडिया में लिखा था कि 2,000 करोड़ रुपए एक शुरुआती आंकड़ा है और यह पूरी तरह सच है। राउत ने कहा कि सत्तारूढ़ दल के करीबी एक बिल्डर ने ये जानकारी साझा की है। इसका खुलासा वे जल्द करेंगे। वहीं राउत के इस बयान पर CM एकनाथ शिंदे गुट के विधायक सदा सर्वंकर ने पूछा कि क्या उस डील के कैशियर संजय राउत हैं ?













चुनाव आयोग ने फैसला करते समय 2018 के संशोधित संविधान को अनदेखा किया 

1999 के पार्टी के संविधान के अनुसार पार्टी अध्यक्ष के पास इस तरह की कोई पावर नहीं थी। उद्धव गुट ने कहा कि चुनाव आयोग ने 2018 के संविधान को रिकॉर्ड पर रखने का समय नहीं दिया। साथ ही कहा कि पार्टी का अधिकांश कैडर और कार्यकर्ता उद्धव ठाकरे के साथ हैं। चुनाव आयोग ने फैसला लेते वक्त नए संविधान को अनदेखा कर दिया । वहीं ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की सुनवाई पूरी होने तक चुनाव आयोग के इस फैसले पर रोक लगाने की मांग की है।









हमारा पार्टी चुनाव चिन्ह तीर कमान चोरी हो गया - उद्धव ठाकरे 

उद्धव ठाकरे ने शनिवार को अपने समर्थकों से कहा था कि गली-गली में जाकर लोगों को बताइए कि पार्टी का चुनाव चिह्न ‘तीर-कमान’ चोरी हो गया है। CM एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि चोर को सबक सिखाने की जरूरत है। वह पकड़ा गया है। मैं चोर को तीर-कमान लेकर मैदान में आने की चुनौती देता हूं और हम एक जलती हुई मशाल से उसका मुकाबला करेंगे।











जंग का ऐलान हो चुका है, मर्द हो तो तुम तीर कमान लेकर आओ, हम मसाल लेकर आ रहे हैं - उद्धव ठाकरे 

उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि जब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र आएंगे तो उन्हें बालासाहेब ठाकरे के नाम की जरूरत पड़ेगी और उनका मास पहनना पड़ेगा लेकिन वह घर घर जाकर यह बताएंगे कि उनके साथ किस तरीके से धोखा किया गया है और महाराष्ट्र की जनता जानती है कि कौन असली और कौन नकली होकर भी असली होने का ढोंग कर रहा है। उद्धव ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह असली मर्द है तो धनुष बाण लेकर वह मैदान में आए और वह मशाल लेकर मैदान में उतरेंगे अब जंग का ऐलान हो चुका है वह किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। 









उद्धव ठाकरे के आवास पर उमड़े समर्थक 

अपने समर्थकों से धैर्य रखने और अगले चुनावों की तैयारी करने को कहा। ठाकरे यहां बांद्रा स्थित अपने आवास मातोश्री के बाहर पार्टी नेताओं की बैठक की अध्यक्षता करने से पहले अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। बड़ी संख्या में ठाकरे के समर्थक मातोश्री के बाहर जमा हुए और एकनाथ शिंदे के खिलाफ और ठाकरे के समर्थन में नारे लगाए।












 जब कोई पार्टी टूटती है तो 90 लोग गुट का देते हैं साथ - सांसद नवनीत राणा  

अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि जो राम का नहीं, हनुमान का नहीं, वो किसी काम का नहीं। एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए नवणीत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को जमीनी स्तर का नेता बताया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक बार जब कोई पार्टी टूट जाती है, तो पार्टी से जुड़े 90% लोग नए गुट के साथ चले जाते हैं और EC को नए गुट को पार्टी का नाम और चिन्ह देना पड़ता है। जबकि शिंदे जमीनी स्तर पर बाल ठाकरे के साथ रहे हैं। वे पूरी तरह से शिवसेना के निशान और उसकी विरासत के हकदार हैं। 









मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताई बाला साहेब ठाकरे और अंबेडकर के संविधान की जीत 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चुनाव आयोग के फैसले पर कहा यह हमारे कार्यकर्ताओं, सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों और शिवसैनिकों सहित बालासाहेब और आनंद दीघे की विचारधारा की जीत है। उन्होंने कहा कि देश बाबा साहेब और अंबेडकर के द्वारा तैयार किए गए संविधान से चलता है। हमने उसी संविधान के मुताबिक अपनी सरकार बनाई। चुनाव आयोग का आज जो आदेश आया है, वह मेरिट के आधार पर आया है। मैं चुनाव आयोग का आभार व्यक्त करता हूं।











ठाकरे होंगे कंगाल तो शिंदे होंगे मालामाल 

अगर चुनाव आयोग का फैसला लागू  हुआ तो शिवसेना की सभी संपत्तियां उद्धव ठाकरे के हाथ से निकल जाएंगी। ADR के आंकड़ों के अनुसार 2020 में शिवसेना के पास 148.46 करोड़ की FD थी और 186 करोड़ की अचल संपत्ति है। अब शिंदे गुट असली शिवसेना के रूप में जिसे कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपेगा, उसके हस्ताक्षर को पार्टी की तरफ से वित्तीय लेन-देन के लिए मान्यता मिलेगी। महाराष्ट्र के अनेक शहरों में 82 शिवसेना के कार्यालय हैं।

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