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रोहतक में हुए बम धमाकों में आरोपित अब्दुल करीम टुंडा बरी, पुलिस पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई !

 Haryana news Abdul Karim Tunda acquitted in the bomb blasts in Rohtak

चश्मदीद गवाह पेश करने में जांच एजेंसी रही नाकाम !

तहलका न्यूज रोहतक


26 साल पहले रोहतक में सिलसिलेवार तरीके से हुए दो बम धमाकों में कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुख्यात आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा के खिलाफ मामला दर्ज किया था 26 साल तक चले केस की सुनवाई करते हुए अदालत ने शुक्रवार को केस का फैसला सुनाते हुए अब्दुल करीम टुंडा को बरी कर दिया। वहीं इस मामले में पहले ही उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद आमिर खान भी बरी हो चुका है।













शुक्रवार को अदालत में शहर में सिलसिलेवार तरीके से 26 साल पुराने बम धमाके के केस में फैसला सुना दिया है। आरोपित कुख्यात आतंकी अब्दुल करीम टुंडा सेंट्रल जेल अजमेर से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में हाजिर हुआ। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी कोई भी पुख्ता सबूत व कोई चश्मदीद गवाह अदालत में पेश नहीं कर सके जो आरोपित को पहचान पहचान कर सकें। अदालत ने गवाह व सबूतों के आभाव में आरोपित को बरी करने के आदेश दिए। पिछले 10 साल से जांच एजेंसी अब्दुल करीम टुंडा को 26 साल पुराने केस में आरोपित के तौर पर प्रस्तुत कर रही थी। केस की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सेशन जज की अदालत ने टुंडा को बरी करने का आदेश दिया है। जिस समय ये बम धमाके हुए थे उस समय पूरा हरियाणा दहशत में डूबे रोहतक की ही हर तरफ चर्चा रही। जांच एजेंसी ने भी इस मामले में सबूत इकट्ठा करने के लिए काफी हाथ-पैर मारे। लेकिन वो अदालत में आरोप सिद्ध करने में नाकाम साबित हुई। क्योंकि शहर में हुए बम धमाकों के आरोपी को किसी भी व्यक्ति ने नहीं देखा और ना ही कोई गवाही देने के लिए आगे आया। 










अब्दुल करीम टुंडा के वकील विनीत वर्मा ने बताया कि बम धमाके के आरोपित अब्दुल करीम टुंडा को अदालत ने बरी कर दिया है। जांच एजेंसी इस मामले में कोई पुख्ता सबूत या गवाह पेश नहीं कर पाई। जांच एजेंसी द्वारा पिछले 10 साल से उसे आरोपित बनाकर अदालत में पेश किया जाता रहा है।










बता दें कि सन् 1997 में रोहतक शहर के किला रोड़ पर व पुरानी सब्जी मंडी में सिलसिलेवार तरीके से दो बम धमाके हुए थे। जिसमें कई लोग घायल हो गए थे, लेकिन किसी ने भी आरोपित को नहीं देखा था। इसी का फायदा उठाकर कुख्यात आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा अदालत से बरी हो गया। 







गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुआ निवासी 80 वर्षीय अब्दुल करीम टुंडा को पुलिस ने 26 अक्तूबर 2013 को सोनीपत से प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। शुक्रवार को अजमेर जेल से इस केस में अंतिम बार वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेश हुआ। इस केस में बरी होने वाला यह दूसरा आरोपी है। इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के हापुड़ का ही मोहम्मद आमिर खान बरी हो चुका है। बम धमाकों के मामले में पुलिस ने दो केस दर्ज किए थे। इसमें एफआईआर नंबर 71 में कुल 18 व एफआईआर नंबर 54 में कुल 34 गवाह अदालत में पेश हुए। इनमें भीड़ में शामिल लोग व पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। इस केस की सुनवाई के दौरान करीब छह न्यायाधीशों के सामने 69 तारीखों के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी अपनी दलीलें अदालत में पेश की।

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