गरीब परिवारों के सपने अब होंगे साकार, घर बना हुआ सस्ता !
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Tahalka News ews Haryana
तोशाम क्षेत्र में खानक पहाड़ चालू होने के बाद स्टोन डस्ट के दामों में 200 रुपये और रोड़ी के दामों में 300 रुपये प्रति टन की गिरावट दर्ज हुई है। इससे आम लोगों के घर बनाने के सपने को पंख लग जाएंगे। क्योंकि दामों में गिरावट होने से बड़ी राहत मिली है। वहीं बंद पड़े निर्माण कार्यों ने भी तेजी पकड़ ली है।
तोशाम के खानक में खनन कार्य शुरू होने से क्षेत्र में स्टोन क्रेशर में काम तेजी से किया जा रहा है। जिसके कारण डस्ट और बजरी के रेटो में भारी गिरावट दर्ज की गई है। घर बनाने का सपना देख रहे हैं लोग भी अब धड़ेले से अपने सपने को साकार करने में जुट गए हैं। क्योंकि इस महंगाई के दौर में हर कोई एक-एक पैसा बड़ी मुश्किल से जोड़ता है और अपने सर पर छत बनाने का सपना सुंदरी हुए हैं। एक-एक पैसा बड़ी मुश्किल से बचत करके अपने परिवार का गुजर बसर करते हैं। स्टोन डस्ट और रोड़ी सस्ती होने से जिले भर के अलावा आसपास के जिले में भी भवन निर्माण सामग्री का मिलना आसान हो गया है।
पिछले साल खनक में पहाड़ गिरने से कई मजदूरों की मौत हो गई थी और काफी मशीन क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसके बाद ग्रेप के आदेशों के बाद खानक पहाड़ में खनन कार्य बंद हो गया था। जिसके बाद क्रशरों पर भी रोड़ी के साथ स्टोन डस्ट का उत्पादन ठप हो गया। जिसके बाद डस्ट और रोड़ी के दामों में भारी बढ़ोतरी हो गई थी। वही पहाड़ पर खनन का कार्य बंद होने से स्थानीय स्टोन क्रेशरों कार्य में तो कार्य बंद होने से वहां पर काम कर रहे मजदूर और डंपर चालक भी बेरोजगार हो गए थे। इसके बाद स्टोन डस्ट के दाम 900 रुपये प्रति टन तक पहुंच गए थे, जबकि रोड़ी के भाव भी 900 रुपये प्रति टन हो गए थे। जबकि कई क्रशरों पर तो स्टॉक ही खाली हो गया था। जिससे निर्माण सामग्री को लेकर भी काफी मारामारी बढ़ गई थी। वहीं इनके दाम भी आसमान छूने लग गए थे।
स्टोन क्रेशर डस्ट बजरी के रेट
ग्रेप की हिदायतों के बाद खानक पहाड़ में खनन शुरू हुआ तो क्रशरों का शोरगुल भी सुनाई देने लगा। जिससे भवन निर्माण सामग्री के दामों में काफी गिरावट आई है। अब स्टोन क्रशरों पर स्टोन डस्ट 650 रुपये प्रति टन तो रोड़ी 600 रुपये प्रति टन के हिसाब से बिक रही है।
स्थानीय लोगों को मिला रोजगार, लाइन के होटलों की बल्ले बल्ले
पहाड़ों पर कार्य शुरू होने से लेकिन अब स्थानीय लोगों को भी काम मिल गया है और वह बिना किसी रोक-टोक के कार्य कर रहे हैं। आसपास के लोग जो डंपर व इससे जुड़े अन्य संसाधन लिए हुए हैं उनके काम को भी चार चांद लग गए हैं। पहाड़ पर खनन शुरू होने से डंपरों की आवाजाही बढ़ गई है जिससे लाइन के होटलों के काम में काफी इजाफा हुआ है।
डस्ट और बजरी के रेटों में इतनी गिरावट दर्ज
खानक में पत्थर की आपूर्ति होने से करीब 250 स्टोन क्रशरों पर उत्पादन भी बढ़ा है। इसके बाद 900 रुपये प्रति टन से घटकर स्टोन डस्ट अब 650 रुपये प्रति टन तक बिक रहा है। वहीं रोड़ी के दामों में भी 900 से घटकर 600 रुपये प्रति टन तक गिरावट आई है।
ग्रामीण मजदूरों व राज मिस्त्रियों को मिलेगा लाभ
हरियाणा में खनन कार्य शुरू होने से गांव में रहने वाले गरीब मजदूर राज मिस्त्रियों को तो आसपास के क्षेत्र में काम मिलेगा ही। साथ ही गरीब मजदूर आदमी जो अपने सर पर छत बनाने का सपना संजोए हुए थे अब उनके भी सपने साकार होते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा डस्ट और बजरी के रेट बढ़ने से काफी सरकारी कार्य अधर में लटके हुए थे। अब वो भी रफ्तार पकड़ जाएंगे।
पिछले साल नव वर्ष पर हुआ था डाडम जोन में बड़ा हादसा।
पिछले साल नव वर्ष का जब जश्न मनाया जा रहा था तो तोशाम क्षेत्र में पहाड़ दरकने से बड़ा हादसा हो गया था। जिसके बाद डाडम जोन सहित खानक में खनन कार्य पर रोक लगा दी गई थी। 1 साल बीत जाने के बाद भी डाडम जोन में कार्य शुरू नहीं हुआ है। अगर इस जोन में कार्य शुरू होता है तो भवन निर्माण सामग्री के रेटों में और भी गिरावट दर्ज हो सकती है इसके अलावा पूरे प्रदेश में इसकी सप्लाई आसानी से संभव हो पाएगी।
स्टोन क्रेशर के संचालक टींकू ने बताया कि स्टोन क्रॅशरों पर पत्थर की आपूर्ति नियमित होने की वजह से स्टोन डस्ट के भावों में गिरावट आई है। स्टोन डस्ट 650 और रोडी 600 रुपये प्रति टन के हिसाब से बिक रही है। पत्थर की आपूर्ति और स्टोन क्रशर बंद होने से ये भाव 900 रुपये प्रति टन तक पहुंच गए थे। अब लोगों को दाम नीचे आने से काफी राहत मिलेगी।

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