पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के खिलाफ हिसार के सरपंचों ने खोला मोर्चा , हांसी के सरपंच दे रहे हैं धरना !
फतेहाबाद के बाद हिसार के सरपंच उतरे मैदान में
हिसार : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
हरियाणा के पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के कड़े तेवरों के बाद सरपंचों ने मंत्री के खिलाफ बिगुल बजा दिया है। सरपंचों का साफ तौर पर कहना है कि अगर पंचायत मंत्री ने सार्वजनिक रूप से सरपंचों से माफी नहीं मांगी और अपने रवैये में सुधार नहीं किया तो वह उनका हर जगह विरोध करना शुरू कर देंगे। इसको लेकर हिसार खंड के करीब 20 गांव के सरपंच ने एक बैठक कर पंचायत मंत्री के खिलाफ आवाज बुलंद की।
हिसार खंडके कई 20 गांव के सरपंच की एक बैठक पंचायत कार्यालय में हुई जिसमें पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली और सरपंचों के बीच चली आ रही खींचतान को लेकर चर्चा की गई साथ ही फतेहाबाद जिले के नाढ़ोड़ी गांव के सरपंच के समर्थन करने का फैसला किया। सभी सरपंचों ने एक सुर में कहा कि गांव में ई-टेंडरिंग को किसी भी सूट में लागू नहीं होने दिया जाएगा। क्योंकि मंत्री और ठेकेदार गांव के विकास के पैसे को लूटना चाहते हैं और वह ऐसा कभी नहीं होने देंगे क्योंकि गांव में छोटे-छोटे विकास कार्य होते हैं और यह विकास कार्य ई-टेंडरिंग के माध्यम से संभव नहीं है। सरपंचों ने कहा कि इसको लेकर टोहाना में एक बैठक कर आगामी रणनीति तय की जाएगी।
नाढ़ोडी में पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने गांव के मौजूदा सरपंच को खुले मंच से चेतावनी दी और कहा कि सरपंच बनने का मतलब यह नहीं कि गुंडागर्दी का लाइसेंस मिल गया। मंत्री के बयान के बाद गांव के सरपंच नरेंद्र भी सामने आ गया। सरपंच ने डीसी को मांग पत्र सौंपा। उस पर अपमानित करने का आरोप लगाए और अपने शब्दों के लिए माफी मांगने की बात कही।
उन्होंने कहा कि पंचायत मंत्री सरपंचों का अपमान कर रहे हैं। सरपंचों को डराने, धमकाने, दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दो सालों से जो काम अफसरों और मंत्रियों ने विकास कार्य करवाए हैं उनकी जांच कराई जाए। ई-टेंडिरंग का सिस्टम गांवों के लिए ठीक नहीं है। सरपंचों ने कहा कि टोहाना में मीटिंग करेंगे, जिसमें कमेटी का गठन करेंगे। तब हम इन्हें ताकत दिखाएंगे।
हांसी में ई टेंडरिंग के खिलाफ धरना जारी है। ग्राम पंचायतों में दो लाख से अधिक के कार्यों के लिए ई-टेंडर करवाने के सरकार के निर्णय के खिलाफ हांसी सरपंच एसोसिएशन का धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। सरपंच दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक धरने पर बैठे रहे। सरपंचों ने 15 दिन में निर्णय वापस नहीं लेने पर बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
गांव शेखपुरा के सरपंच प्रदीप लादी ने कहा कि पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली सरपंचों का गांव में भाईचारा खराब करने पर तुले हैं। मगर हम उनके मंसूबों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। चुनाव के समय हमने जनता से बड़े-बड़े वायदे किए थे, मगर अब सरकार ने हमारे हाथों से पावर छीन ली है। अब गांवों में विकास कार्य कैसे करवाएंगे। जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक हम हर रोज धरने पर बैठेंगे। इस दौरान प्रेमनगर से सरपंच अरविंद कटारिया, श्याम खांडा, जितेंद्र गुज्जर, पवन सरपंच, रविंद्र सैनीपुरा, रामचंद्र सोरखी, संदीप धर्मपुरा, अनूप ढाणी कुम्हारन, सोनू घोडेला कुलाना आदि मौजूद थे।
सरपंचों का कार्यकाल शुरू होते हैं सरपंच और पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली में खींचतान शुरू हो गई है इसको लेकर हिसार फतेहाबाद सोनीपत से जींद सहित प्रदेश के अन्य जिलों में सरपंचों ने पंचायत मंत्री के सामने अपनी बात रखनी चाहिए तो पंचायत मंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सरपंचों को चेतावनी दी कि वहां पर पैसा कमाने के लिए नहीं बल्कि गांव के विकास करवाने के लिए सरपंच बने हैं। अगर इसी नहीं गांव के विकास में किसी भी प्रकार का कोई रोड़ा अटका ना चाहा तो गांव में रि काल इलेक्शन करवा दिया जाएगा।
Sarpanchs of Hisar opened a front against Panchayat Minister Devendra Babli, Sarpanchs of Hansi are protesting, tohana mein manaenge Sarpanch Panchayat mantri ke khilaf nahin ranniti, Panchayat mantri ne re-call election karvane ki dhamki

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