दुल्हे को ब्याह कर अपने घर ले आई नरवाना की छोरी लडक़ी अपने माता पिता की ईकलौती संतान, इस मुहिम के तहत हुआ विवाह !
सिरसा : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
बदलते जमाने के साथ साथ आज के युवाओं की मानसिकता में भी बदलाव आ रहा है। एक जमाना था जब बेटी को पराई समझा जाता था और लोग माता के गर्भ में ही पता चलने पर कि गर्भ में पल रही बेटी है तो उसका भु्रण गिरवा देते थे। लेकिन अब समाज बदल चुका है। जींद जिले की एक लडक़ी जोकि अपने माता पिता की ईकलौती संतान है उसने दुल्हन बनकर ससुराल जाना पसंद नहीं किया और वो दुल्हे की तरह बारात लेकर दुल्हे को ब्याह कर अपने घर ले आई।
नरवाना क्षेत्र ( NARWANA AREA )के गांव सिंगवाल निवासी मंजू ने बताया कि वो एमएससी पास है और उसका परिवार काफी सालों से डेरा सच्चा सौदा सिरसा ( DERA SACHA SAUDA SIRSA से जुड़ा हुआ है। उसके माता पिता ने कभी ये महसूस नहीं किया कि उनके घर बेटा नहीं बल्कि बेटा है ओर उसे खूब पढ़ाया लिखाया। जब डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां (SANT GURMEET RAM RAHIM SINGH INSAN ) ने बेटियों को बचाने के लिए कुल का क्राउन मुहिम की शुरूआत की तो मंजू इन्सां ने भी ठान लिया कि वो अपने माता पिता का नाम रोशन करेगी और वो कुल का क्राउन ( kul ka kraun ) मुहिम से जुड़ गई।
मंजू ने बताया कि कुल का क्राउन मुहिम के तहत लडक़ी दुल्हन बनकर दुल्हे के घर पर रहने के लिए नहीं जाती। बल्कि अपने माता पिता का वंश आगे बढ़ाने के लिए वो दुल्हे को ब्याह कर अपने घर पर लेकर आती है। उसकी इस मंशा को समझते हुए जींद के विनोद इन्सां ने स्वीकार किया और डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक सांई शाम मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार दिवस के भंडारे पर डेरा मुखी व साध संगत के समक्ष दोनों ने एक दूसरे को वर माला डालकर विवाह रचाया। मंजू की इस बारात में उसके गांव के लोगों सहित तमाम रिस्तेदार मौजूद थे। जो एक लडक़े की बारात में शामिल होते हैं।
मंजू के इस फैसले से उन माता पिता की आंखों को खोलने का काम किया है। जो अपनी बेटियों को अपने ऊपर बोझ समझते हैं। क्योंकि आज के जमाने में घर के वंश को बेटे से नहीं बल्कि बेटी से भी चलाया जा सकता है। मंजू व विनोद का जो बच्चा पैदा होगा उसका गौत्र लडक़े का नहीं बल्कि मंजू का लगेगा और भविष्य में विनोद के सर नेम के आगे भी मंजू का गौत्र ही लगेगा।
इस मुहिम के तहत ही मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार दिवस पर भंडारे में पंजाब की युवती भी बारात लेकर पहुंची और दुल्हे को ब्याह कर अपने घर ले गई। इस दौरान डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर सोसायटी की तरफ से दोनों नवविवाहित जोड़े को पचीस पचीस हजार रुपए का चैक देकर आशीर्वाद दिया।
Haryana >Jind> news>The bride brought the groom to her house, the girl was the only child of her parents, the marriage took place under this campaign


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