फसल अवशेष जलाने में हिसार जिला प्रदेश में अव्वल नंबर पर - हांसी एसडीएम
भूमि की उपजाऊ शक्ति को बचाने के लिए फसल अवशेष ना जलाए किसान : एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह
हांसी,22 अक्टूबर:
रबी फसल की कटाई का कार्य शुरू होते ही उपमंडल प्रशासन भी सक्रिय हो गया है ताकि किसान फसल अवशेषों को न जलाने पाए। एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह अहलावत ने शनिवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों को साथ लेकर उपमंडल के कई गांव का दौरा किया और किसानों से फसल अवशेष न जलाने की अपील की। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे फसल अवशेषों को जलाने की बजाए इसका उपयोग फसल चारे के रूप में करें। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हमें स्वस्थ भूमि जल एवं वायु उपलब्ध करवाई है इन्हें दूषित ने करके हमारा भी कर्तव्य बनता है कि इन प्राकृतिक संपदाओं को आने वाली पीढ़ियों को ज्यों का त्यों को सौंपा जाए।
एसडीएम ने कहा कि धरती की उर्वरा शक्ति को बचाने के लिए फसल अवशेषों को जलाने से रोकना होगा। उन्होंने कहा कि फसलों के अवशेष चलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति तो खत्म होती ही है साथ ही पर्यावरण भी प्रदूषित होता है जिसके परिणाम स्वरूप अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा होती है जिससे देश का विकास बाधित होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पराली न जलाकर राष्ट्र को मजबूत करने में अपना अति महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करें। उन्होंने बताया कि सेटेलाइट के माध्यम से फसल अवशेष जलाने कि हर घटना पर निगरानी रखी जा रही है ताकि इन घटनाओं पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि पराली जलाने कि मामले में हिसार जिला प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में आगे हैं जो चिंता का विषय है अगर हमें आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मुहैया करवा कर लंबी आयु का आशीर्वाद देना तो हर हाल में फसल अवशेष जलाने की प्रवृत्ति को त्यागना होगा। एसडीएम ने कहा कि हांसी उपमंडल के 39 गांव रेड तथा यलो जोन में शामिल हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांव पर लगे रेड तथा यलो जोन के टैग को हटवाकर समाज तथा देश के विकास के लिए आगे आए। एसडीएम ने बताया कि जिस गांव में पराली जलाने की दो घटनाएं होती हैं उसे ग्रीन जोन में, दो से पांच घटना वाले गांव को यलो जोन में तथा 5 से अधिक फसल अवशेष जलाने की घटनाओं वाले गांव को रेड जोन में शामिल किया गया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने पराली से आर्थिक लाभ प्राप्त करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फसल अवशेषों को डी कंपोस्ट करने की विधि बताई तथा मशीनों की भी जानकारी दी जिनसे फसल अवशेषों का अच्छे ढंग से प्रबंधन किया जा सकता हो।
नारनौंद थाना प्रभारी चंद्रभान ने बताया लोगों को साइबर क्राइम से बचने तथा ट्रैफिक नियमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों की आवश्य पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करना चाहिए। ऐसा करके हर वर्ष सैकड़ों कीमती जान बच सकती है।
किसानों ने भी माना कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मानव जीवन को हानि पहुंचती है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मशीनें उपलब्ध करवाने सहित हर संभव सहयोग करेंगे। कई गांव के किसानों ने एसडीएम को आश्वस्त करते हुए कहा कि पराली को जलाने की बजाए पशु चारे के रूप में इसका उपयोग करेंगे और अन्य लोगों को भी फसल अवशेष नहीं जलाने बारे जागरूक करेंगे।
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